मिशन वात्सल्य के तहत बिलासपुर में 51 नए बच्चों को प्रायोजन योजना की मंजूरी
पहले से 109 बच्चे ले रहे योजना का लाभ, प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह चार-चार हजार रुपए की सहायता
बिलासपुर, 28 सितम्बर: जरूरतमंद एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला बिलासपुर में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 51 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने की मंजूरी प्रदान की गई है। इस संबंध में प्रायोजन एवं पालन-पोषण देखभाल स्वीकृति समिति की बैठक उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
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स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत छात्राओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
बिलासपुर, 28 सितंबर: स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के अंतर्गत नगर परिषद बिलासपुर द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में विद्यार्थियों के लिए वेस्ट टू आर्ट, चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा रचनात्मकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में नगर परिषद बिलासपुर की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी वर्षा चौधरी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रचनात्मक कृतियों का अवलोकन किया तथा छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा विद्यार्थियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा देवी एवं शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में आरुषि ठाकुर ने प्रथम, हिमानी शर्मा ने द्वितीय तथा अमिशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में जैस्मिन शर्मा ने प्रथम, सजरून ने द्वितीय तथा शाहिद अंसारी ने तृतीय स्थान हासिल किया। वेस्ट टू आर्ट प्रतियोगिता में गायत्री देवी ने प्रथम, रितिका ने द्वितीय तथा प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से कचरे के पुनः उपयोग, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया। छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी एवं जागरूकता का परिचय दिया।
नगर परिषद बिलासपुर द्वारा स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण की भावना तथा जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रस्तुत मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद जिले के विभिन्न विकास खंडों से संबंधित 51 बच्चों को योजना के तहत लाभ देने की स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें सदर विकास खंड के 18, श्री नयना देवी जी के 15, झंडूता के 4 तथा घुमारवीं विकास खंड के 14 बच्चे शामिल हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि बिलासपुर जिले में पहले से 109 बच्चे प्रायोजन योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह चार हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। 51 नए बच्चों को स्वीकृति मिलने के बाद जिले में इस योजना से लाभान्वित होने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 160 हो जाएगी।
बैठक में बताया गया कि स्वीकृत 51 बच्चों को प्रारंभिक रूप से मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाएगा। मिशन वात्सल्य के लिए धनराशि प्राप्त होने के बाद इन बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत प्रायोजन योजना का लाभ दिया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि मिशन वात्सल्य का उद्देश्य कठिन एवं संवेदनशील परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना तथा उन्हें उनके परिवार और सामाजिक परिवेश में सुरक्षित रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित विकास के अवसर प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र बच्चों एवं परिवारों को चिकित्सा, शिक्षा तथा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
उन्होंने बताया कि विधवा, तलाकशुदा अथवा परित्यक्त माता के बच्चे, विस्तारित परिवार के साथ रह रहे अनाथ बच्चे, गंभीर बीमारी से प्रभावित माता-पिता के बच्चे तथा ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता आर्थिक अथवा शारीरिक कारणों से उनकी देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं, प्रायोजन योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी, शोषण, दुर्व्यवहार, सड़क पर रहने अथवा अन्य कठिन परिस्थितियों से प्रभावित बच्चों को भी योजना के तहत सहायता के लिए चिन्हित किया जा सकता है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ प्राप्त कर रहे बच्चों की समय-समय पर विभागीय दलों के माध्यम से जांच और उनकी स्थिति की जानकारी ली जाए। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं के माध्यम से मिशन वात्सल्य सहित बच्चों से संबंधित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र बच्चों और उनके परिवारों की समय पर पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा जरूरतमंद बच्चों की पहचान के लिए पंचायत स्तर तक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष तृप्ता ठाकुर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सत्या चंदेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी गैर-संस्थागत शैली गुलरिया, जिला समन्वयक नीलम डोगरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
बिलासपुर, 28 सितंबर: जिला उद्योग केंद्र, बिलासपुर द्वारा रेशम विभाग के सहयोग से निटकॉन लिमिटेड के माध्यम से आरएएमपी परियोजना के सामाजिक समावेशन घटक के अंतर्गत घुमारवीं स्थित रेशम विभाग कार्यालय के बैठक कक्ष में फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 54 रेशम पालन लाभार्थियों एवं उद्यमियों ने भाग लिया।कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महाप्रबंधक एवं रेशम विभाग के प्रभारी मनोज, रेशम विकास अधिकारी घुमारवीं वंदना शर्मा, एनएसआईसी मंडी के मुख्य प्रबंधक लोकेश भाटिया, वरिष्ठ तकनीकी सहायक चंद्रकला, वरिष्ठ सलाहकार संगीता सोनी तथा डीआईसी बिलासपुर आरएएमपी स्टाफ की सलाहकार सुनीता उपस्थित रहीं।बैठक के दौरान प्रतिभागियों को रेशम कोकून बाजार मंच, कोकून की बिक्री के बाद उपलब्ध लाभ, विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सब्सिडी, उद्यम पंजीकरण, उद्यम विकास तथा बाजार संपर्क के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने रेशम पालन से जुड़ी गतिविधियों को उद्यम के रूप में विकसित करने, उपलब्ध वित्तीय सहायता का लाभ उठाने तथा बाजार से बेहतर जुड़ाव स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों एवं उद्यमियों को विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं, उद्यम पंजीकरण तथा रेशम पालन आधारित गतिविधियों के विस्तार से संबंधित अपनी शंकाएं एवं प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे, जिनका मौके पर समाधान किया गया।