उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए मानकीकृत उत्पादों को दें प्राथमिकता: राहुल कुमार
उपायुक्त की अध्यक्षता में भारतीय मानक ब्यूरो की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
गुणवत्तापूर्ण उत्पादों एवं हॉलमार्किंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर दिया बल
हॉलमार्क आभूषण खरीदते समय बीआईएस लोगो, शुद्धता अंक एवं एचयूआईडी संख्या अवश्य जांचें

बिलासपुर, 09 सितम्बर: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), शाखा कार्यालय परवाणू स्थित चंडीगढ़ द्वारा जिला प्रशासन बिलासपुर के सहयोग से जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर भी विशेषतौर पर मौजूद रहीं। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को भारतीय मानकों, उपभोक्ता अधिकारों, गुणवत्ता आश्वासन, हॉलमार्किंग तथा विधिक माप विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना रहा।
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं मानकीकृत उत्पादों का उपयोग उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वह अपने-अपने विभागों के माध्यम से भारतीय मानकों, हॉलमार्किंग तथा गुणवत्ता प्रमाणन संबंधी जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही अधिकारियों से कार्यालयों में सामान खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों को ध्यान रखते हुए केवल आईएसआई मार्क वाले उत्पादों को ही प्राथमिकता दें। साथ ही इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को खरीदते वक्त एसआरएस मानक को भी ध्यान में रखें।
उन्होंने अधिकारियों से भारतीय मानक ब्यूरो की बीआईएस केयर ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करने को भी कहा, जिसके माध्यम से विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता को जांचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से जहां हॉलमार्क ज्वैलरी की प्रामाणिकता को जांचा जा सकता है तो वहीं बीईएस के अनिवार्य प्रमाणन के अंतर्गत आने वाले उत्पादों और लाइसेंसों की सरलीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत आने वाले उत्पादों तक भी पहुंच सकते हैं। इसके साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता के संबंध में शिकायत अथवा आईएसआई मुहर के दुरुपयोग के संबंध में भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में समाज के दूसरे लोगों को भी जागरूक करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में भारत मानक ब्यूरो शाखा कार्यालय परवाणू के निदेशक शिव प्रकाश ने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि आभूषण खरीदते समय उपभोक्ताओं सुनिश्चित कर लें कि ज्वैलर द्वारा उपयोग की जा रही इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा सत्यापित (वेरिफाइड) हो तथा उसकी सटीकता 1 मिलीग्राम तक हो। दुकान में विधिक माप विज्ञान विभाग का वैध सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित होना चाहिए, जिसमें मशीन के सत्यापन की तिथि एवं उसकी सटीकता का उल्लेख हो। साथ ही उपभोक्ताओं को खरीदारी से पूर्व इस प्रमाण-पत्र का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हॉलमार्क युक्त स्वर्ण आभूषण खरीदते समय तीन प्रमुख पहचान चिन्हों का ध्यान रखें जिनमें बीआईएस का लोगो, शुद्धता (प्योरिटी) का अंकन तथा छह अंकों वाला एचयूआईडी संख्या का होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इन तीनों चिन्हों की उपस्थिति ही वास्तविक बीआईएस हॉलमार्क की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आभूषण पर हॉलमार्क तत्काल नहीं लगाया जा सकता, इसके लिए अधिकृत एसेइंग एवं हॉलमार्किंग केंद्र में आभूषण की वैज्ञानिक जांच एवं परीक्षण किया जाता है। परीक्षण में शुद्धता प्रमाणित होने के बाद ही हॉलमार्क अंकित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि हॉलमार्किंग के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूलना अनुचित है। प्रत्येक आभूषण की परीक्षण एवं हॉलमार्किंग के लिए अधिकृत केंद्र द्वारा निर्धारित शुल्क केवल 45 रूपये प्रति वस्तु निर्धारित है तथा जिसे बिल में अलग से दर्शाया जाता है। इसके अतिरिक्त हॉलमार्किंग के नाम पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लिया जाना नियमों के विरूद्ध है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को तौल में गड़बड़ी, हॉलमार्किंग अथवा अन्य संबंधित मामलों में शिकायत हो, तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं सत्यापन की प्रक्रिया भी नियमित रूप से संचालित की जाती है। उन्होंने उपभोक्तओं से बिल अवश्य लेने का आह्वान किया ताकि भविष्य में उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
कार्यशाला के दौरान भारतीय मानकों से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने पेयजल के मानकों के संबंध में बताया कि पानी के विभिन्न उपयोगों एवं श्रेणियों के लिए अलग-अलग भारतीय मानक निर्धारित हैं। पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर, उसके स्रोत (रॉ वाटर) तथा प्रसंस्करण प्रक्रिया के लिए भी पृथक मानकों का पालन अनिवार्य है, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
इस दौरान सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान बिलासपुर प्रवीण सीउटा ने भी अधिकारियों को विधिक माप विज्ञान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए उपभोक्ताओं से सामान खरीदते वक्त बिल आवश्यक प्राप्त करने तथा सामान का अधिकतम खुदरा मूल्य, सामान की निर्माण एवं पैकिंग तिथि, शुद्ध वजन इत्यादि की जांच अवश्य कर लें।
कार्यशाला में बीआईएस कार्यालय की ओर से प्रणय जैन, विक्रम आचले, पंकज पटियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
==========================================

उपायुक्त ने पोषण माह अभियान का किया शुभारंभ

हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रहेगा पोषण माह का मुख्य विषय
बिलासपुर, 09 सितंबर: उपायुक्त राहुल कुमार ने आज 9वां राष्ट्रीय पोषण माह अभियान की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक मनाया जा रहा है। इस दौरान पोषणयुक्त खान-पान की आदतें विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष पोषण माह का मुख्य विषय “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखा गया है। पोषण माह के दौरान बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा परिवारों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान पोषण विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा एवं गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था प्रोत्साहन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य के लिए वित्तीय सहायता जैसे विषयों पर विशेष रूप से गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इस अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित विभागों द्वारा समुदाय को संतुलित एवं विविधतापूर्ण आहार के महत्व के बारे जागरूक किया जाएगा। बच्चों के लिए आहार में सब्जियां, दालें, फल, अनाज तथा पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने के साथ-साथ उनकी आयु के अनुरूप पोषण और प्रारंभिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को ताजा एवं गर्म पका हुआ पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा भोजन की गुणवत्ता और पोषण मानकों पर निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा। साथ ही, पोषण संबंधी गतिविधियों में स्थानीय समुदाय, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित कर सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नरेंद्र कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

=========================================

निदेशक ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्नों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था का किया निरीक्षण
बिलासपुर, 09 सितंबर: निदेशक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग कुमुद सिंह ने आज बिलासपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्नों की व्यवस्था एवं उपलब्धता का जायजा लेने के लिए स्थानीय स्तर पर निहाल में संचालित थोक गोदामों तथा उचित मूल्य की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले शीतल कुमारी, खाद्य आपूर्ति अधिकारी पंकज शर्मा तथा विभागीय निरीक्षक विनोद कुमार भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने थोक गोदाम प्रभारियों को खाद्यान्नों के उचित रख-रखाव, सुरक्षित भंडारण तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को निर्धारित खाद्यान्न एवं अन्य नियंत्रित वस्तुएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है।
कुमुद सिंह ने जिला बिलासपुर के क्षेत्रीय निरीक्षकों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं तक निर्धारित नियंत्रित वस्तुओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिले में खुले बाजार तथा उचित मूल्य की दुकानों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता की नियंत्रित वस्तुएं उपलब्ध हो सके तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले बिलासपुर के कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं से प्राप्त मांगों एवं शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।