सोलन-दिनांक 17.09.2026
योजनाओं के कार्यान्वयन तथा जनसमस्याओं के समाधान में पंचायत प्रतिनिधि की भूमिका महत्वपूर्ण - मनमोहन शर्मा
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज ज़िला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में विकास खण्ड नालागढ़ की ग्राम पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों एवं उप-प्रधानों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह आयोजन किया गया।
उपायुक्त ने नव निर्वाचित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि इस बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नव निर्वाचित प्रधानों एवं उप-प्रधानों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, पंचायत कार्यप्रणाली तथा विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है, ताकि वह अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका गांवों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा लोगों की समस्याओं के समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मज़बूत करने को भी कहा।
मनमोहन शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि लोगों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाएं ताकि उन्हें शीघ्र परियोजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में भी पंचायत प्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत में पुरस्तकालय, आंगनवाड़ी, सामुदायिक केन्द्र इत्यादि कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से पंचायत कार्यों के अतिरिक्त सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों में भी आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मुख्य रूप से नशे के विरुद्ध जागरूकता, स्वच्छता, अपनी पंचायत में पेयजल की आवश्यकताओं को पूर्ण करने पर भी ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग कर स्थानीय लोगों के छोटे-मोटे झगड़ों को पंचायत स्तर पर ही निपटाना सुनिश्चि करें।
प्रशिक्षण शिविर में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा पंचायती राज अधिनियम 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम-1997, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम-2002, पंचायती राज व्यवस्था, पंचायतों के कार्य एवं दायित्व, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण शिविर में ज़िला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिन्द्र सिंह राणा, सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल द्वारा भी पंचायती राज से संबंधित विषयों पर जानकारी प्रदान की गई।