खुले में बिक्री के लिए चावल और गेहूं उपलब्ध
खाद्यान कीमतों को स्थिर रखने के लिए एफसीआई ने की पेशकश

मंडी, 18 जुलाई। भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक श्री काजल मंडल ने बताया कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान उपलब्ध कराकर खाद्यान की कीमत को स्थिर रखने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य निगम खुले बाजार बिक्री योजना के तहत साप्ताहिक आधार पर चावल ग्रेड-ए, फोर्टिफाइड चावल और गेहूं बिक्री की पेशकश की है।
उन्होंने बताया कि चावल और गेहूं की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए खरीददार आटा मिलर्स, आटा चक्की और प्रोसेसर, स्वयं को एॅक-जंक्शन के साथ सूचीबद्ध कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ई-नीलामी की सूचना प्रत्येक शुक्रवार को जारी की जा रही है और प्रत्येक बुधवार को ई-नीलामी आयोजित की जाती है । चावल ग्रेड ए की बिक्री के लिए आरक्षित मूल्य 3100 रुपये, चावल एफआरके के लिए 3173 रुपये, गेहूं एफएक्यू 2150 रुपये तथा गेहू यूआरएस 2125 रुपये प्रति क्विंटल अन्य लागू कर के साथ तय किया गया है।
उन्होंने बताया कि जुलाई महीने की शेष अवधि के लिए 21 तथा 28 जुलाई को निविदाएं जारी की जाएगी तथा ई-निविदा 19 व 26 जुलाई तथा 2 अगस्त को आयोजित की जाएगी। नीलामी विंडो प्रातः 11 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक खुली रहेगी।
उन्होंने बताया कि मांगकर्ता खरीददार न्यूनतम 10 मीट्रिक टन की मात्रा के लिए बोली लगा सकते हैं और एफएक्यू/यूआरएस गेहू की एकल ई-नीलामी में एक साथ सभी डिपो के लिए अधिकतम बोली मात्रा 100 मीट्रिक टन प्रति बोलीदाता से अधिक नहीं होगी जबकि चावल एफआरके के लिए एक हजार मीट्रिक टन तक की बोली लगाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि सभी इच्छुक पार्टियां साप्ताहिक ई-नीलामी, डिपो वार साप्ताहिक स्टॉक आवंटन, नियम और शर्तो, मॉडल निविदा प्रपत्र, थोक ग्राहकों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आदि के बारे में विभागीय वेबसाइट पर लॉग इन कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मंडी स्थित भारतीय खाद्य निगम के मंडल कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01905-235329 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
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खेतों में जाकर लिया जा रहा है बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा
किसान अधिकारियों को नुकसान की दें जानकारी- परियोजना निदेशक आतमा

मंडी, 18 जुलाई । मंडी जिला में भारी बरसात से फसलों तथा भूमि कटाव से किसानों को काफी नुकसान हुआ है, जिसका आकलन करने के लिए संबंधित खंड के कृषि विषयवाद विशेषज्ञ, आतमा परियोजना के उप परियोजना निदेशक, कृषि विकास अधिकारी, संबंधित खंड व आतमा परियोजना के सहायक तकनीकी प्रबंधक की टीमें गठित की गई है जो कि अपने कार्य क्षेत्र में खेतों में पहुंचकर किसानों को हुए नुकसान का जायजा ले रही हैं। यह जानकारी आतमा परियोजना निदेशक देश राज शर्मा ने देते हुए बताया कि संबंधित टीम पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मिलकर नुकसान का जायजा ले रही हैं तथा नुकसान की रिपोर्ट बनाकर कृषि उप निदेशक के माध्यम से जिला में बने पोर्टल में प्रतिदिन अपलोड कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि यह कार्य वीरवार तक चार दिनों तक चलेगा जिसमें जिला की सभी 559 पंचायतों में पूरा कर लिया जायेगा ।
उन्होंने बताया कि गठित टीम के अलावा खंड व सहायक खंड तकनीकी प्रबंधक आतमा हर रोज अपने कार्य क्षेत्र जिनमें कम नुकसान हुआ है उसकी भी पूरी रिपोर्ट गुगल लिंक के माध्यम से भेज रहे हैं ।
उन्होंने किसानों से भी आग्रह किया है कि वह अपने नुकसान के बारे आतमा परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों को अवगत करवाए ताकि उन्हें सहायता मिल सके । उन्होंने बताया कि किसान इस बारे उनके कार्यालय दूरभाष नम्बर 01905-235182 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं ।
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हमीरपुर की न्यायालयों के लिए जीएसआईसीसी का पुनर्गठन
हमीरपुर 18 जुलाई। ‘हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय और प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों में लिंग संवेदीकरण के लिए और महिलाओं के यौन उत्पीडऩ की रोकथाम, निषेध एवं निवारण विनियम-2013’ के प्रावधानों के अनुसार जिला हमीरपुर की न्यायालयों के लिए भी जीएसआईसीसी का पुनर्गठन किया गया है।
इस संबंध में हमीरपुर के जिला एवं सत्र न्यायधीश विकास भारद्वाज की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सिविल जज अनुलेखा तंवर को इस समिति यानि जीएसआईसीसी का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में अधिवक्ता जेसी शर्मा, अधिवक्ता किशोर शर्मा, अधिवक्ता निशा वर्मा, अधिवक्ता वीरता वर्मा और स्वयंसेवी संस्था की सदस्य सुशीला शर्मा सहित कुल पांच सदस्य शामिल किए गए हैं। जिला न्यायिक परिसर में अधीक्षक ग्रेड-2 के रूप में कार्यरत सुषमा कुमारी इस समिति की सदस्य सचिव होंगी।
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उचित मूल्य की 8 दुकानों के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 अगस्त तक
हमीरपुर 18 जुलाई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हमीरपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खुलने वाली उचित मूल्य की 8 दुकानों के लिए पुन: 10 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत चलोह के वार्ड नंबर-2 गांव धैल, ग्राम पंचायत क्याराबाग के वार्ड नंबर-2 सुनवीं ब्राह्मणा, ग्राम पंचायत जनैहण के वार्ड नंबर-3 गांव जनैहण, ग्राम पंचायत चौकी कनकरी के वार्ड नंबर-5 गांव चौकी कनकरी, ग्राम पंचायत मनवीं के वार्ड नंबर-3 गांव लग, ग्राम पंचायत करंडोला प्लासी के वार्ड नंबर-3 गांव जटूआ, ग्राम पंचायत भदरूं के वार्ड नंबर-4 गांव भदरूं और ग्राम पंचायत लाहड़ कोटलू के वार्ड नंबर-1 गांव लाहड़ कोटलू में उचित मूल्य की एक-एक दुकान खोली जाएगी।
उन्होंने बताया कि इन दुकानों के लिए इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं वेबसाइट एमर्जिंगहिमाचल.एचपी.जीओवी.इन (सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम) पर 10 अगस्त तक आवेदन कर सकते हंै।
जिला नियंत्रक ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के लिए पहली प्राथमिकता सार्वजनिक संस्थाएं जैसे- स्थानीय पंचायत या शहरी निकाय, स्वयं सहायता समूह, सहकारी सभा, महिलाओं तथा उनके समूह को दी जाएगी। अगर एक वार्ड में एक से अधिक संस्थाएं आवेदन करती हैं तो पंजीकृत संस्था को अधिमान दिया जाएगा।
दुकान आवंटन के लिए दूसरी प्राथमिकता विधवा या एकल नारी, दिव्यांग व्यक्ति जोकि दुकान चलाने में सक्षम हो, भूतपूर्व सैनिक या बेरोजगार व्यक्ति को दी जाएगी। जबकि, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड को तीसरी प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक पास रखी गई है। आवेदन के साथ मैट्रिक का प्रमाण पत्र, उच्च शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण पत्र, वित्तीय स्थिति, दुकान की उपलब्धता और भंडारण क्षमता से संबंधित सत्यापित दस्तावेज अपलोड किए जाने चाहिए। भूतपूर्व सैनिक या शिक्षित बेरोजगार होने पर परिवार के किसी भी अन्य सदस्य के नियमित सरकारी रोजगार में न होने का प्रमाण पत्र होना चाहिए। पंचायतीराज संस्थाओं, नगर निकायों, विधानसभा और संसद सदस्यों के परिजन इन दुकानों के लिए पात्र नहीं होंगे। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ऐसा आवेदक, जिसकी अपनी आटा चक्की या मिल हो तथा वह आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत दंडित हुआ हो या दिवालिया घोषित हुआ हो, वह आवेदन के लिए पात्र नहीं होगा।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला नियंत्रक कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222335 पर संपर्क किया जा सकता है।
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जल भंडारण टैंकों की मौजूदा स्थिति की शीघ्र रिपोर्ट करें अधिकारी-सुमित खिमटा
फायर सेफ्टी उपायों को लेकर बैठक आयोजित
नाहन, 18 जुलाई। उपायुक्त सुमित खिमटा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके द्वारा निर्मित सामुदायिक अथवा निजी जल भंडारण टैंकों की मौजूदा स्थिति को शीघ्र स्पष्ट करने को कहा है। वह फायर सेफ्टी उपायों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न 9 या 10 ग्राम पंचायतों के कलस्टर में जहां घनी आबादी है अथवा जंगलों से घिरी है, ऐसी ग्राम पंचायतों के किसी भी क्षेत्र में आगजनी की घटना की स्थिति में जल भण्डारण टैंकों की अपडेट सूची तथा जियो टैगिंग अति आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग, डीआरडीए, जल शक्ति, लोक निर्माण, ग्रामीण विकास तथा कृषि विभागों को नाहन विधानसभा की 10 ग्राम पंचायतों के कलस्टर में सभी प्रकार के जल भंडारण टैंकों का मौजूदा स्थिति, उनकी क्षमता तथा आपातकाल में पानी भरने की व्यवहार्यता इत्यादि की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा। उन्होंने विभागों से भविष्य में विभिन्न योजनाओं के तहत निर्मित किये जाने वाले टैंकों की वस्तुस्थिति भी स्पष्ट करने के निर्देश दिये।
उपायुक्त ने जिन 10 ग्राम पंचायतों का कलस्टर बनाने की बात कही उनमें सुरला, देवला करला, वारला भूड, सलानी, टिलो, सेनवाला, आमवाला, त्रिलोकपुर, कालाअंब, वर्मा पापडी, सलानी कटोला शामिल हैं जो लगभग 20 किलोमीटर की परिधि में फैली हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश आगजनी की घटनाएं जंगलों में आग की होती हैं और आवश्यकता पड़ने पर पास वाले किसी भी टैंक से पानी प्राप्त किया जा सके, इसके लिये यह पूरा अभ्यास किया जा रहा है। उन्होंने वन विभाग को कैम्पा के तहत तथा अन्य विभागों को उनकी अलग अलग योजनाओं जैसे मनरेगा, अमृत सरोवर योजना, जल से कृषि योजना में निधि से टैंकों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण अभिषेक ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
बैठक में वन मण्डलाधिकारी सौरभ, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी प्रेम ठाकुर, विक्रम ठाकुर जिला पंचायत अधिकारी, चेतन चौहान जिला राजस्व अधिकारी, राज कुमार जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक बागवानी सतीश कुमार, अधिशाषी अभियंता वी.के. अग्रवाल, राजीव कुमार अधीक्षण अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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31 जुलाई तक बढ़ाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की तिथि
योजना का लाभ उठाएं किसान
नाहन, 18 जुलाई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2023 को हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया है। इसका लाभ प्राप्त करने के लिये कट ऑफ डेट को आगामी 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि उप-निदेशक ने कहा कि योजना के तहत सिरमौर जिला को भी अधिसूचित किया गया है और धान तथा मक्का की फसलों को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि धान व मक्का दोनों के लिये प्रति हेक्टेयर बमित राशि 60 हजार रूपये तय की गई है जबकि कृषक को प्रति हेक्टेयर केवल 1200 रुपये का प्रीमियम अदा करना होगा।
कृषि उप निदेशक ने कहा कि सभी किसानों की बीमा कवरेज भारत सरकार के पोर्टल पीएमएफबीवाई डॉट गोव डॉट इन (pmfby.gov.in
) द्वारा ही स्वीकृत होगा। सभी किसानों का आधार नंबर होना अनिवार्य है। सरकार ने इस योजना को सभी किसानों के लिये स्वैच्छिक कर दिया है। उन्होंने किसानों से योजना का समुचित लाभ उठाने का आग्रह किया है।