स्वयं सहायता समूहों के हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री शुरू
बिलासपुर, 02 नवंबर: निदेशालय शहरी विकास विभाग के दिशा-निर्देशानुसार राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत नगर परिषद बिलासपुर द्वारा गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री 26 अक्तूबर से चंपा पार्क, लक्ष्मीनारायण मंदिर के समीप, रौड़ा सेक्टर बिलासपुर में लगाई गई है। नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी वर्षा चैधरी के मार्गदर्शन में शहरी आजीविका मिशन की प्रबंधक वंदना लखनपाल, प्रबंधक मनीष कुमार, कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर सुनीला कुमार एवं शिवानी ठाकुर द्वारा इस प्रदर्शनी का संचालन किया जा रहा है। दीपावली उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रदर्शनी में 12 स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पाद बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए उपलब्ध करवाए गए हैं।
प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के आचार, चटनी, आम, गलगल, नींबू, टेउ, कटहल, करेला, अदरक, एलोवेरा, लहसुन, मिक्स, राई अरबी, मेथी, मिर्च एवं बांस के आचार, सिरका, पापड़, बड़ी, चावल व मक्की का आटा, सेपू व मुकन्द बड़ी, मूंग बड़ी, नमकीन, कॉर्नफ्लेक्स, मट्ठी, खजूर, अखरोट सलाद का नमक, भुगरू मसाला, मेथी, तिल, अलसी, विभिन्न प्रकार के स्थानीय मसाले, सेवइयां, सोयाबीन, रौंग, फूलों के बीज सहित अनेक खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त ऊनी वस्त्रों में मोजे, जुराब, पर्स, थैला, सजावटी सामान, चपाती टोकरी, बेबी सूट, फ्रॉक, शॉल, स्वेटर, जैकेट एवं कुशन आदि भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
खाने-पीने के स्टॉलों पर बिलासपुरी पकवान गुजिया, गाजर का हलवा, गुलाब जामुन, कचोरी, बब्बर, चाय एवं सिड्डू भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही दीपावली के उपहार के लिए गिफ्ट हैंपर भी तैयार किए गए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उद्यमियों द्वारा ऑर्डर देकर खरीदा जा रहा है।
समूह के द्वारा बनाए गए उत्पाद स्थानीय लोगों को खुब भा रहे है जिससे उनका उत्साह बढ़ा है। इस योजना से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है इस वर्ष महिलाओं ने स्वयंसेवी रूप से लगाया है। जिससे शहरी आजीविका मिशन का उद्देश्य धरातल पर स्वीकार हुआ है।
प्रदर्शनी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया। बैनर व चार प्रकार के डस्टबिन लगाए गए है जिसके माध्यम से कचरे को अलग - अलग रखने और स्वच्छ शहर, स्वस्थ जीवन का संकल्प अपनाने की अपील की गई। ऐसे आयोजनों से न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है , बल्कि स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होते है।
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सोलन-दिनांक 02.11.2026
04 नवम्बर को विद्युत आपूर्ति बाधित

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लि. सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 04 नवम्बर, 2026 को आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत सोलन के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त अधीक्षण अभियन्ता राहुल वर्मा ने दी।
उन्होंने कहा कि 04 नवम्बर, 2026 को प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक एनआरसीएम, करोल विहार, बेर पानी, बेर गांव, बेर खास, फॉरेस्ट कॉलोनी, चम्बाघाट चौंक, हिमालयन पाईप, दामकड़ी, जौणाजी, सेर चिराग, कोटला, मशीवर, दयार बुखार, रांवी बस्सी, हदेची, शेरपा रिजार्ट, बालूघाटी, बायला, चंगर, श्ल्लिी, फशकना, अश्वनी खड्ड, बजलोग, शिल्ली तथा अश्वनी खड्ड स्थित जल शक्ति विभाग की योजनाएं, डार, फ्लाई, रिड़ीधार, कनाह, बजनाल, नडोह, उपायुक्त आवास तथा आसपास के क्षेत्रों सहित मैसर्ज शिवालिक बाईमैटल कंट्रोल प्राईवेट लि. चम्बाघाट में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने कहा कि खराब मौसम अथवा अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत उपरोक्त तिथि व समय में परिवर्तन किया जा सकता है।

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रक्षा पेंशनरों की वार्षिक पहचान के लिए 30 तक चलेगा विशेष अभियान

हमीरपुर 02 नवंबर। रक्षा मंत्रालय के स्पर्श सेवा केंद्र हमीरपुर के प्रभारी अधिकारी नवदीप ठाकुर ने बताया कि स्पर्श सेवा के माध्यम से पेंशन प्राप्त कर रहे भूतपूर्व सैनिकों या उनके फेमिली पेंशनरों की वार्षिक पहचान के लिए इस बार भी नवंबर महीने में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 चलाया जा रहा है।

इस अभियान के दौरान रक्षा पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और अन्य शिकायतों से संबंधित कार्याें का निपटारा किया जाएगा। उन्हांेने बताया कि रक्षा पेंशनर अपने स्पर्श पीपीओ, डिस्चार्ज बुक, बैंक पासबुक, आधार कार्ड और आधार लिंक्ड मोबाइल फोन के साथ स्पर्श सेवा केंद्र में आकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण करवा सकते हैं।
स्पर्श सेवा केंद्र के प्रभारी ने भूतपूर्व सैनिकों या उनके फेमिली पेंशनरों इस अभियान का लाभ उठाने की अपील की है।
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सोलन -दिनांक 02.11.2026
ज़िला स्तरीय रेडक्रॉस मेला अब उपमंडल बद्दी में 28 से 30 नवम्बर तक

ज़िला स्तरीय रेडक्रॉस मेला अब उपमंडल बद्दी में 28 से 30 नवम्बर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी ज़िला रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी।
उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस मेला का रैफल ड्रा 30 नवम्बर, 2026 को निकाला जाएगा ।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि रेडक्रॉस समिति मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम है और यह जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने आमजन आग्रह किया कि से अधिक से अधिक संख्या में रेडक्रॉस समिति से जुड़ें और पीड़ित मानवता की सहायता में सहभागी बनें।

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इस महीने भी हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर के गांवों में किए जाएंगे सर्वे
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के सहायक निदेशक ने लोगों से की सहयोग की अपील

हमीरपुर 02 नवंबर। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के उप क्षेत्रीय कार्यालय, हमीरपुर के सहायक निदेशक रूपेश जालवाल ने बताया कि जनहित एवं नीति-निर्माण के लिए एनएसओ की ओर से समय-समय पर सर्वेक्षण किए जाते हैं। इसी कड़ी में नवंबर माह में भी विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सांख्यिकीय सर्वेक्षण किए जाएंगे। ये सर्वेक्षण जन-कल्याण व नीति निर्माण के लिए बहुत जरूरी है। इन सर्वेक्षणों के माध्यम से मुख्य रूप से आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण, राष्ट्रीय परिवार आय सर्वेक्षण, प्रवासन सर्वेक्षण, ऋण व निवेश सर्वेक्षण, स्थिति आकलन सर्वेक्षण, अनिगमित क्षेत्र के प्रतिष्ठानों का वार्षिक सर्वेक्षण तथा अन्य निर्धारित विषयों से संबंधित सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं।
सर्वेक्षण कार्य के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के अधिकृत कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी, सर्वे प्रगणक व सर्वे पर्यवेक्षक हमीरपुर, ऊना व बिलासपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं तथा वैज्ञानिक प्रतिदर्श पद्धति के आधार पर चयनित परिवारों से निर्धारित प्रश्नावली के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
सहायक निदेशक ने बताया कि इस माह हमीरपुर जिले के गांव जरल, खंगालटा, मुंडखर, तुलसी, बढ़यार और खेड़ी में सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार ऊना जिले के गांव बरनोह, बैहल, पिरथीपुर निचला, रछोल और अरनियाला तथा बिलासपुर जिले के गांव खटोत, खतेहड़, दरियाना और डीपीएफ नैन गुजरां टिहरा में भी सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा।
सहायक निदेशक ने आम नागरिकों एवं प्रतिष्ठानों से आग्रह किया है कि वे सर्वेक्षण दल को सही, पूर्ण एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग प्रदान करें। नागरिकों एवं प्रतिष्ठानों द्वारा दी गई समस्त जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, उप क्षेत्रीय कार्यालय, हमीरपुर समस्त नागरिकों से अपील करता है कि वे आपके क्षेत्र में आने वाली सर्वेक्षण टीम का सहयोग करें तथा राष्ट्रहित में इस महत्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

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धनेटा, ग्वालपत्थर, बदारन और अन्य पंचायतों में 3 को बंद रहेगी बिजली

नादौन 02 नवंबर। विद्युत उपमंडल धनेटा में 3 नवंबर को लाइनों की आवश्यक मरम्मत और पेड़ों की काट-छांट के कार्य के चलते ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर, धनेटा, हथोल, बदारन, झलाण, बसारल, कमलाह और किटपल के सभी गांवों और पेयजल योजनाआंे की विद्युत आपूर्ति सुबह 9 से दोपहर बाद 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी।
सहायक अभियंता किशोरी लाल ने बताया कि अगर 3 नवंबर को मौसम खराब रहा तो मरम्मत का कार्य अगले दिन भी किया जा सकता है।

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कांगड़ा में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत 78 विद्यालयों में बच्चों को किया जागरूक
बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, आॅनलाइन सुरक्षा और पाॅक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रम

धर्मशाला, 2 नवंबर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा स्थित धर्मशाला द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, आॅनलाइन सुरक्षा तथा पाॅक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के संबंध में व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान के तहत छह उप-विषयों को केंद्र में रखते हुए विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, शिविर एवं अन्य गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित बालक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’, ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’ तथा ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’ शामिल रहे। यह अभियान 27 अक्तूबर से 31 अक्तूबर, 2026 तक संचालित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा स्थित धर्मशाला के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान डीएलएसए कांगड़ा द्वारा कुल 13 विद्यालयों को शामिल किया गया, जबकि जिला कांगड़ा की विभिन्न उपमंडलीय विधिक सेवा समितियों द्वारा 65 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस प्रकार जिले के कुल 78 विद्यालयों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रमों एवं जागरूकता शिविरों में न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पैरा लीगल स्वयंसेवकों, विद्यालयों के अधिकारियों एवं शिक्षकों, पाॅक्सो अधिनियम के अंतर्गत नियुक्त सहायता व्यक्तियों तथा जागोरी चैरिटेबल ट्रस्ट, धर्मशाला के प्रतिनिधियों ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान, बाल यौन शोषण की रोकथाम, पाॅक्सो अधिनियम के कानूनी प्रावधानों तथा सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में जागरूकता मार्च एवं रैलियां भी निकाली गईं। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक एवं संवादात्मक तरीके से अपने अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा बाल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण एवं दुर्व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा बाल संरक्षण के प्रति विद्यालयों एवं समाज में संवेदनशीलता विकसित करना था।
उन्होंने अभियान के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, विभागों, संस्थाओं, विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की।

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दिवाली के मद्देनजर एसडीएम मोहित रतन ने जारी किए आदेश, केवल स्वीकृत ग्रीन पटाखों की बिक्री व उपयोग की अनुमति
धर्मशाला में पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित किए गए चार स्थान

धर्मशाला, 2 नवंबर: दिवाली पर्व के दौरान जन सुरक्षा एवं सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपमंडल धर्मशाला में पटाखों की बिक्री को लेकर प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपमंडल दंडाधिकारी धर्मशाला मोहित रतन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए पटाखों की बिक्री के लिए चार स्थान निर्धारित किए हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला उपमंडल में लाइसेंसधारी एवं अधिकृत विक्रेता केवल निर्धारित स्थानों पर ही पटाखों की बिक्री कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पटाखों की बिक्री के लिए कचहरी अड्डा, डिपो बाजार, सिविल बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए पुलिस ग्राउंड, धर्मशाला का स्थान पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा कोतवाली बाजार, कैंट रोड, बृज लाल रोड, गुरुद्वारा रोड, खनियारा रोड, पुराना चड़ी रोड, खडा डंडा रोड एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए कोतवाली बाजार स्थित सामुदायिक भवन के समीप खुले स्थान पर पटाखों की बिक्री की जा सकेगी जबकि भागसू नाग रोड पर सब्जी मंडी के खुले स्थान में मैकलोडगंज एवं आसपास के लोग पटाखों की खरीद कर सकेंगे। इसके अलावा दाड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए दाड़ी मेला मैदान को निर्धारित किया गया है।
एसडीएम ने बताया कि पटाखों की बिक्री सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त धर्मशाला उपमंडल के सभी क्षेत्रों में केवल स्वीकृत ग्रीन पटाखों की बिक्री एवं उपयोग की अनुमति होगी। पटाखे चलाने का समय रात 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री करने वाले विक्रेताओं को भी उपयुक्त खुले स्थानों पर ही बिक्री सुनिश्चित करनी होगी। सभी विक्रेताओं को लाइसेंस की शर्तों, सुरक्षा मानकों एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। पटाखों का भंडारण एवं प्रदर्शन सुरक्षित तरीके से करना होगा। पटाखों की बिक्री के लिए अनुमति प्राप्त करने के इच्छुक आवेदकों को 4 नवंबर, 2026 तक उनके कार्यालय मंे आवेदन जमा करवाने होंगे। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। मोहित रत्न ने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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लैब असिस्टेंट और साइकेट्रिक सोशल वर्कर भर्ती के फाइनल परिणाम घोषित

हमीरपुर 02 नवंबर। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने स्वास्थ्य शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में साइकेट्रिक सोशल वर्कर पोस्ट कोड-26007 और स्वास्थ्य विभाग में लैब असिस्टेंट पोस्ट कोड-25012 की ट्रेनी आधार पर भर्ती के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि साइकेट्रिक सोशल वर्कर के 5 पदों के लिए कुल 270 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 141 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 18 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 14 अक्तूबर को दस्तावेजों की जांच के बाद 5 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
सचिव ने बताया कि लैब असिस्टेंट के 2 पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 13 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 7 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 14 अक्तूबर को दस्तावेजों की जांच के बाद 2 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
ये परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं।