मक्की की फसल को फॉल आर्मीवर्म से बचाने के लिए समय रहते अपनाएं प्रभावी प्रबंधन उपाय: कुलभूषण धीमान
बिलासपुर, 15 जुलाई: उपनिदेशक कृषि कुलभूषण धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर में लगभग 24,300 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्की की बुआई की गई है। पिछले चार-पांच वर्षों से जिले में मक्की की फसल पर फॉल आर्मीवर्म का लगातार प्रकोप देखा जा रहा है। यह कीट किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है। इसलिए किसानों को फसल का नियमित निरीक्षण करते हुए प्रारंभिक अवस्था में ही इस कीट का प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि फॉल आर्मीवर्म एक अत्यंत विनाशकारी एवं बहुभक्षी कीट है, जिसकी उत्पत्ति उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में हुई है। भारत में इसका पहला प्रकोप वर्ष 2018 में कर्नाटक राज्य में दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह देश के अधिकांश मक्का उत्पादक राज्यों सहित हिमाचल प्रदेश में भी फैल गया। इस कीट की सूंडियां मक्की की पत्तियों तथा पौधे के मध्य भाग (व्होर्ल) को खाकर फसल को गंभीर क्षति पहुंचती हैं। यदि समय रहते इसका नियंत्रण नहीं किया जाए तो मक्की की उपज में 20 से 30 प्रतिशत अथवा उससे अधिक की कमी आ सकती है।
उन्होंने बताया कि फॉल आर्मीवर्म के प्रभावी प्रबंधन के लिए खेतों का नियमित निरीक्षण, अंड समूहों एवं छोटी सूंडियों का नष्ट करना, फेरोमोन ट्रैप का उपयोग तथा आवश्यकता अनुसार जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण अपनाना अत्यंत आवश्यक है। अधिक प्रकोप की स्थिति में केवल कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी (कोराजन) का 0.4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव प्रभावी रहता है। छिड़काव इस प्रकार किया जाना चाहिए कि दवा पौधे के मध्य भाग तक पहुंचे, क्योंकि सूंडियां सामान्यतः वहीं छिपी रहती हैं।
कृषि उपनिदेशक ने बताया कि फॉल आर्मीवर्म की निगरानी एवं नियंत्रण के लिए कृषि विभाग बिलासपुर द्वारा जिला कृषि अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों, विषय विशेषज्ञों, उप परियोजना अधिकारी (आत्मा) तथा कृषि विकास अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष निगरानी दल का गठन किया गया है। यह दल किसानों के खेतों का नियमित निरीक्षण कर उन्हें तकनीकी परामर्श प्रदान कर रहा है तथा आवश्यकता अनुसार कीटनाशकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी (कोराजन), इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी तथा स्पिनोसैड 45 प्रतिशत एससी कृषि बिक्री केंद्रों में अनुदान पर उपलब्ध करवा दी गई हैं। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कीटनाशक विक्रेताओं के पास भी ये दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मक्की की फसल का नियमित निरीक्षण करते रहें तथा फॉल आर्मीवर्म का प्रकोप दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें, ताकि समय रहते नियंत्रण कर फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। अधिक जानकारी एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान जिला कृषि अधिकारी राजीव शर्मा (7018237345), विषय विशेषज्ञ घुमारवीं रूप लाल (7018959003), विषय विशेषज्ञ झंडूता पूर्ण चंद (7018860120), विषय विशेषज्ञ सदर अमरजीत (8219091614) तथा कृषि विकास अधिकारी स्वारघाट दीपक सख्याण (7018750761) से संपर्क कर सकते हैं।
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17 जुलाई को दाड़ी में बिजली बंद रहेगी
धर्मशाला, 15 जुलाई: विद्युत उपमंडल-2 के सहायक अभियंता रमन भरमौरीया ने जानकारी देते हुए बताया है कि विद्युत लाइनों के सामान्य रख-रखाव कार्य के कारण 17 जुलाई सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 11 केवी दाड़ी फीडर के शीला चैक, अचीवर-हब, दाड़ी बाज़ार, पासू, भटेड व अन्य साथ लगते क्षेत्रांे में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। मौसम खराब होने पर उक्त कार्य अगले दिन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
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हरोली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 28 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे
10 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन - शिव सिंह
ऊना, 15 जुलाई। बाल विकास परियोजना हरोली के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 7 और सहायिकाओं के 21 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। सीडीपीओ हरोली शिव सिंह ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन सादे कागज पर भर के 10 अगस्त सायं 5 बजे तक बाल विकास परियोजना कार्यालय हरोली में जमा करवा सकते हैं। शिव सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र भदसाली हरिजन बस्ती, भुलिया मोहल्ला भदसाली, कुठार बीत-2, हरिजन बस्ती- 1 पूबोवाल, ब्रह्मण मोहल्ला गोंदपुर जयचंद, हरोली-2 और खत्री बस्ती पंजावर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 1-1 पद भरा जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र लोहार मोहल्ला बाथड़ी, ब्राह्मण मोहल्ला सिंगा, विदडवाल, भांडीवारा - 2, पंजुवाना - 1, मकोडगढ़, वर्तमान लोअर बढ़ेड़ा, लोहार मोहल्ला बढ़ेड़ा, अप्पर पालकवाह, वर्तमान सैंसोवाल, धर्मपुर लोअर, मिश्रा मोहल्ला दुलैहड़, ब्राह्मण मोहल्ला हीरानगर, गोंदपुर जयचंद - 3, ब्रह्मण मोहल्ला गोंदपुर जयचंद, राजपूत तरखान मोहल्ला गोंदपुर जयचंद, खरोइया मोहल्ला पंडोगा, अटावा मोहल्ला पंडोगा, अप्पर वर्तमान भदसाली, हीरा-1 और धनारू मोहल्ला ललड़ी में आंगनबाड़ी सहायिकाओं का 1-1 पद भरा जाएगा।
शैक्षणिक योग्यता एवं मानदंड
सीडीपीओ हरोली शिव सिंह ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। प्रार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। अभ्यर्थी संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए। प्रार्थी के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार से अधिक नही होनी चाहिए जिसका प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार/तहसीलदार/कार्यकारी मजिस्ट्रेट अधिकारी द्वारा प्रमाणित/प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए।
ये रहेगी साक्षात्कार की प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि विज्ञापित पदों के लिए चयन कुल 25 अंकों में से योग्यता के आधार पर होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिका के लिए जमा दो के अंक प्रतिशतता के अधिकतम पास अंक के आधार पर शैक्षणिक योग्यता के लिए अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे, जिसमें जमा दो में अंकों का प्रतिशत अधिकतम 7 अंकों के अधीन आनुपातिक आधार पर होगा। उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को 3 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, जिसमें स्नातक के लिए 2 अंक तथा स्नातकोत्तर और ऊपर के लिए 1 अंक रखा गया है। कार्य अनुभव के लिए अधिकतम 3 अंक दिए जाएंगे, इसमें संबंधित पंचायत में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/आंगनवाड़ी सहायिका/बाल सेविका/बालवाड़ी शिक्षक/नर्सरी शिक्षक/सिलाई शिक्षक/ईसीसीई की शिशु पालक, जिन्होंने 10 महीने तक काम किया है, उन्हें प्रत्येक वर्ष के अनुभव के लिए एक अंक दिया जाएगा, जो अधिकतम 3 अंकों के अधीन होगा। 40 प्रतिशत और उससे अधिक विकलांगता वाली दिव्यांग महिलाओं के लिए 2 अंक दिए जाएंगे। इसमें यह शर्त रहेगी कि विकलांगता इस प्रकार की ना हो कि वह उनकी नौकरी की जिम्मेदारी के निर्वहन में बाधा उत्पन्न करे। एससीध्एसटीध्ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 2 अंक, राज्य गृह निवासी,बालिका आश्रम निवासी, अनाथ, विधवा, निराश्रित, तलाकशुदा, विवाहित महिलाएं जिनके पति का पिछले 7 वर्षों से पता नहीं चल पा रहा है, महिलाएं जो अपने पतियों द्वारा परित्यक्त हैं और जो अपने माता-पिता के साथ रह रही हैं, के लिए 3 अंक दिए जाएंगे। जिनके कोई पुत्र नहीं है ऐसे दो पुत्रियों वाले परिवारों की अविवाहित लड़की के लिए 2 अंक या जिनके कोई पुत्र नहीं है ऐसे दो पुत्रियों वाली विवाहित महिलाओं के लिए 2 अंक दिए जाएंगे। व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए 3 अंक दिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय हरोली के दूरभाष नम्बर 01975-292563 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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जन जानगरूकता अभियान के दूसरे दिन नाट्य दलों ने पंजावर और भदसाली में ग्रामीण किए जागरूक
ऊना, 15 जुलाई। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के दूसरे चरण के दूसरे दिन आज (बुधवार)को पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा ने हरोली उपमंडल की अप्पर पंजावर पंचायत के जंगल पंजावर और भदसाली खास पंचायत के भदसाली थोलियां में जन-जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान कलाकारों ने गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के कल्याणार्थ चलाई जा रही योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों तथा नशामुक्त अभियान से अवगत करवाया।
कार्यक्रम में कलाकारों ने जानकारी दी कि अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत यदि स्वर्ण जाति का कोई युवक अथवा युवती अनुसूचित जाति वर्ग में विवाह करता/करती है तो प्रदेश सरकार द्वारा दंपत्ति को 50 हज़ार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह योजना समाज से छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाई गई है। इसके लिए दंपत्ति को जाति प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की प्रति, आधार कार्ड, विवाह का फोटो तथा संबंधित जिला कल्याण अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त, नाट्यदल के कलाकारों ने बताया कि अनुवर्ती कार्यक्रम योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र लाभार्थियों को आजीविका के साधन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रति सिलाई मशीन पर 1,800 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है, ताकि वे घर पर ही रोजगार अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
इसके साथ ही, कलाकारों ने विशेष रूप से नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
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सायं 7 बजे से प्रातः 6 बजे तक खनन संबंधी गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
ऊना, 15 जुलाई. जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत पूर्व में जारी आदेश में संशोधन करते हुए जिला ऊना में खनन सामग्री के परिवहन के लिए अनुमत समयावधि में परिवर्तन किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेगा।
यह संशोधन पुलिस अधीक्षक ऊना तथा उपमंडलाधिकारी (ना.) हरोली की संस्तुतियों पर विचारोपरांत किया गया है। आदेश के अनुसार अब टिपर एवं ट्रकों के माध्यम से खनन सामग्री का परिवहन प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकेगा। वहीं खनन से संबंधित सभी गतिविधियां, जिनमें उत्खनन एवं लोडिंग शामिल हैं, केवल प्रातः 6 बजे से सायं 7 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। सायं 7 बजे से प्रातः 6 बजे तक खनन संबंधी सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आदेश के अनुसार खनन सामग्री का परिवहन करने वाले सभी वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों तथा लागू यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। वाहनों को निर्धारित गति सीमा तथा पुलिस विभाग एवं अन्य सक्षम प्राधिकरणों द्वारा जारी यातायात संबंधी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी।
धूल प्रदूषण, सामग्री के बिखराव एवं पर्यावरणीय क्षति की रोकथाम के लिए खनन सामग्री को पूरी तरह ढककर ले जाना अनिवार्य होगा। प्रत्येक वाहन के पास वैध परमिट, ट्रांजिट पास तथा खनन एवं पर्यावरण संबंधी कानूनों के तहत अपेक्षित अन्य सभी वैधानिक दस्तावेज होना आवश्यक होगा।
खनन पट्टाधारकों, ठेकेदारों, परिवहनकर्ताओं एवं वाहन स्वामियों को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत तथा वाहनों की सड़क योग्यता सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खनन सामग्री के परिवहन से सार्वजनिक मार्गों पर किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो तथा आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न पहुंचे।
आदेश में कहा गया है कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरणों द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन करना सभी संबंधित पक्षों के लिए अनिवार्य होगा। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन, कानून का उल्लंघन अथवा जनसुरक्षा, लोक व्यवस्था या पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में संबंधित अनुमति बिना पूर्व सूचना के वापस ली जा सकेगी। इसके अतिरिक्त प्रासंगिक कानूनों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
जन जागरूकता अभियान का आगामी शेडयूल
पूर्वी कलां मंच जलग्रां टब्बा द्वारा 16 जुलाई को ऊना के बटूही और लमलेहड़ी अप्परली, 17 को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी।
इस मौके पर पंजावर अप्पर के प्रधान रणजीत राणा, भदसाली खास की प्रधान सुषमा देवी, उप प्रधान कर्ण सिंह, वार्ड सदस्य सर्वजीत, अंजू, धर्मेंद्र सिंह, सोनिया, वंदना कुमारी, कृष्णा देवी सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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ओयल और बामटा पंचायत में दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी
नशामुक्ति के संदेश के साथ सरकारी योजनाओं से किया गया ग्रामीणों को जागरूक
बिलासपुर, 15 जुलाई: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पंहुचाने के उदेश्य से सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग विशेष प्रचार अभियान के अंतर्गत आज जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत ओयल और बामटा में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा सूचिबद्ध सांस्कृतिक दल महासंगम थिएटर ग्रुप बिलासपुर के अध्यक्ष विकास कुमार व अन्य कलाकारों ने लोकगीतों और नुक्कड नाटकों की प्रस्तुति से रोज़गार, गृह अनुदान योजना व स्वास्थ्य योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी सरल और मनोरंजक ढंग से ग्रामवासियों तक पंहुचाई। इसके अतिरिक्त कलाकारों ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया और समझाया कि किस प्रकार नशा युवाओं एवं समाज को प्रभावित कर रहा है और इससे दूर रहना क्यों आवश्यक है।
कलाकारों ने लोगों को नुक्कड़ नाटक व संगीत के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं में अनुसूचित जाति से सम्बन्ध रखने वाले 18-55 आयु वर्ग के लोगों को, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो उन्हें व्यवसाय हेतु 50 हजार से 1.40 लाख रुपये तक का ऋण 6.50 प्रतिशत ब्याज दर पर तथा 50 लाख रुपये तक का ऋण 8 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जाता है।
इस अवसर पर लगभग 100 से 120 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। लोगो का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर सरकार द्वारा आयोजित किये जाने चाहिए ताकि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंच सके व आम जन इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत ओयल प्रधान चंपा देवी, बीडीसी सदस्य नीलम कुमारी वार्ड सदस्य अमृत लाल, बृज लाल, सोनू देवी, अंजना देवी, फुला देवी, तथा ग्राम पंचायत बामटा प्रधान कौशल्या देवी, उप प्रधान विक्रम ठाकुर, बार्ड सदस्य सोमा देवी, सलोचना देवी, नन्द लाल, मंजू जासवाल, मेहर, क्रांति वर्मा व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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ऋषिकेश अनुभाग के अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति
बिलासपुर 15 जुलाई: सहायक अभियंता विद्युत उप मण्डल-।। ई. रविन्द्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 जुलाई को ऋषिकेश अनुभाग में बिजली की लाईनों की आवश्यक मरम्मत व पेडों की कांट-छांट करने के चलते कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश अनुभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र ब्रेटा, कोहिना तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रुप से बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
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कल्लर और कचौली के ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग अपनाने के लिए किया जागरूक
बिलासपुर, 15 जुलाई: अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय, बिलासपुर द्वारा वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत कल्लर एवं कचौली में विशेष जागरूकता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र नागरिक को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना, वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना तथा केंद्र सरकार की विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना रहा।
शिविर में अग्रणी जिला प्रबंधक चन्द्र शेखर यादव, वित्तीय साक्षरता सलाहकार विजय कुमार धीमान तथा यूको बैंक छड़ोल शाखा के प्रबंधक कमल देव ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अटल पेंशन योजना डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, आधार सीडिंग, मोबाइल बैंकिंग तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक नागरिक बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ बीमा, पेंशन एवं अन्य वित्तीय सुरक्षा लाभों से जुड़ सकता है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के तरीकों की जानकारी भी दी। शिविर के दौरान ग्रामीणों की बैंकिंग संबंधी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया गया तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाया। इस अवसर पर अधिकारियों ने सभी नागरिकों से बैंकिंग सेवाओं का नियमित उपयोग करने, डिजिटल भुगतान को अपनाने तथा सरकार द्वारा संचालित वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।