रैत-कोहला सड़कमार्ग 30 सितंबर तक बंद रहेगा

धर्मशाला, 31 अगस्त: रैत-कोहला 2.5 किलोमीटर सड़क मार्ग में सीमेंट कंक्रीट पेवर बिछाने के काम की वजह से यह मार्ग 30 सितंबर तक सभी वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेगा। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि यह निर्णय जन सुरक्षा एवं सड़क निर्माण कार्य के निर्बाध व शीघ्र निष्पादन को देखते हुए लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान स्थानीय लोगों की आवाजाही पुहाड़ा-चुड़था और हरनेरा-बड़ज-ततवानी सड़कमार्ग अथवा पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से होगी।
उन्होंने कार्यान्वयन एजेंसी व लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये हैं कि कार्यस्थल पर उचित बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत व आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किये जाएं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील भी की है।

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खेलों से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास की भावना होती है विकसित: देवेंद्र जग्गी

योल कैंट में अंडर-14 ब्लाॅक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ, विभिन्न स्कूलों के नन्हे खिलाड़ी दिखाएंगे प्रतिभा

धर्मशाला, 31 अगस्त: राजकीय उच्च विद्यालय योल कैंट में अंडर-14 छात्र एवं छात्राओं की ब्लाॅक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ धर्मशाला के पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रतियोगिता में ब्लाॅक के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राएं विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

इस अवसर पर मुख्यातिथि देवेंद्र जग्गी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है।

देवेंद्र जग्गी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में जीत और हार जीवन का हिस्सा है, लेकिन मैदान में पूरे अनुशासन, ईमानदारी और खेल भावना के साथ उतरना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे परिणाम की चिंता किए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और निरंतर मेहनत को अपनी सफलता का आधार बनाएं।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों का खेलों से जुड़ना और भी जरूरी हो गया है। खेल न केवल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखते हैं, बल्कि उनमें सकारात्मक सोच और चुनौतियों का सामना करने का साहस भी पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।

विद्यालय के मुख्याध्यापक राजिन्द्र प्रसाद ने मुख्यातिथि देवेंद्र जग्गी एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ-साथ उनमें खेल भावना, अनुशासन, आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

इस अवसर पर ब्लाॅक अध्यक्ष हरभजन सिंह भज्जी, पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष सुरेश धीमान, हरीश, बाॅबी गोस्वामी, संजीव सहोता, जयपाल, ओंकार चंद, विनोद राणा, पंकज मैहरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, विद्यालय स्टाफ, खिलाड़ी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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16 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले में सीडब्लयूसी कांगड़ा ने तलब की स्टेटस रिपोर्ट

धर्मशाला, 31 अगस्त: जयसिंहपुर क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्र अभिलाष पुत्र संजय चैधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले को डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्लयूसी), कांगड़ा स्थित धर्मशाला ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस थाना लम्बागांव से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।

इस सम्बन्ध में आज यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन जिला बाल कल्याण समिति कांगड़ा विक्रमजीत शर्मा ने की। बैठक में सदस्य विजय कुमार तथा सदस्य नरेशठा कुमारी भी मौजूद रहे।

उन्होंने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्र 27 अगस्त की शाम घर से अपर लंबागांव में ट्यूशन के लिए निकला था, जिसके बाद वह लापता हो गया। अगले दिन छात्र घर के पास सड़क किनारे गंभीर अवस्था में मिला। उपचार के दौरान उसकी स्थिति नाजुक होने पर उसे टांडा मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

इस प्रकरण में सीडब्लयूसी कांगड़ा ने बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के दृष्टिकोण से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस थाना से जांच की वर्तमान स्थिति, बच्चे के लापता होने से लेकर अस्पताल पहुंचने तक की परिस्थितियों तथा जांच में अब तक सामने आए तथ्यों की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सीडब्लयूसी ने स्पष्ट किया कि बच्चे की मृत्यु से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष एवं संवेदनशील जांच आवश्यक है। विशेष रूप से यह भी देखा जाएगा कि घटना के दौरान बच्चे की सुरक्षा, संरक्षण एवं सहायता से संबंधित किसी स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई।

चेयरमैन विक्रमजीत शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। समिति मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं संबंधित विभागों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद, बाल हित में आवश्यक कार्रवाई एवं अनुशंसाएं करेगी।

सीडब्लयूसी ने संबंधित पुलिस थाना को समयबद्ध तरीके से स्टेटस रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। समिति द्वारा रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत मामले की समीक्षा कर आगामी कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।

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लम्पी रोग की रोकथाम को कैंपेन मोड में टीकाकरण शुरू : सीमा गुलरिया

1.35 लाख वैक्सीन डोज पहुंची, 15 हजार पशुओं का टीकाकरण पूरा

धर्मशाला, 31 अगस्त: उप निदेशक पशु पालन डाॅक्टर सीमा गुलरिया ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं में फैलने वाले लम्पी रोग की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन का कार्य कैंपेन मोड में शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास कुल 1 लाख 35 हजार वैक्सीन डोज पहुंच चुकी हैं और अब तक लगभग 15 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि लम्पी रोग संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, त्वचा पर कठोर गांठें, आंख-नाक से स्राव, सुस्ती, मुंह में कमी तथा दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विभाग की टीमें संक्रमित पशुओं की लगातार निगरानी कर रही हैं।

सीमा गुलरिया ने कहा कि पंजाब और हरियाणा से पशुओं की खरीद-फरोख्त के चलते हिमाचल प्रदेश में भी लम्पी रोग का संक्रमण बढ़ा है। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें तथा गोशाला में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। साथ ही मक्खी-मच्छरों की रोकथाम के लिए भी उचित कदम उठाएं।

उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि संक्रमण के दौरान पशुओं की खरीद-फरोख्त से बचें, अपने पशुओं को चरागाह में न छोड़ें तथा किसी भी पशु में लम्पी रोग के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशुपालन विभाग से संपर्क करें।

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नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर होगी कार्रवाई, कब्जे भी हटेंगे: उपायुक्त
एनकाॅर्ड की जिला स्तरीय बैठक में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने दिए सख्त निर्देश, स्कूलों और पंचायतों में बढ़ाई जाएगी जागरूकता गतिविधियां

धर्मशाला, 31 अगस्त: जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम और नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने बहुआयामी रणनीति के तहत कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में सोमवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकाॅर्ड) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की।
बैठक में नशे की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, नशा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों में कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए तथा अवैध निर्माणों को नियमानुसार हटाया जाए। सभी एसडीएम को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने तथा चिन्हित हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डाॅ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, टांडा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिओयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।
उपायुक्त ने जेलों में बंद नशे से संबंधित आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों तथा नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन पर ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान के संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि जिले की पंचायतों में विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों का नियमित दौरा करेंगे और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय करने तथा एसएएमवीएएडी (सिस्टेमैटिक एडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडिशन डायलाॅग) कार्यक्रम के तहत नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि स्कूल परिसर अथवा उसके आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जाए। विद्यार्थियों के लिए नियमित कार्यशालाओं, संवाद कार्यक्रमों और काउंसलिंग सत्रों का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच और उनकी कार्यप्रणाली के मासिक मूल्यांकन के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने सभी विभागों को अपनी-अपनी गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण करने और आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी के माध्यम से ‘नशा मुक्त कांगड़ा’ को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशा निवारण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और अब तक की गई विभिन्न कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, पुलिस अधीक्षक देहरा संदीप धवल, पुलिस अधीक्षक नूरपुर इलमा अफरोज, एसडीएम मोहित रत्न, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. ओमेश भारती, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ. अनुराधा, सचिव जिला रेडक्राॅस ओपी शर्मा, डीएसपी जेल संजीव कुमार, आरपीजीएमसी टांडा से डाॅ. पंकज कुमार, डाॅ. अनीता, सहायक निदेशक आरएफएसएल डाॅ. राकेश कुमार, जिला अटाॅर्नी एनएस चैहान, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, उपनिदेशक कृषि अशोक कुमार, सहायक आबकारी अधिकारी रिशिका ठाकुर, उपनिदेशक शिक्षा अजय संबयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा जिले के एसडीएम, डीएसपी एवं बीएमओ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।