ओबीसी वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं का उठाएं लाभ : डॉ. मोहन लाल

ग्राम पंचायत जोल सप्पड़ के गांव सोहरी में ऋण जागरुकता शिविर आयोजित

हमीरपुर 24 फरवरी। हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम कांगड़ा ने मंगलवार को ग्राम पंचायत जोल सप्पड़ के गांव सोहरी में ऋण जागरुकता शिविर आयोजित किया, जिसमें निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन लाल ने कहा कि पिछड़े वर्गों का आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान सुनिश्चित करने तथा इन वर्गों के लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने हेतु निगम की ओर से विभिन्न ऋण एवं स्वरोजगार योजनाएं चलाई जा रही हैं। पात्र लोगों को इन योजनाओं का भरपूर लाभ उठाना चाहिए।
डॉ. मोहन लाल ने बताया कि अपना कारोबार आरंभ करने के इच्छुक पिछड़ा वर्ग के लोगों को रियायती ब्याज दरों पर 10 लाख रुपये तक का टर्म लोन मिल सकता है। इसी प्रकार, इस वर्ग के बच्चों की उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के बीपीएल परिवार की महिलाओं को स्वर्णिमा योजना के तहत एक लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। चिकित्सा क्लीनिक, नर्सिंग होम, लैब, वकील, आर्किटेक्ट, सीए और अन्य सेवाओं के कार्यालय स्थापित करने के लिए भी 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। इन सभी योजनाओं के लिए 3 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले पिछड़ा वर्ग के परिवारों के लोग पात्र हैं। इनकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। डॉ. मोहन लाल ने बताया कि 36 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों को 75 हजार रुपये तक ब्याज रहित ऋण दिया जाता है।
इन सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय और अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम के जिला प्रबंधक कार्यालय में भी उपलब्ध करवाई जाती है। कांगड़ा स्थित पिछड़ा विकास निगम के कार्यालय के दूरभाष नंबर 01892-264326, 264334, 264329 और 262282 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में नादौन विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कई सराहनीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
इस अवसर पर निगम के उप महाप्रबंधक सतीश ठाकुर और फील्ड आफिसर कुलदीप सिंह ने भी लोगों को विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

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बमसन की 24 पंचायतों के वार्डों और बीडीसी के 15 वार्डों के परिसीमन के प्रारूपों पर आपत्तियां या सुझाव पहली मार्च तक

हमीरपुर 24 फरवरी। विकास खंड बमसन (टौणी देवी) की पंचायत समिति के 15 वार्डों और इनके अंतर्गत आने वाली 24 ग्राम पंचायतों के वार्डों के परिसीमन के प्रारूप प्रकाशित कर दिए गए हैं।
इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों और पंचायत समिति के वार्डों के परिसीमन के प्रारूप पर अगर किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो या फिर वह अपना कोई सुझाव देना चाहता है तो इन्हें पहली मार्च तक खंड विकास अधिकारी कार्यालय टौणी देवी या एसडीएम कार्यालय हमीरपुर में प्रस्तुत किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि परिसीमन के प्रारूप के अनुसार विकास खंड बमसन में 24 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों में बजरोल, खनौली, भेरड़ा, उटपुर, कक्कड़, चारियां दी धार, जंदड़ू, पुरली, भटेड़, पौहंज, गवारडू, उहल, लग-कढ़ियार, बारीं, टपरे, पटनौण, सिकांदर, करियाली, नाड़सीं, दरोगण पत्ती कोट, बराड़ा, समीरपुर, बगवाड़ा और पंजोत शामिल हैं। इन 24 ग्राम पंचायतों को पंचायत समिति के 15 वार्डों में बांटा गया है। इस पंचायत समिति की कुल जनसंख्या 33,944 है।

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टीजीटी नॉन मेडिकल की छंटनी परीक्षा का परिणाम घोषित


हमीरपुर 24 फरवरी। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने टीजीटी नॉन मेडिकल (पोस्ट कोड 25002) के 343 पदों को भरने के लिए पिछले वर्ष 25 से 27 दिसंबर तक आयोजित कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर उपलब्ध करवा दिया गया है।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 16 मार्च से आयोग के परिसर में होगी, जिसका शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय इन उम्मीदवारों को अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, इनकी फोटो प्रतियों के दो-दो सैट और आईडी प्रूफ इत्यादि साथ लाने होंगे।
सचिव ने बताया कि अगर कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा।
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निगम में शामिल हुए नए क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए अनुमति अनिवार्य

हमीरपुर 24 फरवरी। नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि हमीरपुर में निगम के गठन के बाद हमीरपुर शहर के साथ लगते 94 राजस्व गांवों को भी निगम में शामिल किया जा चुका है। निगम में शामिल होने के बाद इन नए क्षेत्रों में नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) अधिनियम 1977 की धारा 16, 28, 29, 30, 31, 34, 37, 38, 39, 39ए, 39बी, 39सी, 79, 81 और 83ए की शक्तियों को भी निगम के आयुक्त को स्थानांतरित कर दिया गया है।
राकेश शर्मा ने बताया कि अब इन क्षेत्रों में किसी भी भवन का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले निगम की स्वीकृति अनिवार्य है। इसके अलावा नये व पुराने भवनों में बिजली, पानी और सीवरेज की सुविधा प्राप्त करने हेतु भी निगम से अनापति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। आवासीय तथा व्यावसायिक भवनों की स्वीकृति पंजीकृत वास्तुकारों और नगर निगम हमीरपुर द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
आयुक्त ने निगम क्षेत्र के सभी निवासियों से अपील की है कि वे भवन निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि बिना स्वीकृति से निर्मित अनाधिकृत भवनों में बिजली, पानी और सीवरेज की सुविधा प्राप्त करने हेतु नगर निगम हमीरपुर से अनापति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जायगा और इन भवनों को निगम द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी आवश्यक सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।