चंबा, 14 अक्तूबर-जिले में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा इसके तहत पात्र लोगों को शीघ्र लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से आज उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने की।
कार्यशाला में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के प्रतिनिधियों के साथ-साथ वन अधिकार समितियों, उपमंडल स्तरीय समितियों एवं जिला स्तरीय समिति के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान वन अधिकार अधिनियम के महत्व, इसके तहत मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने अधिकारियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब अधिनियम के तहत कोई दावा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है और उसमें किसी दस्तावेज की कमी पाई जाती है, तो पूरी फाइल वापस न भेजी जाए। इसके बजाय निर्धारित समय सीमा के भीतर केवल आवश्यक दस्तावेजों को दुरुस्त अथवा उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित पक्ष को कहा जाए। इससे अनावश्यक समय की बचत होगी तथा मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद द्वारा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत जिला चम्बा के लिए तैयार की गई स्टेटस रिपोर्ट भी जारी की।
इस दौरान इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के प्रतिनिधियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे कार्यों एवं प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया को ‘रेटिफाई’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित करने का सुझाव भी प्रस्तुत किया। इस दौरान इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा पांगी उपमंडल में वन आधारित अर्थव्यवस्था के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई। इसमें पांगी की ‘पीर पंजाल जंगल प्रोड्यूसर कंपनी’ से जुड़ी महिलाएं भी शामिल रहीं, जो अपने वन अधिकारों का लाभ उठाकर वन आधारित गतिविधियों के माध्यम से अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर रही हैं।
कार्यशाला में वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, प्रक्रिया में आवश्यक सुधार तथा पात्र लोगों को समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी डॉ. विक्रम जीत सिंह, एसडीएम भरमौर अजय सिंह,तीसा(कार्यकारी) आशीष ठाकुर, वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार, वन्य जीव नवनाथ माने, खंड विकास अधिकारी संजय वर्मा, इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस स्टेट कोर्डिनेटर नेहा, अमित तुकमन्यु सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।