बिलासपुर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, भव्य मार्च पास्ट की ली सलामी
स्वास्थ्य क्षेत्र प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल: डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल
बिलासपुर 15 अप्रैल: बिलासपुर का जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने पुलिस, होमगार्ड, वनमित्र तथा एनसीसी की टुकडियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। समारोह स्थल पर पंहुचने से पहले स्वास्थ्य मंत्री ने शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। यह दिन हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश की आज़ादी के 8 महीनों के बाद सन् 1948 को आज ही के दिन हमारा प्रदेश 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से चीफ कमीश्नर प्रोविंस के रूप में गठित हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करने में उस समय के नेतृत्व, प्रजामंडल आंदोलन के नायकों, आंदोलनकारियों और हिमाचल वासियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर उन सभी महान विभूतियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जिन्होंने हिमाचल के गठन में बहुमूल्य योगदान दिया।
उन्होंने जिला बिलासपुर के औहर निवासी विक्टोरिया क्रॉस विजेता भण्डारी राम का भी विशेष जिक्र करते हुए उनकी बहुमूल्य सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर के वीर योद्धाओं ने स्वतंत्रता के पश्चात् 01 परमवीर चक्र, 03 कीर्ति चक्र, 03 वीर चक्र, 05 शौर्य चक्र, 36 सेना व नौसेना मैडल तथा 15 अन्य वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने सैन्य अभियानों में शहीद होने वाले सैनिकों तथा अर्द्धसैनिकों के परिवारजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 20 लाख रूपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की है। जबकि गतवर्ष जिला के 59 वीरता पुरस्कार विजेताओं को लगभग 18 लाख रुपये की वार्षिक राशि वितरित की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है तथा 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने पर 3 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एक क्रांतिकारी पहल है। शिमला के चमियाणा, आईजीएमसी, टांडा और नेरचैक चिकित्सा महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि हमीरपुर को जल्दी ही प्रदान की जाएगी।
उन्होंने जिला बिलासपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत 26 हजार पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए लगभग 37 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है।
श्री शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत सरकार 6 हजार अनाथ बच्चों को सहारा प्रदान करते हुए उनकी शिक्षा, स्टार्ट-अप आरंभ करने, घर बनाने के लिए भूमि एवं धनराशि, जेब खर्च सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी उठा रही है। जिला बिलासपुर में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत अब तक 184 पात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग 2 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि व्यय की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 99 हजार 799 मामलों को मंजूर किया है, जिनमें जिला बिलासपुर के 49 हजार 166 मामले भी शामिल है।
डाॅ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1500 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना शुरू है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी और निश्चित आय का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मिशन 32 प्रतिशत शुरू करने का निर्णय लिया है जिसके तहत वर्ष 2030 तक वन आवरण को बढ़ाकर 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है जहां प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पन्न गेहूं, मक्की और हल्दी के लिये समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। जिसमें गेहूं पर 80 रुपये, मक्का पर 50 रुपये और हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में पहली बार अदरक की खरीद पर 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य करने का निर्णय लिया है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हमारी सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन का भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमन्त्री मछुआरा सहायता योजना आरम्भ की है, जिसके अंतर्गत जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों पर राॅयल्टी दर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने जन समस्याओं के समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाने के लिए सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की शुरूआत की है जिसके तहत दूर-दराज इलाकों के लोगों को घर-द्वार पर राहत प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त विशेष राजस्व अदालतों का नियमित आयोजन किया जा रहा है जिससे वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा संभव हुआ है। जिला बिलासपुर में राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से दिसम्बर 2025 तक 18 हजार 684 इंतकाल, 1235 तकसीम, 2190 निशानदेही तथा 478 राजस्व दुरुस्ती मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग विद्यालय स्थापित कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष 49 ऐसे विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण और क्रियाशील भवनों को अपग्रेड करने के लिए 99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान आरम्भ किया है जिसमें युवाओं सहित समस्त प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी मिलकर इस बुराई को समाज से जड़ सहित उखाड़ फेंकने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शीघ्र ही ‘खेलो इंडिया-चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत युवाओं को नशे की लत, विशेषकर चिट्टे से दूर कर खेलों के माध्यम से अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक जीवनशैली की ओर अग्रसर किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भाग सिंह, स्वतंत्रता सेनानियों की धर्मपत्नियां प्रेमी देवी, ब्यासां देवी, वीर नारी हाक्मी देवी, रामदेई सहित, प्रशासनिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया।
सम्मानित व्यक्तियों में एसडीएम सदर डाॅ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राजकुमार, डीएसपी मनीष चैधरी, तहसीलदार बबीता धीमान, डीएफएसई बृजेन्द्र पठानिया, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग रंजन गुप्ता, अनुसंधान अधिकारी ललित कुमार सहित लगभग पच्चास से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डीएवी स्कूल बिलासपुर ने समूह गान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर ने पहाड़ी नाटी, पीएम श्री मुख्यमंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर ने भांगड़ा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रघुनाथपुरा ने पहाड़ी गिद्दा प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विधायक त्रिलोक जमवाल, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, वीरू राम किशोर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, निदेशक सहकारी बैंक सुनील शर्मा, सदस्य जिला बाल कल्याण समिति तृप्ता ठाकुर, संदीप संख्यान, स्वतंत्रता सेनानी संगठन की अध्यक्ष प्रेमी देवी, उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, एसडीएम डाॅ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास पर विशेष जोर, 8वां पोषण पखवाड़ा शुरू
बिलासपुर, 15 अप्रैल: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने जानकारी देते हुए बताया कि 9 से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान निदेशालय महिला एवं बाल विकास हिमाचल प्रदेश तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं संज्ञानात्मक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने बताया कि जिला बिलासपुर के 1111 आंगनवाड़ी केंद्रों में यह पखवाड़ा उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस दौरान बच्चों के समुचित पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, खेल आधारित शिक्षण तथा स्क्रीन टाइम को कम करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें पोषण रैलियां, पोषण पे चर्चा, पंचायत स्तर की बैठकें, स्वास्थ्य शिविर, कुकिंग प्रतियोगिताएं, योग एवं खेल गतिविधियां तथा नो स्क्रीन ऑवर जैसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।
डॉ. शांडिल ने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिसमें पहले 1000 दिन अत्यंत निर्णायक होते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से इस जन-अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की ताकि स्वस्थ एवं सक्षम समाज के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।