नीलोखेड़ी/करनाल, 09.09.26-: ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को मजबूत करना आवश्यक है। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से न केवल विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाता है, बल्कि आमजन की भागीदारी और योजनाओं के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे जिला परिषद, करनाल सामाजिक अंकेक्षण विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में संस्थान से संसाधन व्यक्ति संजीव कुमार तथा खंड संसाधन व्यक्ति सुषमा ने डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान का स्वागत किया। डॉ. चौहान ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
डॉ. चौहान ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण ग्रामीण विकास की योजनाओं में पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए योजनाओं के तहत किए गए कार्यों, उपलब्ध अभिलेखों, लाभार्थियों तथा विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का परीक्षण किया जा सकता है। इस अवसर पर पूजा, गीता, रजनीला, प्रियंका सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सामाजिक अंकेक्षण की अवधारणा, उद्देश्य एवं प्रक्रिया के साथ-साथ ग्रामीण विकास योजनाओं में इसकी भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी।