बिलासपुर शहर में लावारिश पशुओं पर लगाम लगाने को शुरू किया संयुक्त अभियान
नगर परिषद तथा पशुपालन विभाग के सहयोग से अब तक विभिन्न गौशालाओं में भेजे जा चुके हैं 10 पशु

बिलासपुर, 17 सितम्बर: एसडीएम बिलासपुर राज कुमार ने बताया कि बिलासपुर शहर में लावारिश पशुओं की बढ़ती संख्या और उनके कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और नगर परिषद द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया है। इस अभियान के दौरान शहर में सड़कों पर घूम रहे अब तक 10 लावारिश पशुओं को पकड़ा गया है, जिनमें से 6 पशुओं को रानी कोटला गौशाला तथा 4 पशुओं को हरिओम गौशाला बरमाणा में भेजा जा चुका है।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर शहर में लावारिश पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा पशुपालन, नगर परिषद तथा खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सहयोग से इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ लगती पंचायतों में भी यह विशेष अभियान चलाया जाएगा, जहां लावारिश पशुओं की संख्या अधिक है और इनके कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि चांदपुर और कंदरौर क्षेत्रों में भी लावारिश पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पकड़े गए पशुओं को नालागढ़ स्थित हांडाकुंडी गौशाला में भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी।
एसडीएम ने स्थानीय पशुपालकों से अपील की है कि वह अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सड़कों पर लावारिश पशुओं की मौजूदगी से यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

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खरीफ सीजन 2026-27 में धान की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू
3 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक होगी धान की सरकारी खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपए प्रति क्विंटल


बिलासपुर, 17 सितंबर: खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान धान की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल एचपी एपीपीपी (HP APP) खोल दिया गया है। धान की फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के इच्छुक किसान इस पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाकर टोकन बुक कर सकते हैं।

जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, बिलासपुर शीतल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि धान की सरकारी खरीद 3 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2026 तक की जाएगी। इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 72 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है।

उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक (किसान रजिस्ट्री) से जुड़े किसानों की भूमि संबंधी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जाएगी। अन्य किसान पूर्व की भांति पोर्टल पर स्वयं अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज कर पंजीकरण करवा सकते हैं। ऐसे किसानों के भूमि संबंधी विवरण का सत्यापन संबंधित पटवारी द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान की सरकारी खरीद के लिए कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर जिलों में कुल 11 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। बिलासपुर जिले के किसान अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम खरीद केंद्र का चयन कर वहां अपनी धान की फसल सरकारी समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं।

जिला नियंत्रक ने सभी धान उत्पादक किसानों से आग्रह किया कि वे समय रहते ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाकर टोकन बुक करें, ताकि धान की सरकारी खरीद के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ उठाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी धान की फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचें।

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लैब टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित

हमीरपुर 17 सितंबर। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने स्वास्थ्य विभाग में सीनियर लैब टेक्नीशियन के 25 पदों को पोस्ट कोड-26012 के अंतर्गत ट्रेनी आधार पर भरने के लिए आयोजित कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट (सीबीटी) का परिणाम घोषित कर दिया है। यह परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है।
आयोग के सचिव राम प्रसाद ने बताया कि इन पदों के लिए 477 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 418 उम्मीदवारों ने सीबीटी परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में उत्तीर्ण 66 उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जा रहा है, जिसका शेड्यूल अलग से तय किया जाएगा। इसकी सूचना उम्मीदवारों को उनकी ईमेल आईडी पर दी जाएगी। उन्हें अलग से बुलावा पत्र नहीं भेजे जाएंगे। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय इन उम्मीदवारों को अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, इनकी सेल्फ अटेस्टड फोटो प्रतियों के दो-दो सैट, आवेदन पत्र की डाउनलोडड कॉपी और आईडी प्रूफ इत्यादि साथ लाने होंगे।
सचिव ने बताया कि अगर कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा।

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सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के लिए 17 अक्तूबर तक करें आवेदन
धर्मशाला, 17 सितम्बर: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, जिला कांगड़ा द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के आबंटन के लिए इच्छुक व्यक्तियों, संस्थाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से 17 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक कांगड़ा पुरषोत्तम सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिले के विभिन्न विकास खण्डों में उचित मूल्य की दुकानें आबंटित की जानी हैं। उन्होंने बताया कि विकास खण्ड धर्मशाला के अंतर्गत ग्राम पंचायत कजलोट के गांव कालापुल, बगली पंचायत के वार्ड नम्बर 5 तथा धर्मशाला नगर निगम के वार्ड नम्बर 4, 7 और 10 में उचित मूल्य की दुकानें आबंटित की जाएंगी।
इसी प्रकार कांगड़ा विकास खण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत हलेड़ खुर्द के गांव छोटी हलेड़, रैत विकास खण्ड की पंचायत मैटी के गांव बंगरेहड़, बैजनाथ विकास खण्ड की पंचायत क्योरी के वार्ड नम्बर 2 तथा मझोटी पंचायत के गांव मेहलादान पत्थर, पंचरूखी विकास खण्ड की पंचायत लदोह और परागपुर विकास खण्ड की पंचायत कुहना के गांव चमेटी में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानें आबंटित की जानी हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन निर्धारित प्रपत्र पर केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। सहकारी सभा, स्वयं सहायता समूह, महिला मंडल अथवा अन्य पात्र संस्थाओं के लिए आवेदन के साथ संबंधित पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
आवेदक अपनी पात्रता में शिक्षित बेरोजगार प्रमाण-पत्र, दसवीं एवं उच्च शिक्षा के प्रमाण-पत्र तथा बीपीएल, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित प्रमाण-पत्र भी ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी के लिए कार्यदिवस पर दूरभाष नम्बर 01892-222877 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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मध्यस्थता अपनाएं, समय और खर्च बचाएं: आर. मिहुल
धर्मशाला 17 सितम्बर: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0 अभियान का आयोजन किया गया है जो जिला कांगड़ा के समस्त तालुका तथा जिला न्यायालयों में चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लम्बित मामलों सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र, सरल और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करना है। इसके अन्तर्गत पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना मामले, घरेलु हिंसा, चैक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण व अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जा रहा है।
आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि मध्यस्थता एक ऐसा विकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया है जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से पक्षकार आपसी सहमति एवं बातचीत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान करते हैं और यह प्रक्रिया पूर्णतया गोपनीय, कम खर्चीली और समय बचत करने वाली होती है। इससे पक्षकार के बीच सम्बन्ध भी बने रहते हैं और न्यायालयों में लंबित मामलों का भार भी कम होता है। उन्होंने लोगों से इस अभियान लाभ उठाने की अपील की है।

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सर्पदंश के प्रत्येक मामले और मृत्यु की तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें अधिकारी: सीएमओ
बिलासपुर 17 सितंबर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर शशि दत्त शर्मा ने सर्पदंश को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिला के सभी सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों तथा निजी चिकित्सकों से सर्पदंश के संदिग्ध एवं संभावित मामलों तथा इससे होने वाली मौतों की तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सर्पदंश को राज्य में अधिसूचित रोग घोषित किया गया है। इसके तहत सभी सार्वजनिक एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों तथा संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए सर्पदंश के मामलों और मौतों की समयबद्ध सूचना स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को देना आवश्यक है। इसके साथ ही प्रत्येक सर्पदंश के मामले एवं उससे होने वाली मृत्यु की जानकारी प्भ्प्च्-प्क्ैच् पोर्टल पर दर्ज करना भी सुनिश्चित किया जाना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय पर रिपोर्टिंग से सर्पदंश की घटनाओं की निगरानी, अधिक प्रभावित क्षेत्रों एवं संभावित हॉटस्पॉट की पहचान तथा आवश्यकता के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है। इससे प्रभावित लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलती है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या स्थानीय उपचार पर निर्भर रहने के बजाय घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान अथवा अस्पताल पहुंचाया जाए। सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातस्थिति है और समय पर उचित उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों एवं संबंधित स्तरों पर सर्पदंश से बचाव और नियंत्रण को लेकर आवश्यक जागरूकता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इसमें सर्पदंश को चिकित्सकीय आपातस्थिति के रूप में पहचानना, उचित प्राथमिक उपचार, सर्पदंश के बाद किए जाने वाले अनुचित उपायों से बचना, मरीज को तत्काल स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना, उपलब्ध उपचार एवं एंटी-स्नेक वेनम की जानकारी तथा सर्पदंश से बचाव के उपायों को शामिल किया गया है।

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रैल में जन स्वास्थ्य शिविर के दौरान 3 हजार से अधिक लोगों का चैकअप
5400 से अधिक लोगों के विभिन्न प्रकार के टैस्ट भी मौके पर ही किए गए

नादौन 17 सितंबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा वीरवार को गांव रैल में शुरू किए गए जन स्वास्थ्य शिविर में चैकअप के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने बताया कि इस शिविर में लगभग 3025 लोगों का चैकअप किया गया। उन्होंने बताया कि गाइनी यानि स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में सर्वाधिक 348 महिलाओं ने चैकअप करवाया। जनरल मेडिसिन के विशेषज्ञों ने 323, ऑरथो यानि हड्डी रोग के विशेषज्ञों ने 255, हृदय रोग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 211 और गैस्ट्रोएंटोलॉजी के विशेषज्ञों ने 190 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
इसी प्रकार नेत्र रोग विशेषज्ञों ने 168, ईएनटी यानि कान, नाक एवं गले के विशेषज्ञों ने 140, त्वचा रोग के विशेषज्ञों ने 131, बाल रोग 25, डेंटल 24, न्यूरोलॉजी 55, सर्जरी 46, पुलमोनोलाजी एवं छाती के रोग 35, एंडोक्राइनोलॉजी 61, नैफ्रोलॉजी 30, अन्य सुपर स्पेशियलिटी 63 और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 10 लोगों की जांच की। स्वास्थ्य विभाग एवं मेडिकल कालेजों के 9 सुपर स्पेशलिस्ट, 12 स्पेशलिस्ट और 10 अन्य डॉक्टरों ने कुल मिलाकर 2115 लोगों की जांच की।
इनके अलावा आयुष विभाग के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 910 लोगों की जांच की। जिला आयुष अधिकारी डॉ. तनूजा नागपाल ने बताया कि आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों ने 607 लोगों, होम्योपैथी के विशेषज्ञों ने 156 और योग एवं नेचुरोपैथी के विशेषज्ञों ने 42 लोगों का चैकअप किया। इस दौरान कपिंग क्रिया से 40 लोगों, अग्निकर्म 12, जलनेति 4, मर्म 20, जानवस्ति 10, कटिवस्ति 7, जलोका 2 और शिरोधारा क्रिया से 3 लोगों का उपचार किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शिविर में 5402 लोगों के विभिन्न प्रकार के टैस्ट भी किए गए। इनमें 87 लोगों के अल्ट्रासाउंड, 423 के शुगर टेस्ट, 1780 के एचबी टैस्ट, 73 के ईसीजी, 2414 की अन्य लैब जांच और 423 लोगों का बीएमआई और अन्य टैस्ट शामिल हैं। 63 महिलाओं की ब्रैस्ट कैंसर जांच और 24 लोगों की ओरल कैंसर की जांच भी की गई। लगभग 1635 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया गया। 2 लोगों के मौके पर ही आयुष्मान कार्ड और 2 लोगों की आभा आईडी भी मौके पर ही बनाई गई। जबकि, 2 लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन का टीका भी लगाया गया।