चंडीगढ़, 13 मार्च-चंडीगढ़ में आयोजित एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा की गई। बैठक के दौरान शहर तथा औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को परिषद के समक्ष रखा गया।

बैठक में सबसे प्रमुख रूप से इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही सीलिंग की कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया। इस विषय पर यह निवेदन किया गया कि जब प्रशासन स्वयं औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर नई नीति बनाने की प्रक्रिया में है और हाल ही में माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया का दौरा कर उद्योग जगत को सकारात्मक आश्वासन दिया गया है, तो ऐसी स्थिति में सीलिंग की कार्रवाई से उद्योगों के बीच भ्रम और भय का माहौल बनता है।

इस पर माननीय राज्यपाल महोदय ने आश्वासन दिया कि नई औद्योगिक नीति बनने तक इंडस्ट्रियल एरिया में किसी भी प्रकार की सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे औद्योगिक समुदाय में राहत और विश्वास का वातावरण बना है।

बैठक के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी परिषद के समक्ष रखे गए, जिनमें मुख्य रूप से:

* इंडस्ट्रियल एरिया में ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशन, रिपेयर, स्पेयर पार्ट्स एवं एक्सेसरीज़ को अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया, क्योंकि यह गतिविधियाँ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और इन्हें SCO या मार्केट में संचालित करना व्यावहारिक नहीं है।

* इंडस्ट्रियल एरिया में CITCO द्वारा आवंटित 484 प्लॉट्स में से 84 फाइलों का कई वर्षों से लंबित रहना भी उठाया गया। यह अनुरोध किया गया कि इन शेष फाइलों को एस्टेट ऑफिस को हस्तांतरित किया जाए ताकि संबंधित प्लॉटों की ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी हो सके।

* चंडीगढ़ में वाहन नंबर रिटेंशन नीति की समीक्षा का सुझाव दिया गया, जिसमें वर्तमान तीन वर्ष की अवधि को कम कर एक वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि नागरिकों को अधिक व्यावहारिक सुविधा मिल सके।

* इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की Need Based Changes Policy (2023) के बिंदु संख्या 22 को उसकी वास्तविक भावना के अनुरूप लागू करने का आग्रह किया गया, जिसमें स्वतंत्र मकानों के पुनर्निर्माण की अनुमति का प्रावधान है, ताकि निवासियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

बैठक में इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

अंत में माननीय राज्यपाल महोदय एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया कि उन्होंने शहर तथा औद्योगिक समुदाय से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना और उन पर सकारात्मक आश्वासन दिया।