शिमला, 07.10.26-: हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय में आज अपराह्न 1:00 बजे विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से भेंट कर सचिव पर्यावरण, विज्ञान, प्रोद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन सुशील कुमार सिंगला (आई0 एफ0 एस0) ने भारत में वन संसाधन: टिकाऊ भविष्य के लिए एकीकृत शासन और समुदायिक भागीदारी विषय पर स्वयं द्वारा लिखित पुस्तक भेंट की। इस अवसर पर सिंगला ने विधान सभा अध्यक्ष को अपनी इस पुस्तक में प्रकाशित पर्यावरण, विज्ञान, प्रोद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन, जैसे विषयों से सम्बन्घित मुख्य अंशों तथा देश व प्रदेश हित में इसके लाभकारी होने बारे विस्तृत जानकारी दी।
विधान सभा अध्यक्ष को अवगत करवाते हुए सिंगला ने कहा कि यह पुस्तक 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मंत्र का अनुसरण करते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाने की योजना की झलक प्रस्तुत करती है, जिसका उद्देश्य विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से युवाओं और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जीवन को सुगम बनाना और सबसे गरीब लोगों का उत्थान करना है। यह पुस्तक पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक सहभागिता से संबंधित विभिन्न वन नीतियों, अधिनियमों, नियमों और दिशा-निर्देशों की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करती है। कृषि वानिकी आधारित भूमि उपयोग और संयुक्त वन प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी, टिकाऊ विकास के लक्ष्य को पाने के लिए बहुत ज़रूरी मुद्दे हैं।
इस अध्ययन से निकले नीतिगत सुझावों को लागू करने से हवा, ज़मीन और पानी के संसाधनों की खराब हालत का समाधान मिलेगा और निश्चित रूप से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपने को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी, जिसे इस तरह कहा गया है "पृथ्वी, हवा, ज़मीन और पानी हमारे पूर्वजों से मिली विरासत नहीं हैं, बल्कि हमारे बच्चों के लिए उधार हैं। इसलिए हमें उन्हें ये कम से कम वैसी ही स्थिति में सौंपना होगा जैसी हमें मिली थी।"
इस अवसर पर पर्यावरण सचिव सिंगला की लेखन कला की प्रशंसा करते हुए पठानियां ने कहा कि यह पुस्तक लाखों पाठकों के माध्यम से जहाँ समाज के लोगों में पर्यावरण, विज्ञान, प्रोद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों बारे ज्ञानवर्धन का कार्य करेंगी वहीं भविष्य की पीढ़ी भी इसके अनुसरण से लाभान्वित होंगी। पठानियां ने पुस्तक प्रकाशन के लिए सिंगला को अपनी ओर से बधाई तथा अनंत शुभकामनाएं दी।