चंबा, 26 जनवरी-77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आज ज़िला स्तरीय समारोह चंबा के ऐतिहासिक चौगान में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, वन, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नर्सिंग विद्यार्थी, एनएफसीआई चंबा
की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली।
उन्होंने इस दौरान उपस्थित जनसमूह को एंटी चिटा शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से इसका गायन भी किया।
प्रो.चंद्र कुमार ने अपने संबोधन में ज़िलावासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी एवं गणतंत्र की स्थापना में महान स्वतंत्रता सेनानियों के बहुमूल्य योगदान, नि:स्वार्थ त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।
भारतीय संविधान को सभी देशवासियों के लिए एकता और अखंडता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के मूल स्वरूप और गरिमा को बनाए रखने के लिए कांग्रेस सरकारों का सदैव विशेष योगदान रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी के बाद से प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा है। वर्तमान में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल, संवेदनशील एवं पारदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प को साकार कर रही है। सड़क, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, विद्युत, पेयजल एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सेवाओं की सुलभता को दूर-दराज़ एवं पिछड़े क्षेत्रों तक सुनिश्चित किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहाँ किसानों की प्राकृतिक कृषि उपज को समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। प्राकृतिक रूप से उत्पादित हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं का 60 रुपये प्रति किलोग्राम तथा मक्की का 40 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चंबा जिले की पांगी घाटी को प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है, जहाँ स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित जौ को 60 रुपये प्रति किलोग्राम के समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप विशेषकर युवाओं को अपने घर-द्वार पर ही स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
प्रो.चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करना तथा डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने का निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल सिद्ध होगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना तथा लोगों को उनके घर-द्वार पर रोजगार उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस अधिनियम के मूल स्वरूप में परिवर्तन किए गए हैं जिससे इसकी मूल भावना प्रभावित हुई है।
प्रो.चंद्र कुमार ने ज़िला चंबा के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य सरकार की विशेष प्रतिबद्धता का उल्लेख भी अपने संबोधन में किया।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों -कर्मचारियों, गैर सरकारी संस्थाओं सहित मार्च पास्ट करने वाली टुकड़ियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए ।
विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, अध्यक्ष ज़िला कृषि उपज एवं विपणन समिति ललित ठाकुर, अध्यक्ष ज़िला कांग्रेस कमेटी सुरजीत भरमौरी, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ,पूर्व सैनिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय गण मान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित रहे।