बेटियों के सशक्तिकरण में बिलासपुर की पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान
स्कॉच अवार्ड 2025 के सेमीफाइनल में पहुंचा जिले का ‘बेटियां बनें कुशल’ मॉडल
डीसी बोले पहल 'बिलासपुर की शान बेटियां-बेटियां बनें कुशल’ स्कॉच अवार्ड फाइनल चरण में पहुंचती है, तो यह जिले के लिए होगी ऐतिहासिक उपलब्धि
बिलासपुर, 20 फरवरी: जिला प्रशासन बिलासपुर की अभिनव पहल ‘बिलासपुर की शान बेटियां-बेटियां बनें कुशल' ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड 2025 के सेमीफाइनल में स्थान बनाया है। यह उपलब्धि बेटियों के सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रमाण है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित श्बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनाश् से प्रेरित इस पहल का उद्देश्य बेटियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। जिला प्रशासन द्वारा बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए गए हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से ब्यूटीशियन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मोटर ड्राइविंग कोर्स सहित विभिन्न रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिले की अनेक बेटियां प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

उपायुक्त राहुल कुमार ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को प्रभावी रूप से लागू करते हुए इसे जनभागीदारी से जोड़कर एक व्यापक अभियान का रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में जिले में जन्म के समय लिंग अनुपात में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में इसमें उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वर्तमान में जिले का जन्म के समय लिंग अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्तर पर पहुंच गया है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि 'बिलासपुर की शान बेटियां-बेटियां बनें कुशल' पहल का स्कॉच अवार्ड के सेमीफाइनल में पहुंचना जिला बिलासपुर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यदि यह पहल अंतिम चरण में पहुंचती है, तो यह न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मॉडल देश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध होगा।

उपायुक्त ने इस उपलब्धि का श्रेय पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, विभागीय अधिकारियों तथा आमजन के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही इस पहल को सफल बनाया जा सका है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा ने बताया कि स्कॉच अवार्ड, जिसकी स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी, देश का एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है, जो सुशासन, सामाजिक समावेशन और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पहलों को मान्यता प्रदान करता है। जिला प्रशासन बिलासपुर की पहल का सेमीफाइनल तक पहुंचना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा यह दर्शाता है कि बेटियों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर सराहे जा रहे हैं।

=========================================

बिलासपुर अन्वेल्ड: टूरिज्म कैलेंडर 2026 का उपायुक्त राहुल कुमार ने किया विमोचन*

कहा............बिलासपुर की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का बना नया दस्तावेज*
बिलासपुर, 20 फरवरी: जिला प्रशासन बिलासपुर ने जिले में पर्यटन को नई दिशा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने आज शुक्रवार को बिलासपुर अन्वेल्ड: टूरिज्म कैलेंडर 2026 का औपचारिक विमोचन किया। इस विशेष वार्षिक कैलेंडर में वर्ष 2026 के दौरान जिले में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली प्रशासनिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत और व्यवस्थित विवरण प्रस्तुत किया गया है।
इस कैलेंडर में बिलासपुर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, पारंपरिक मेलों, त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों को विशेष रूप से समाहित किया गया है। इसके माध्यम से जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं को एक समग्र स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पर्यटकों, शोधकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को वर्ष भर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी एक ही मंच पर सुलभ रहेगी।
जिला प्रशासन ने कैलेंडर को आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने के लिए बिलासपुर के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के मनमोहक छायाचित्रों को भी स्थान दिया है। प्रशासन ने इस कैलेंडर को केवल एक सूचना दस्तावेज तक सीमित न रखकर, जिले की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ पर्यटन विकास को सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम भी बनाया है।
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि इस वार्षिक कैलेंडर के माध्यम से जहां लोगों को जिले में समय-समय पर आयोजित होने वाले मेलों, उत्सवों, त्योहारों आदि की जानकारी सहजता से उपलब्ध रहेगी, वहीं पर्यटन संबंधी जानकारी से पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से न केवल पर्यटन व्यवसाय को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन की दृष्टि से एक विशिष्ट एवं अत्यंत महत्वपूर्ण जिला बनाती है तथा यह कैलेंडर इन सभी विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

==========================================

ग्वालथाई में जेम और सीपीपी पोर्टल्स के संदर्भ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजित
बिलासपुर, 20 फरवरी: हिमाचल प्रदेश सरकार के इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस प्रोग्राम के तहत आज होटल हिल व्यू-कम-रेस्टोरेंट इंडस्ट्रियल एरिया ग्वालथाई बिलासपुर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, जेम और सैंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (सीपीपी) पोर्टल्स के संदर्भ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र बिलासपुर मधु शर्मा ने की।
इस अवसर पर मधु शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देकर सरकारी खरीद में भागीदारी को आसान बनाकर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना रहा। इस कार्यशाला में 40 से अधिक एंटरप्रेन्योर्स ने भाग लिया।
इस दौरान स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सेशन में इंडस्ट्री 4.0 के मुख्य पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें ऑटोमेशन, डेटा-ड्रिवन, डिसीजन-मेकिंग, प्रोडक्टिविटी में सुधार, क्वालिटी में बढ़ोतरी और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन जैसी डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाना शामिल रहा। जेम और सीपीपी अवेयरनेस सेशन में रजिस्ट्रेशन और ऑनबोर्डिंग, बिडिंग प्रोसीजर, कंप्लायंस की जरूरतें, एमएसएमई फ्रेंडली प्रोविजन, पेमेंट मैकेनिज्म और सरकारी प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध खरीद के मौकों पर परामर्श दिया गया।
इस अवसर पर सिंगल विंडो क्लीयरेंस ऑफिस के सदस्य सचिव विनय वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे