जागरुक और जिम्मेदार उपभोक्ता बने हर नागरिक
चलोखर में आयोजित उपभोक्ता जागरुकता शिविर में एसडीएम ने की अपील
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने किया आयोजन

हमीरपुर 26 अगस्त। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बुधवार को गांव चलोखर में एक दिवसीय उपभोक्ता जागरुकता शिविर का आयोजन किया। एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में ग्राम पंचायत टिब्बी तथा ग्राम पंचायत देई का नौण के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर एसडीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को एक उपभोक्ता के रूप में अपने अधिकारों के प्रति जागरुक रहना चाहिए तथा किसी भी वस्तु या सेवा की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी या अनियमितता की तुरंत शिकायत करनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर अपने अधिकारों की जानकारी रखें तथा अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। जागरुक एवं जिम्मेदार उपभोक्ता ही स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इससे पहले, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) आंचल कुमारी ने ग्रामीणों को उपभोक्ता अधिकारों एवं उनके संरक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है, इसलिए उसका अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरुक रहना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को खरीददारी करते समय पक्का बिल अथवा रसीद लेने तथा उस उत्पाद के मूल्य, मात्रा, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि तथा गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी वस्तु या सेवा में कमी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली जैसी स्थिति में उपभोक्ता उचित शिकायत निवारण व्यवस्था का सहारा ले सकते हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टॉल फ्री नंबर 1915 पर भी शिकायत की जा सकती है। रसोई गैस की बुकिंग से संबंधित समस्या की शिकायत अब व्हाट्सऐप नंबर 75888-88824 पर भी की जा सकती है।
शिविर के दौरान विधिक माप विज्ञान के सहायक नियंत्रक प्रवीण कुमार ने उपभोक्ताओं को वस्तुओं की सही मात्रा, निर्धारित मूल्य तथा पैकेट पर अंकित आवश्यक विवरणों की जांच करने के लिए जागरुक किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक ठाकुर ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थों के चयन, खाद्य वस्तुओं के लेबल की जांच तथा खाद्य पदार्थों की खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में अवगत करवाया।
शिविर में बीडीसी सदस्य राम शर्मा, दोनों पंचायतों के अन्य जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
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चीनी के बढ़ते दामों पर अंकुश के लिए जिले में सख्ती, 400 मीट्रिक टन से अधिक स्टॉक पर रोक
बिलासपुर, 26 अगस्त: जिला बिलासपुर में चीनी के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने तथा बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला बिलासपुर में चीनी के भंडारण एवं उपलब्ध स्टॉक की नियमित निगरानी की जा रही है। जिले में कार्यरत 40 थोक व्यापारियों के लिए चीनी के स्टॉक की सीमा निर्धारित की गई है, ताकि अनावश्यक भंडारण एवं जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।
जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, बिलासपुर शीतल शर्मा ने बताया कि निर्धारित व्यवस्था के तहत जिले के सभी थोक व्यापारियों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिले के थोक व्यापारी कुल मिलाकर 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।
उन्होंने बताया कि बाजार में चीनी की उपलब्धता की नियमित निगरानी के लिए सभी थोक व्यापारियों को अपने पास उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रतिदिन खाद्य स्टॉक पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विभाग को बाजार में उपलब्ध चीनी की मात्रा की नियमित जानकारी मिल सकेगी और निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण पर प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि जिन दुकानदारों की प्रति माह चीनी की खपत 10 मीट्रिक टन तक है, वे अधिकतम 15 दिन की खपत के बराबर स्टॉक ही अपने पास रख सकेंगे। विभाग द्वारा निर्धारित स्टॉक सीमा के अनुपालन की नियमित जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, अनावश्यक भंडारण एवं जमाखोरी पर रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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चकमोह कालेज में भाषण एवं रंगोली प्रतियोगिता से दिया मतदाता जागरुकता का संदेश

बिझड़ी 26 अगस्त। बाबा बालक नाथ महाविद्यालय चकमोह के मतदाता साक्षरता क्लब (ईएलसी) ने भारत निर्वाचन आयोग के जागरुकता कार्यक्रम ‘स्वीप’ (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी) के तहत बुधवार को कालेज के परिसर में भाषण और रंगोली प्रतियोगिता आयोजित कीं। इस आयोजन में कालेज के रेड रिबन क्लब का भी विशेष सहयोग रहा।
कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बिझड़ी के बीईईओ अमरजीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मताधिकार के महत्व तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता जागरुक एवं सक्रिय मतदाताओं पर निर्भर करती है और युवाओं को अपने मताधिकार के प्रति सजग रहना चाहिए।
प्रधानाचार्य ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में ईएलसी एवं स्वीप गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में चुनावी साक्षरता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को विकसित करना है।
इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मतदान का महत्व, लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका, जागरुक मतदाता तथा निष्पक्ष एवं नैतिक मतदान जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। रंगोली प्रतियोगिता के प्रतिभागी विद्यार्थियों ने भी आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से मतदाता जागरुकता और लोकतांत्रिक भागीदारी का संदेश दिया। दोनों प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।
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सोलन दिनांक 26.08.2026
एच.आई.वी. व एड्स जागरूकता पखवाड़े के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा गत दिवस एच.आई.वी. व एड्स पर आधारित इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन के तहत एच.आई.वी. व एड्स जागरूकता पखवाड़े के अवसर पर ज़िला स्तरीय प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने की।
डॉ. अजय पाठक ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में सामान्य स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, एच.आई.वी व एड्स तथा रक्त जनित संक्रमण के संबंध में सही जानकारी को बढ़ावा देना तथा स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को अपने परिवार, मित्रों एवं समुदाय तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षित व्यवहार, समय पर जांच, उपचार सेवाओं तक पहुंच तथा एच.आई.वी. व एड्स से जुड़े व्यक्तियों के प्रति सम्मानजनक एवं भेदभाव रहित व्यवहार अपनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि किशोर एवं युवा वर्ग समाज में स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक व्यवहार एवं जागरूकता के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि एच.आई.वी. व एड्स तथा अन्य रक्त जनित संक्रमण के संबंध में सही एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाना आवश्यक है ताकि भ्रांतियों, भय, कलंक एवं भेदभाव को कम किया जा सके।
ज़िला स्तर प्रतियोगिता में छह टीमों ने भाग लिया। इन टीमों का चयन विभिन्न विद्यालयों में आयोजित ऑनलाइन प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया था। ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने भाग लिया।
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सोलन दिनांक 26.08.2026

राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा एवं नेत्र देखभाल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत एम.आर.ए.डी.ए.वी. वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोलन में गत दिवस नेत्रदान एवं नेत्र देखभाल के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सीमा नेगी ने विद्यार्थियों को नेत्रों की देखभाल एवं नेत्रदान के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पढ़ते समय पुस्तक एवं आंखों के बीच उचित दूरी बनाए रखना तथा मोबाइल, लैपटॉप एवं कंप्यूटर जैसे गैजेट्स का उपयोग करते समय भी पर्याप्त दूरी रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को 20-20-20 नियम के बारे में भी अवगत करवाया। इसके अनुसार हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना चाहिए।
उन्होंने आंखों के स्वास्थ्य के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचने तथा पटाखे चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को आंखों को बार-बार रगड़ने से बचने, धूल-धुएं और तेज रोशनी से आंखों की सुरक्षा करने तथा किसी भी प्रकार की जलन, लालिमा, दर्द या दृष्टि में कमी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त नींद लेना, स्वच्छता का ध्यान रखना और नियमित रूप से आंखों की जांच करवाना नेत्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. सीमा नेगी ने कहा कि नेत्रदान से किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दृष्टि प्रदान करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सभी से स्वेच्छा से नेत्रदान करने का आग्रह किया।
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सोलन दिनांक 26.08.2026
जागरूकता शिविर आयोजित

बाल विकास परियोजना कण्डाघाट ने आज औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सायरी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में अधिवक्ता पूनम शर्मा ने पॉक्सो अधिनियम, गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994, बाल विवाह निषेध अधिनियम तथा घरेलू हिंसा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस विभाग के तुलसी राम ने कानून एवं पुलिस की भूमिका से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
तहसील कल्याण अधिकारी भोपाल भारत ने इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों एवं नशा मुक्ति के संबंध में उपस्थित अधिकारियों को जागरूक किया गया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी, कण्डाघाट रक्षा शर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं महिलाओं और बच्चों के कल्याण से संबंधित विषयों की जानकारी प्रदान की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों को महिला एवं बाल संरक्षण, कानूनी प्रावधानों, नशा निवारण तथा सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के संबंध में जागरूक एवं संवेदनशील बनाना है।
शिविर में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं अधिकारी के साथ बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के सभी पर्यवेक्षक तथा खण्ड समन्वयकों व छात्रों ने भाग लिया।
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आरसेटी ने 29 महिलाओं को सिखाया अगरबत्ती उत्पादन

हमीरपुर 26 अगस्त। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर बुधवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में 29 महिलाओं ने अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने कहा कि संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अपना उद्यम या कारोबार आरंभ कर सकती हैं। इसके लिए विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने में आरसेटी भी महिलाओं की मदद कर सकता है। उन्होंने महिलाओं से विभिन्न विभागों और बैंकों की ऋण एवं सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर शिविर के मूल्यांकनकर्ता कमल प्रकाश, मुकेश कुमार, फैकल्टी मैंबर विनय चौहान और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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संगीत शिक्षक भर्ती का फाइनल परिणाम घोषित, 46 उम्मीदवारों का चयन
पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण 72 पद रह गए खाली

हमीरपुर 25 अगस्त। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने स्कूल शिक्षा विभाग में संगीत शिक्षकों के 118 पदों को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए पोस्ट कोड-26021 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 71 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 63 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 58 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 18 अगस्त को दस्तावेजों की जांच के बाद 46 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण 72 पद खाली रह गए हैं। इनमें सामान्य वर्ग के 26, सामान्य ईडब्ल्यूएस वर्ग के 11, सामान्य (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) का एक, ओबीसी 15, ओबीसी बीपीएल 4, एससी 8, एससी बीपीएल 3, एससी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) वर्ग का एक और एसटी के 3 पद शामिल हैं। सचिव ने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है।
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स्वाइन फ्लू से बचाव को बरतें एहतियात
फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें, तुरंत लें डॉक्टरी सलाह


ऊना, 26 अगस्त. स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लुएंजा से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में निगरानी और आवश्यक तैयारियों को मजबूत किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने लोगों से व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।

डॉ. वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस-ए के एच1एन1 स्ट्रेन से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और थूकने से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सावधानी और समय पर उपचार से संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।

तेज बुखार, खांसी और शरीर में दर्द हो तो रहें सतर्क

डॉ. वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं। इनमें तेज बुखार, खांसी, बलगम, पूरे शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान, ठंड लगना और कंपकंपी शामिल हैं। लगातार छींकें आना, तेज सिरदर्द, छाती में भारीपन और सांस लेने में कठिनाई भी इसके लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

छोटी-छोटी सावधानियां संक्रमण से बचाव में मददगार

सीएमओ ने कहा कि खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को साफ रूमाल या टिशू से ढकना चाहिए। इस्तेमाल किए गए रूमाल और कपड़ों को दोबारा प्रयोग करने से पहले अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाएं। हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं तथा बार-बार आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।

उन्होंने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाने से परहेज करें। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए दूसरे व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें तथा लक्षण होने पर दूसरों को छूने और हाथ मिलाने से बचें। रोगी को पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की भी सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य संस्थानों में पुख्ता तैयारियां

प्रदेश में मौसमी इन्फ्लुएंजा की निगरानी को मजबूत करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से सभी स्वास्थ्य संस्थानों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों और गंभीर श्वसन संक्रमण के मामलों की निगरानी एवं दैनिक रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच किट, वीटीएम, पीपीई किट और एन-95 मास्क सहित जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने तथा गंभीर मरीजों के लिए बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दे रही है। मामलों की निगरानी, समय पर पहचान और उपचार के साथ अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

जागरूकता से दूर होंगी भ्रांतियां

जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिले में स्वाइन फ्लू, स्क्रब टाइफस तथा अन्य जीवाणु और वायरस जनित रोगों से बचाव के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को रोगों के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी देना तथा बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुझाई गई सावधानियों का पालन करने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की।