07 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर के खोखाधारकों को दिया उचित पुनर्वास का भरोसा
सुनील शर्मा बिट्टू की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मिला खोखाधारकों का प्रतिनिधिमंडल
हमीरपुर। हमीरपुर के वर्तमान अंतरराज्यीय बस अड्डे की जगह पर सिटी सेंटर के निर्माण से प्रभावित होने वाले 11 खोखाधारकों ने पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है। ये खोखाधारक शिमला में राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू के साथ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले और उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
मुख्यमंत्री के साथ भेंट के दौरान बस स्टैंड के दुकानदार एवं खोखाधारक संजय दुग्गल, महेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, नरेंद्र कुमार, सरला देवी, सुदेश रानी, दीवान चंद, कृष्ण देव और मनजिंद्र पटियाल ने बताया कि वे बस स्टैंड के परिसर के साथ लगते खोखों एवं दुकानों से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। बस स्टैंड की जगह सिटी सेंटर के निर्माण के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से उचित पुनर्वास का निवेदन किया, ताकि उनके परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट ना खड़ा हो।
खोखाधारकों की समस्या की सुनवाई के बाद मुख्यमंत्री ने इन खोखाधारकों को भरोसा दिया कि वर्तमान बस स्टैंड से हटने के बाद उनका उचित पुनर्वास किया जाएगा। उन्हें हमीरपुर में ही उपयुक्त जगह पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां वे अपना कारोबार कर सकेंगे।
सभी खोखाधारकों ने इसके लिए मुुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और सुनील शर्मा बिट्टू द्वारा उनकी समस्या को समझ करके मुख्यमंत्री से इसका समाधान करवाने के लिए भी धन्यवाद किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में एपीएमसी हमीरपुर के अध्यक्ष अजय शर्मा और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश आनंद भी शामिल रहे।
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शिमला 07 जुलाई, 2026
मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के नए कार्यालय का शुभारम्भ किया
रेरा कार्यालय शीघ्र खोलने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के नए कार्यालय का शुभारम्भ किया। यह कार्यालय कुछ समय पहले ही शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के लोगों को इस नई सुविधा के लिए बधाई देते हुए कहा कि कांगड़ा तथा आसपास के जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है। आयोग का कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित होने से लोगों को अब अपने कार्य के लिए शिमला नहीं आना पड़ेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आयोग की सेवाएं शीघ्रता और सरलतापूर्वक मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) का कार्यालय भी शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया है और इसी दिशा में कई सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा स्थानांतरित किया जा रहा है। आने वाले समय में भी अन्य सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा जिले में स्थानांतरित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा तथा कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
इससे पूर्व, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष प्रभात चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और आयोग का कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कांगड़ा तथा आसपास के जिलों के ओबीसी समुदाय के लोगों को आयोग की सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक सुरेश कुमार, विनोद सुल्तानपुरी एवं सुदर्शन बबलू तथा पूर्व विधायक सतपाल रायजादा शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे, जबकि आयोग के सदस्य राकेश चौधरी, अधिवक्ता कश्मीर सिंह भारती एवं राजीव राणा तथा उपायुक्त हेमराज बैरवा धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।