ऊना, 5 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में उपमंडल अम्ब एवं गगरेट के विभिन्न संस्थानों में आयुष विभाग की ओर से योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उपमंडल आयुष चिकित्सा अधिकारी, अम्ब (भंजाल) डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक भी बनाया जा रहा है।
इसी क्रम में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नेरियां तथा पुलिस थाना गगरेट में विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं पुलिस कर्मियों को नियमित योगाभ्यास के महत्व तथा उसके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई। योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास भी करवाया गया।
इसके साथ ही, आज(शुक्रवार) को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आईटीआई नेरियां परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश देते हुए पौधे लगाए गए। उपस्थित प्रतिभागियों को प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उपमंडल आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि प्रकृति और मानव स्वास्थ्य का गहरा संबंध है तथा पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा जल एवं ऊर्जा संरक्षण को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियानों के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
इस दौरान डॉ. नरेंद्र, डॉ. इति श्री, डॉ. परमजीत नंदा तथा योग प्रशिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने उपस्थित लोगों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
इसके अलावा डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि आयुष विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून तक विभिन्न कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सामुदायिक स्थलों पर योग, स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता से संबंधित पूर्व गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।