भोरंज 29 सितंबर। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर खंड स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक मंगलवार को एसडीएम शशि पाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुनील कुमार ने बैठक में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर एसडीएम ने कहा कि बाल विकास परियोजना भोरंज के अंतर्गत 234 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के 2435 बच्चों तथा 671 धात्री माताओं को विभिन्न सेवाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही अनौपचारिक शालापूर्व शिक्षा के अंतर्गत 472 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के 680 लाभार्थियों को 17.29 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। बेटी है अनमोल योजना के प्रथम घटक के अंतर्गत 45 लाभार्थियों को 9.45 लाख रुपये तथा द्वितीय घटक के अंतर्गत 472 लाभार्थियों को 8.55 लाख रुपये का लाभ दिया गया है।
इसी प्रकार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत कुल 519 लाभार्थियों को 15.37 लाख रुपये की सहायता दी गई। इसमें प्रथम बच्चे की प्रथम किस्त के रूप में 223 लाभार्थियों को 6.69 लाख रुपये, दूसरी किस्त के रूप में 227 लाभार्थियों को 4.54 लाख रुपये तथा दूसरे बच्चे के लिए 69 लाभार्थियों को 4.14 लाख रुपये की सहायता शामिल है।
सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत भी जरुरतमंद बच्चों को विभिन्न आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई। इसके तहत एक बच्चे को विवाह हेतु 2 लाख रुपये, एक बच्चे को उच्च शिक्षा के लिए 43,550 रुपये तथा 21 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा के लिए कुल 3.64 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
एसडीएम ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल, हेल्थ एजुकेटर अमरदीप शर्मा, खंड शिक्षा कार्यालय से अधीक्षक ग्रेड सुरजीत सिंह, बाल विकास परियोजना कार्यालय के सभी वृत्त पर्यवेक्षक तथा सुनीता धीमान, मदन कुमार सहित कार्यालय का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।