टांडा मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक सहायता पैरामेडिक्स प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
धर्मशाला, 17 जुलाई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में 14 से 16 जुलाई तक राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक सहायता (नेशनल इमरजेंसी लाइफ सेविंग सपोर्ट) पैरामेडिक्स प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण उत्तर भारत की अत्याधुनिक हाई-फिडेलिटी सिमुलेशन लैब में आयोजित किया गया।
हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह के इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कोर्स डायरेक्टर डॉ. मोनिका पठानिया के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं नर्सिंग अधिकारियों की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा, सड़क दुर्घटनाओं तथा अन्य गंभीर आपातकालीन परिस्थितियों में अग्रिम पंक्ति में कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों एवं स्वयंसेवकों को जीवन रक्षक कौशलों से दक्ष बनाना था।
प्रशिक्षण में 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मियों, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीशियनों, रेडियोग्राफरों, ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों तथा मानव सेवा के लिए समर्पित स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को विभिन्न गंभीर परिस्थितियों में प्रभावी एवं त्वरित जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक हाई-फिडेलिटी सिमुलेशन तकनीक एवं मॉक ड्रिल्स के माध्यम से वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों का सृजन कर प्रतिभागियों का अभ्यास कराया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता एवं समन्वय क्षमता का भी आकलन किया गया, जिससे प्रतिभागी किसी भी संकट की स्थिति में आत्मविश्वास, दक्षता एवं त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य कर सकें।
डॉ. मोनिका पठानिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन तैयार कर प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक पैरामेडिक को जीवन रक्षक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके और प्रदेश की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
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सोलन दिनांक 17.07.2026
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन की मासिक समीक्षा बैठक आज यहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
डॉ. अजय पाठक ने राष्ट्रीय गैर संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तचाप, मधुमेह एवं कैंसर की स्क्रीनिंग, चिन्हित रोगियों के नियमित फॉलो अप तथा उपचार की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति की स्क्रीनिंग कर समय पर उपचार व निगरानी सुनिश्चित बनाएं।
उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्रोत नष्ट करने, लार्वा सर्वे, फॉगिंग तथा जन जागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डॉ. पाठक ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पूर्ण टीकाकरण, ड्रॉप आउट दर में कमी लाने, टीकाकरण सत्रों की नियमित निगरानी तथा रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। उन्होंने एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान के तहत पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एच.आई.वी. स्क्रीनिंग एवं टेस्टिंग, आवश्यक टेस्ट किट की उपलब्धता तथा अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. अजय पाठक ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम तथा दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों एवं मानव संसाधन की उपलब्ध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आवश्यकता आधारित रोग निगरानी एवं रैपिड टेस्टिंग किट की उपलब्धता तथा उनके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर ज़िला के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
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SOLAN,दिनांक 17.07.2026
सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने का कार्य आरम्भ - डॉ. अजय पाठक
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सोलन ज़िला के सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने का कार्य आरम्भ हो गया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने दी।
डॉ. अजय पाठक ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य सभी स्वास्थ्य संस्थानों को एक डिजिटल ग्रिड से जोड़ना है ताकि आम जनता को विभिन्न स्थानों पर मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की सटीक जानकारी घर बैठे मिल सके।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सभी संस्थानों को अपनी अधोसंरचना के सत्यापन के लिए अपने संस्थान भवन की फोटो समेत सभी आवश्यक विधिक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इन दस्तावेजों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन के बाद ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पंजीकरण को अंतिम स्वीकृत दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ज़िला के लगभग 158 निजी क्लीनिकों, अस्पतालों और डायगनोस्टिक लैब्स का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंन शेष निजी चिकित्सकों, दवा विक्रेताओं और पैथोलॉजी लैब्स से आग्रह किया कि वह पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना सुनिश्चित बनाएं।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से जुड़ने के बाद डायगनोस्टिक लैब, फार्मेसी, क्लीनिक और अस्पताल सीधे राष्ट्रीय डिजिटल ढांचे का हिस्सा बन जाएंगे। इससे रोगियों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को आपस में लिंक करना और कैशलेस दावों का निपटारा करना सुगम हो जाएगा।
डॉ. पाठक ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या, त्रुटि सुधार या विस्तृत जानकारी के लिए संस्थान के प्रतिनिधि किसी भी कार्यदिवस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सोलन के कमरा संख्या 132 में ज़िला समन्वयक रविन्द्र कुमार से सम्पर्क कर सकते है।
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सोलन में अटल पेंशन योजना आउटरीच कार्यक्रम एवं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का भव्य आयोजन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंक सम्मानित
सोलन, 17 जुलाई 2026-राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), हिमाचल प्रदेश एवं जिला अग्रणी बैंक (यूको बैंक), सोलन के संयुक्त तत्वावधान में सोलन में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) आउटरीच कार्यक्रम एवं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अटल पेंशन योजना के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा राज्यभर के बैंकों के मध्य उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान कर योजना को अधिक प्रभावी बनाना था।
कार्यक्रम में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए), नई दिल्ली की कार्यकारी निदेशक सुश्री सुमीत कौर कपूर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक, शिमला के उप महाप्रबंधक श्री जसविंदर सिंह औजला, एसएलबीसी संयोजक एवं यूको बैंक, हिमाचल प्रदेश के उप महाप्रबंधक श्री कमल कुमार शर्मा, एसएलबीसी प्रमुख श्री दीपक कुमार, श्रीमती पूजा चंद, Zonal Head, यूको बैंक, सोलन तथा श्रीमती तमन्ना मोदगिल, जिला अग्रणी प्रबंधक (एलडीएम), सोलन सहित विभिन्न बैंकों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों के जिला अग्रणी प्रबंधकों (एलडीएम) ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त सोलन जिले के सभी सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों के जिला समन्वय अधिकारियों (डीसीओ), विभिन्न सदस्य बैंकों के क्षेत्रीय अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, बैंक कर्मचारियों तथा लगभग 150 बैंक ग्राहकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री कमल कुमार शर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का हिमाचल प्रदेश आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने अटल पेंशन योजना के उद्देश्य, लाभ, पात्रता, नामांकन प्रक्रिया एवं सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना असंगठित क्षेत्र के नागरिकों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजना की जानकारी पहुँचाने तथा अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इसके उपरांत भारतीय रिज़र्व बैंक, शिमला के उप महाप्रबंधक श्री जसविंदर सिंह औजला ने अपने संबोधन में बैंक ग्राहकों को अटल पेंशन योजना के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अटल पेंशन योजना से अवश्य जुड़ना चाहिए। उन्होंने बैंक ग्राहकों से योजना की विशेषताओं एवं लाभों को समझने तथा कम से कम एक बार अटल पेंशन योजना में नामांकन कराने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से पात्र ग्राहकों को योजना से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि सुश्री सुमीत कौर कपूर ने अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि अटल पेंशन योजना भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है, जो असंगठित क्षेत्र के करोड़ों नागरिकों को वृद्धावस्था में सम्मानजनक एवं सुनिश्चित पेंशन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी बैंकों से अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को योजना से जोड़ने, जन-जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
इसके उपरांत आयोजित सत्र में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अटल पेंशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, जन-जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को योजना से जोड़ने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर यूको बैंक, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने अटल पेंशन योजना के प्रभावी संचालन, नामांकन बढ़ाने तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अटल पेंशन योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र श्रेणी में यूको बैंक (जिला सोलन), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा एचडीएफसी बैंक को सम्मानित किया गया। प्रशंसा प्रमाण-पत्र श्रेणी में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एक्सिस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बंधन बैंक, आईडीबीआई बैंक, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सम्मानित किया गया। वहीं एपीवाई सिटीजन अवॉर्ड (उत्कृष्टता पुरस्कार) श्रेणी में यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, एक्सिस बैंक, साउथ इंडियन बैंक, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बंधन बैंक, फेडरल बैंक तथा इंडियन ओवरसीज बैंक को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अंत में एसएलबीसी प्रमुख श्री दीपक कुमार ने सभी विशिष्ट अतिथियों, भारतीय रिज़र्व बैंक, पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों के जिला अग्रणी प्रबंधकों, सोलन जिले के सभी सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों के जिला समन्वय अधिकारियों, विभिन्न सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों तथा उपस्थित लगभग 150 बैंक ग्राहकों का कार्यक्रम को सफल बनाने में दिए गए सहयोग के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों की सराहना करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।
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मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरूऊना, 17 जुलाई। जिला कल्याण अधिकारी, ऊना आवास पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का संचालन अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त पात्र लाभार्थियों की सूची के आधार पर पात्र व्यक्तियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। इसके उपरांत अप्रैल से जून, 2026 की वित्तीय सहायता पात्र लाभार्थियों को प्रदान की जा रही है।उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत नए पात्र लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पात्र व्यक्ति ई-कल्याण पोर्टल https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।आवास पंडित ने जिले के सभी पात्र एवं जरूरतमंद नागरिकों से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री सहारा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने आसपास के पात्र व्यक्तियों को भी योजना और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी अथवा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आवेदक जिला कल्याण कार्यालय, ऊना या अपने संबंधित तहसील कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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27 जुलाई के बजाये 31 जुलाई को होगी आरटीए की बैठक
धर्मशाला, 17 जुलाई: क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण सचिव विकास जमवाल ने जानकारी देते हुए समस्त परिवहन संचालकों तथा सभी आवेदकों को बताया है कि प्रशासनिक कारणों से क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक, जो 27 जुलाई को निर्धारित की गई थी, उसे स्थगित करते हुए अब 31 जुलाई को प्रातः 10ः30 बजे आयोजित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आरटीए बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणो हेतु आवेदन जमा करवाने की तिथि को भी बढ़ाकर 20 जुलाई सायं 5 बजे तक कर दिया गया है।
उन्होंने सभी वाहन स्वामियों, परिवहन संचालकों एवं आवेदकों से अनुरोध किया है कि वह अपने आवेदन समस्त आवश्यक दस्तावेजों सहित 20 जुलाई को सायं 5 बजे तक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, धर्मशाला के कार्यालय में जमा करवाना सुनिश्चि करें, ताकि उनके प्रकरणों को 31 जुलाई को प्रातः 10ः30 बजे आयोजित होने वाली क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, धर्मशाला की बैठक में विचारार्थ रखा जा सके तथा बैठक के आयोजन स्थल बारे शीघ्र ही सूचित कर दिया जाएगा।