बिलासपुर, 09 अगस्त: घुमारवीं उपमंडल के तहत किरतपुर-नेरचौक फोरलेन से सटी ग्राम पंचायत पनोह के फेटीधार क्षेत्र में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 14 अगस्त को दधोल, घुमारवीं में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा करेंगे। यह जानकारी तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को ग्राम पंचायत पनोह में महिला मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जनसभा को संबोधित करते हुए दी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि फेटीधार में प्रस्तावित बायोडायवर्सिटी पार्क का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता का संरक्षण करने के साथ-साथ इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना है। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन से होकर कुल्लू-मनाली जाने वाले पर्यटकों को पार्क की ओर आकर्षित किया जाएगा, ताकि वे यहां रुककर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें। इससे फोरलेन से सटी पंचायतों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि फोरलेन के किनारे विकसित होने वाला यह पार्क क्षेत्र में पर्यटन का नया आकर्षण बन सकता है। पार्क के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार, पर्यटन आधारित गतिविधियों और अन्य स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, खेल और कौशल विकास के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घुमारवीं में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें स्विमिंग पूल सहित विभिन्न खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए घुमारवीं में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से स्किल अकादमी स्थापित की जा रही है, जिसके भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा दो करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इसके अलावा घुमारवीं में स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि करयाल क्षेत्र में फुटबॉल मैदान विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक, कौशल एवं खेल से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि घुमारवीं में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए 25 बीघा भूमि उपलब्ध करवाई गई है तथा इसके प्रथम चरण के लिए 55 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्रीय विद्यालय शुरू होने से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि पनोह में आंगनबाड़ी केंद्र और क्रेच सेंटर खोलने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके अतिरिक्त टिकरी गांव में सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि नाल्टी गांव में सड़क को पक्का करने का कार्य किया जाएगा। क्षेत्र में पेयजल सुविधा को मजबूत करने के लिए नई छोटी पेयजल योजना भी तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ शिक्षा, कौशल विकास, खेल और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने के साथ लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला बिलासपुर में लगभग 214 बच्चों को लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जरूरतमंद और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करवा रही है तथा पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर पंचायत प्रधान विमला देवी, बीडीसी सदस्य कौशल्या कुमारी, ग्राम सुधार समिति के प्रधान राजेश्वर सिंह, पूर्व प्रधान कुलजीत सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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