मंडी, 25 अप्रैल। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), पंडोह, मंडी द्वारा आज संस्थान परिसर में एक दिवसीय प्रकृति प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान की प्रभारी डॉ. विनीता कुमारी नेगी ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा नियोजित प्रकृति आधारित अनुसंधान अध्ययनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन अन्वेषकों और शोधकर्ताओं को प्रशिक्षित करना था, जो परिषद की आगामी शोध परियोजनाओं से जुड़े हैं। इन परियोजनाओं को परिषद के परिधीय अनुसंधान संस्थानों एवं विभिन्न आयुर्वेद महाविद्यालयों के माध्यम से लागू किया जाना है, जिससे आयुर्वेद आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान को सुदृढ़ किया जा सके।
इस अवसर पर अनुसंधान अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. विकास नरियाल ने प्रतिभागियों को अध्ययन प्रोटोकॉल के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इसके उपरांत संस्थान के मास्टर प्रशिक्षकों एवं अनुसंधान अधिकारियों द्वारा सीसीआरएएस द्वारा विकसित प्रकृति मूल्यांकन पैमाने तथा स्वास्थ्य मूल्यांकन पैमाने पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राज्य के चार प्रमुख आयुर्वेदिक महाविद्यालय राजीव गांधी स्नातकोत्तर राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय पपरोला, अभिलाषी आयुर्वेद महाविद्यालय चैलचौक, अवस्थी आयुर्वेदिक कॉलेज तथा शिवा आयुर्वेदिक कॉलेज बिलासपुर के शिक्षकों सहित कुल 19 प्रतिभागियों ने भाग लेकर प्रशिक्षण का लाभ उठाया।