शुष्क मौसम में आग लगने की घटनाओं को न्यून करने के लिए चलाएं व्यापक जागरूकता अभियान- अपूर्व देवगन

  • उपायुक्त ने की अग्नि सुरक्षा पर पूर्व तैयारियों की समीक्षा, विभागों को समय रहते सभी प्रबंध पूरे करने के दिए निर्देश

मंडी, 18 जनवरी। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में गत सायं मंडी जिला में सूखे जैसी स्थिति के दृष्टिगत विभिन्न चुनौतियों सहित अग्नि सुरक्षा पर पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें शुष्क मौसम में आग लगने की घटनाओं की संभावनाएं न्यून करने के लिए व्यापक जागरूकता तथा त्वरित प्रतिक्रिया के लिए समुचित प्रबंध समय रहते पूर्ण करने पर बल दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि जिला में लंबी अवधि से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। इस कारण आग लगने की घटनाओं सहित अन्य कई प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आग लगने की दुःखद घटनाएं सामने आई हैं। इस तरह की घटनाओं की संभावनाएं न्यून करने और आपात स्थिति में प्रभावितों तक त्वरित सहायता पहुंचाना स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं से बहुमूल्य मानव जीवन की रक्षा एवं सार्वजनिक व निजी संपदा की सुरक्षा भी सभी का दायित्व है।

उन्होंने वन, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, अग्निशमन विभाग तथा शहरी निकायों को निर्देश दिए कि लोगों को आग लगने के कारणों एवं बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाएं। आगामी 21 व 22 जनवरी को होने वाली ग्राम सभाओं में भी आग से बचाव बारे जागरूकता संबंधी एजेंडा शामिल किया जाए। जन जागरूकता में अग्निशमन, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ इत्यादि से भी सहयोग लिया जाए।

लोगों से आग्रह किया गया कि सर्दियों के मौसम में रात के समय हीटर या अंगिठी इत्यादि जलती न छोड़ें। ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं व घरों के समीप लकड़ी, घास सहित अन्य ज्वलनशील पदार्थों का बहुत अधिक भंडारण न करें। गौशालाओं तथा घरों के लिए बिजली की तारों की जांच कर लें कि वे अधिक पुरानी न हों, ताकि शॉर्ट सर्किट इत्यादि की संभावनाएं कम की जा सकें। घरों में रसोई गैस सिलेंडरों की भी लीकेज इत्यादि के लिए नियमित जांच करते रहें। विशेष तौर पर शहरी क्षेत्रों में घरों तथा व्यावसायिक परिसरों में रसोई गैस सिलेंडरों के भंडारण पर विशेष सावधानी बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि होटल, रेस्त्रां, ढाबों इत्यादि में रसोई गैस सिलेंडरों के प्रयोग व इनके भंडारण की मानकों अनुसार समुचित जांच सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त वनों की आग की संभावनाएं न्यून करने के लिए विभाग गांवों के समीप कड़ी नजर रखे ताकि कोई भी व्यक्ति झाड़ियां या कांटे इत्यादि जलाने के दृष्टिगत आग लगाकर इसे खुली न छोड़ दें। गांवों के समीप फायर लाइन अंकित करें, ताकि आग लगने की स्थिति में इसे अधिक फैलने से रोका जा सके। प्राकृतिक पेयजल स्रोतों, जल भंडारण इकाइयों की पहचान कर इनकी क्षमता इत्यादि भी जांच लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग आग बुझाने के लिए किया जा सके। उन्होंने शहरी निकायों को फायर हाइड्रेंट इत्यादि की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए। आपदा के दृष्टिगत 112 एप पर कोई भी व्यक्ति पंजीकृत होकर आग लगने इत्यादि की सूचना दे सकता है। ऐसे में पुलिस सहित संबंधित एजेंसियां और तीव्रता से राहत कार्यों में जुट सकती हैं। उन्होंने टास्क फोर्स व आपदा मित्र स्वयं सेवियों को भी सजग व क्रियाशील रखने को कहा।

सभी उपमंडलाधिकारी (ना.) व खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं के दृष्टिगत त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित विभाग भी आवश्यक मशीनरी, उपकरण तथा अन्य संसाधनों का ब्यौरा तैयार रखें। राहत शिविरों सहित प्रभावितों के उपचार इत्यादि के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाए रखें। विद्युत बोर्ड व जल शक्ति विभाग भी अपने स्तर पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा, नगर निगम के आयुक्त रोहित राठौर, उपमंडलाधिकारी (ना.) रुपिंदर कौर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी व अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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*फीचर:

आपदा प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी है प्रदेश सरकार*

*विशेष राहत पैकेज आपदा प्रभावितों के लिए बना नवजीवन का सहारा, मंडी जिला में गृह निर्माण को 31.81 करोड़ रुपए जारी*

मंडी, 18 जनवरी, 2026*प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है। गत बरसात के मौसम में अपना आशियाना खो चुके प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से बढ़ी हुई सहायता राशि मिलने पर अब उन्हें अपने उजड़े चमन फिर से बसाने की उम्मीदें बलवती हो गई हैं।

सुनीता देवी मंडी जिला की तहसील कोटली के सुक्का कून गांव की रहने वाली हैं। पिछली बरसात ने उन पर ऐसा कहर ढहाया कि देखते ही देखते उनका मकान आंखों के सामने जमींदोज़ हो गया। ऐसे में ‘सुक्खू सरकार’ ने उनकी पीड़ा को समझा और आपदा प्रभावितों के लिए घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत उन्हें घर बनाने के लिए उचित राहत राशि मंजूर की।

सुनीता देवी बताती हैं कि वर्ष 2025 में भारी बरसात के कारण उनका मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस आपदा के बाद वे अपने परिवार सहित बेघर हो गईं और उन्हें रिश्तेदारों के पास शरण लेनी पड़ी। सुनीता देवी के अनुसार, सरकार द्वारा मकान निर्माण के लिए अब सात लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से पहली किस्त के रूप में 4 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इससे उन्होंने अपने मकान का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है।

उन्होंने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और सरकारी सहायता के बिना मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे कठिन समय में राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रही, जिससे उनके जीवन में फिर से आशा की किरण जगी है। सुनीता देवी ने भावुक होकर कहा,

“मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। प्रदेश सरकार की मदद से हमारे टूटे घर को दोबारा बनाने का सपना साकार हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आपदा प्रभावितों को राहत एवं पुनर्वास के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मुआवजा राशि में 25 गुना तक की बढ़ोतरी की गई है। राज्य सरकार ने आपदा राहत के लिए वर्ष 2025-26 में विशेष राहत पैकेज स्वीकृत किया है, जिससे हजारों प्रभावित परिवारों को राहत मिली है।

भारी वर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त होने पर प्रभावित परिवारों को पहले मात्र 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती थी, जो अपर्याप्त साबित होती थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस सहायता राशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है। साथ ही घरेलू सामान के लिए एक लाख रुपए की अतिरिक्त राशि दी जा रही है। कुल आठ लाख रुपए की इस मुआवजा राशि से प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद और अपने आशियाने के पुनर्निर्माण में बड़ी राहत मिली है। इसके अतिरिक्त आपदा प्रभावितों को अस्थायी रूप से किराए के मकान में निवास के लिए राज्य सरकार की ओर से मासिक किराया भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिला में वर्ष 2025 की बरसात में आई आपदा के प्रभावितों को गृह निर्माण एवं मरम्मत के लिए लगभग 31 करोड़ 81 लाख रुपए की राशि जारी की जा चुकी है। इसमें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के 717 मामलों में 19 करोड़ 30 लाख रुपए से अधिक तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के 1437 मामलों में 12 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा अभी तक दिया जा चुका है।