सोलन- दिनांक 14.08.2026-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि पौधरोपण का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देकर स्वच्छ एवं हरित हिमाचल के निर्माण में योगदान देना है। डॉ. शांडिल आज यहां वन विभाग सोलन के सौजन्य से ग्राम पंचायत मही के गांव हाथों में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर विधिवत मृदा पूजा के उपरांत आंवला का पौधा रोपित किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वन महोत्सव एवं पौधरोपण जैसे कार्यक्रम मानव जीवन की सुरक्षा के लिए नितांत आवश्यक है। यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा, संरक्षण, नियमित देखभाल एवं उनके जीवित रहने को सुनिश्चित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम तथा जन भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष बल देने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग, शिक्षा विभाग तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने पौधरोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनी और इनके शीघ्र निपटारे के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
कार्यक्रम में स्थानीय पर्यावरण एवं जलवायु के अनुरूप देशज प्रजाति देवदार, बान, जामुन एवं रीठा सहित लगभग 100 पौधों का रोपण किया गया। इससे क्षेत्र में संतुलित एवं सतत् पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहन मिल सकेगा।
वन मंडल अधिकारी सोलन प्रदीप कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पौधरोपण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष कर्नल संजय शांडिल, उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट गोपाल शर्मा, वन अरण्यपाल सोलन नरेंद्र प्रकाश वर्मा, खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी सायरी डॉ. अजय सिंह, खण्ड विकास अधिकारी ओ.पी. शर्मा, सहायक वन अरण्यपाल चंद्रिका शर्मा, ग्राम पंचायत मही की प्रधान रीना देवी, ग्राम पंचायत धरोट के प्रधान कृष्ण कुमार, ग्राम पंचायत मनसार के प्रधान जय प्रकाश, समेकित बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट रक्षा शर्मा, तहसील कल्याण अधिकारी कण्डाघाट भूपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय निवासी उपस्थित थे।