DHARAMSHALA, 30.09.26-जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) धर्मशाला में कांगड़ा और चंबा जिले के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (ईडीपी) बुधवार को संपन्न हुआ। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार की 'रैंप' (RAMP) योजना के तहत उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित तथा सरकारी उपक्रम 'निटकॉन लिमिटेड' (NITCON Ltd.) द्वारा क्रियान्वित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ 28 सितंबर को जिला उद्योग केंद्र, कांगड़ा के महाप्रबंधक श्री ओम प्रकाश जरियाल के प्रेरक संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने एफपीओ को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक उद्यम के रूप में स्थापित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
इस प्रशिक्षण शिविर में कांगड़ा और चंबा के विभिन्न एफपीओ से 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें निदेशक मंडल (बीओडी), अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और लेखाकार शामिल रहे। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन हिमोर्ड (HIMOARD) के निदेशक डॉ. आर. एस. मिन्हास, उप निदेशक श्री सचिन, श्री रितेश अग्रवाल तथा श्री शुभम द्वारा किया गया।
तीन दिवसीय कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने व्यावहारिक व तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया:
• प्रबंधन और लागत गणना: प्रथम दिन संगठनात्मक नेतृत्व, कच्चे माल की खरीद लागत, कार्यशील पूंजी तथा गतिविधि-आधारित लागत (एबीसी) लैब के माध्यम से वास्तविक प्रसंस्करण लागत और मूल्य निर्धारण पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
• मूल्य संवर्धन व गुणवत्ता मानक: दूसरे दिन प्राथमिक से द्वितीयक व तृतीयक खाद्य प्रसंस्करण, मशीनरी की व्यवहार्यता तथा एफएसएसएआई (FSSAI) व जैविक प्रमाणीकरण के नियमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
• पैकेजिंग, ब्रांडिंग व बाजार संपर्क: अंतिम दिन आधुनिक पैकेजिंग तकनीक, ग्रामीण ब्रांड पहचान, जीआई टैगिंग और ओएनडीसी (ONDC) सहित डिजिटल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने की रणनीति सिखाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने एफपीओ के स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई, जिसकी विशेषज्ञों ने सराहना की और गुणवत्ता सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। समापन सत्र से पूर्व प्रत्येक एफपीओ ने आगामी तीन वर्षों के लिए अपने व्यावसायिक विस्तार का स्पष्ट 'कमर्शियल ब्लूप्रिंट' तैयार किया।
कार्यक्रम का समापन प्रमाणपत्र वितरण समारोह के साथ हुआ। महाप्रबंधक श्री ओम प्रकाश जरियाल ने सभी प्रशिक्षकों की उपस्थिति में 28 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सभी प्रतिभागियों ने नए व्यावसायिक लक्ष्यों और आत्मविश्वास के साथ अपने संगठनों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।