प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने की अध्यक्षता
चम्बा, 2 सितंबर-उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों को प्रदान की जा रही आर्थिक एवं सामाजिक सहायता, प्रायोजन योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को लाभान्वित करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न मामलों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण एवं समुचित विकास के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध रूप से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र बच्चों की पहचान की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सभी मामलों की नियमित समीक्षा की जाए तथा लाभान्वित बच्चों को योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता की निरंतरता सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा पात्र बच्चों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाया जाए।
बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के अंतर्गत 92 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभान्वित हो रहे 26 बच्चों के संबंध में बाल कल्याण समिति द्वारा योजना का लाभ समाप्त किए जाने के मामलों से समिति को अवगत करवाया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकतानुसार ‘सुख आश्रय’ अथवा ‘सुख शिक्षा’ योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने से संबंधित मामलों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। समिति द्वारा सभी मामलों की पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा करने के उपरांत 22 नए मामलों को अनुमोदित किया गया।
इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र बच्चों को नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति युगल किशोर मरवाह व बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
=============================================
वित्तीय संवेदनशीलता कम करने को लेकर परामर्श कार्यशाला आयोजित
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने की अध्यक्षता
चम्बा, 2 सितंबर-उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के तहत वित्तीय संवेदनशीलता को कम करने से संबंधित विषय पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो काँफ्रेंस कक्ष में एक विशेष परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रेलिया, क्रेया यूनिवर्सिटी चेन्नई के विशेषज्ञों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।
कार्यशाला में बाढ़ प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, आपदा के बाद दीर्घकालिक पुनर्बहाली कार्यों तथा भविष्य में आपदाओं से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने विशेषज्ञओं को जिले कि भौगोलिक परिस्थिति से अवगत करवाते हुए कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पूर्व तैयारी एवं जोखिम की पहचान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय जानकारी के समुचित उपयोग से प्रभावित परिवारों की वित्तीय एवं सामाजिक संवेदनशीलता कम करने तथा उनकी पुनर्बहाली क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को केवल राहत एवं पुनर्बहाली तक सीमित न रखते हुए पूर्व तैयारी, वित्तीय सुरक्षा, आजीविका की निरंतरता तथा दीर्घकालिक आपदा-लचीलापन को मजबूत करना है।
कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने विशेषज्ञओं के साथ जिला में बाढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इस दौरान सहायक अभियंता जल शक्ति गौरव कुमार ने चंबा जिला के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जा रहे विभागीय कदमों की भी जानकारी से अवगत करवाया ।
कार्यशाला में डॉ. सागर,डॉ. सवीना, प्रो. दीपा सरकार, येसमीन, वरिष्ठ शोधकर्ता देवोपरना पोंडर, ऋतुराज महंता, सहित विभिन्न विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।