चण्डीगढ़, 22.04.26- : पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट(पीएसएसएम) द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ ऑडिटोरियम में आयोजित चार दिवसीय 'सेठ विज़डम वर्कशॉप' आज हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस आयोजन ने शहरवासियों में जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक परिवर्तन का एक नया संचार किया।
इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य ब्रह्मर्षि पत्रीजी के ध्यान मार्ग और सेठ मास्टर के 'स्वयं की वास्तविकता बनाने' के सिद्धांतों का समन्वय करना था। कार्यक्रम में देशभर से 600 से अधिक 'पिरामिड मास्टर्स' ने हिस्सा लिया। विशेष रूप से 100 से अधिक नए युवाओं की भागीदारी ने यह दर्शाया कि आधुनिक पीढ़ी आत्म-विकास और सचेत जीवनशैली की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है।
अध्यात्म और विज्ञान का संगम: सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को सिखाया गया कि कैसे प्रत्येक व्यक्ति अपने विचारों के माध्यम से अपनी वास्तविकता स्वयं बना सकता है। ब्रह्मर्षि पत्रीजी के बताए 'आनापानसती ध्यान' के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति के प्रयोग कराए गए।
कार्यक्रम केवल ज्ञान तक सीमित नहीं रहा; इसमें पंजाब की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रतिभागियों ने गिद्धा, भांगड़ा और जागो जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों के साथ-साथ संगीत और गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
शाकाहार रैली: समापन दिवस पर सुखना लेक में एक भव्य 'शाकाहार रैली' का आयोजन किया गया। 200 से अधिक मास्टर्स ने इसमें भाग लेकर समाज को करुणामय जीवनशैली का संदेश दिया। रैली के दौरान "शाकाहारी बनें, जानवरों से प्रेम करें, उन्हें न खाएं" जैसे नारों के जरिए जीव-दया का आह्वान किया गया।
चंडीगढ़ पीएसएसएम टीम ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला न केवल ज्ञान और एकता का उत्सव रही, बल्कि इसने प्रेम और प्रकाश के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया।