महाराजा अग्रसेन जी ने व्यापार और समाज में समानता का संदेश दिया- बजरंग गर्ग

महाराजा अग्रसेन जी समाजवाद, परोपकार और अहिंसा के पुजारी थे- बजरंग गर्ग

महाराजा अग्रसेन जी की अग्रोहा धाम नगरी अग्रोहा में राजधानी थी- बजरंग गर्ग

महाराजा अग्रसेन जी क्षत्रिय धर्म का पालन करते थे- बजरंग गर्ग

अग्रवाल समाज को भगवान श्री राम जी का वंशज माना जाता हैं- बजरंग गर्ग

देश का वैश्य समाज महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों पर चलकर सामाजिक व धार्मिक कार्यों में लगा हुआ है- बजरंग गर्ग

हिसार29.07.26-- अग्रोहा धाम में पूर्णिमा के पावन पर्व पर छप्पन भोग, सवामणि, भंडारा व वैश्य समाज की मीटिंग अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। जिसमें भारी संख्या में धर्म प्रेमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन जी समाजवाद, परोपकार और अहिंसा के पुजारी थे। महाराजा अग्रसेन जी की अग्रोहा धाम नगरी अग्रोहा में राजधानी थी। महाराजा अग्रसेन जी ने व्यापार और समाज में समानता का संदेश दिया। अग्रोहा में उनका महल 125 एकड़ में हुआ करता था जो अब टीलें के रूप में बदल चुका है। महाराजा अग्रसेन जी क्षत्रिय धर्म का पालन करते थे। उन्होंने माता लक्ष्मी जी की कठोर तपस्या की थी जिससे प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी जी ने अग्रसेन जी को उनके वंशजों के संदैव धन-धान्य और वैभव से सम्पन्न रहने का आशीर्वाद दिया था, इसलिए अग्रवाल समाज माता लक्ष्मी जी को अपनी कुलदेवी मानता है जबकि अग्रवाल समाज को भगवान श्री राम जी का वंशज माना जाता हैं। महाराजा अग्रसेन जी भगवान रामचंद्र के पुत्र कुश के वंशज (34) वीं पीढ़ी माने जाते हैं। आज देश का वैश्य समाज महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों पर चलकर सामाजिक व धार्मिक कार्यों में लगा हुआ है। देश के कौने-कौने में जनहित में धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल, गौशाला आदि बनाकर सेवा कार्य में जुड़ा हुआ है जो हम सबका धर्म बनता है।

इस अवसर पर सुभाष अग्रवाल लुधियाना, हरिश सिंगल गोविंदगढ़,ओम प्रकाश अग्रवाल छापर, दिव्यांश अग्रवाल टोहाना, दीपक गर्ग मोगा, दिनेश अग्रवाल दमन, अनुज जिंदल श्रीगंगानगर, संदीप गर्ग दिल्ली, राकेश गर्ग जालंधर, सुमित गर्ग आगरा, महेश अग्रवाल मथुरा, मोहित गुप्ता, एसपी गुप्ता, पवन गर्ग, आनंद गोयल, अनंत अग्रवाल, आदि भक्ति भारी संख्या में मौजूद रहे।