सफलता की कहानी-कोल्ड स्टोर में रखी मौसंबी को मिले 3 से 4 गुणा तक दाम
July 01, 2026 12:29 PM
सफलता की कहानी-कोल्ड स्टोर में रखी मौसंबी को मिले 3 से 4 गुणा तक दामहमीरपुर 01 जुलाई। साल भर अपने खेतों और बागीचों में पसीना बहाने वाले किसानों-बागवानों को जब अच्छी उपज होती है तो कई बार पीक सीजन में उस उपज को बाजार में अच्छे दाम नहीं मिल पाते हैं। किसान-बागवान अपनी उपज के खराब होने के डर से इसे औने-पौने दाम में बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं और उन्हें अच्छी आय नहीं हो पाती है। उस वक्त हर किसान और बागवान यही सोचता है कि काश, वह अपनी उपज को कुछ हफ्तों या महीनों तक स्टोर कर सकता और उपयुक्त दाम मिलने की स्थिति में इसे बाजार में बेच सकता। यानि, कोई कोल्ड स्टोर होता तो उस किसान और बागवान की बहुत बड़ी मदद हो सकती थी।
आज के दौर की इस मांग को देखते हुए तथा किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार कोल्ड स्टोरों की चेन विकसित करने पर भी जोर दे रही है। ये कोल्ड स्टोर किसानों एवं बागवानों की उपज को न केवल खराब होने से बचाते हैं, बल्कि इस उपज को उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार उपयुक्त समय पर बाजार में उतार कर अच्छे दाम दिलाने में भी मददगार होते हैं।
जिला हमीरपुर में एचपीशिवा परियोजना के तहत जहां विभिन्न फलों के बागीचे विकसित किए जा रहे हैं, वहीं इन बागीचों की फसलों के लिए कोल्ड स्टोरों के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में बागवानों की उपज को बेहतर भंडारण व्यवस्था और बाजार में अच्छे दाम मिल सके।
उद्यान विभाग कोल्ड स्टोर के निर्माण के लिए एकीकृत बागवानी तकनीकी मिशन के तहत 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रहा है। इसी योजना का लाभ उठाकर तहसील हमीरपुर के गांव कधरियाणा के सुरेश पटियाल ने कोल्ड स्टोर स्थापित करके कृषि और बागवानी के क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक नई पहल की है।
दरअसल, सुरेश पटियाल कई वर्षों से कोल्ड स्टोर बनाने की सोच रहे थे, लेकिन पैसे की कमी कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार और अन्य अधिकारियों ने सुरेश पटियाल को कोल्ड स्टोर स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। सुरेश पटियाल को घर के पास ही गांव भीड़ा में लगभग 30 मीट्रिक टन की क्षमता वाला कोल्ड स्टोर स्थापित करने के लिए बैंक से 52 लाख रुपये का ऋण मंजूर हुआ और एकीकृत बागवानी तकनीकी मिशन के तहत उन्हें 50 प्रतिशत यानि 26 लाख रुपये सब्सिडी मिली। इससे यह कोल्ड स्टोर बहुत जल्दी तैयार भी हो गया।
सुरेश पटियाल ने बताया कि निकटवर्ती गांव कैहडरू के एचपीशिवा परियोजना के क्लस्टर के बागवानों की मौसंबी बाजार में 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही थी। इसी दौरान उनका कोल्ड स्टोर चालू हो गया और उन्होंने इन बागवानों की 15 टन मौसंबी अपने नवनिर्मित कोल्ड स्टोर में रखी। लगभग दो महीने बाद ही इसी मौसंबी को बाजार में 50 से 60 रुपये तक के दाम मिले। आजकल उन्होंने कोल्ड स्टोर में आलू रखा है। इस आलू को भी 3 से 4 गुणा अधिक दाम मिलने की उम्मीद है।
सुरेश पटियाल ने बताया कि उन्होंने कोल्ड स्टोर के लिए 10 किलोवॉट का हाइब्रिड सोलर प्लांट भी लगाया है। इससे यह कोल्ड स्टोर सौर ऊर्जा और बैटरी से भी चल सकता है। आने वाले समय में उन्हें इस कोल्ड स्टोर से हर महीने 2 से 3 लाख रुपये तक की आय की उम्मीद है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि जिला हमीरपुर में एचपीशिवा परियोजना के तहत मौसंबी, अमरूद, अनार और अन्य फलदार फसलों के क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इन क्लस्टरों के बागवानों के लिए सुरेश पटियाल का कोल्ड स्टोर बहुत ही उपयोगी साबित होगा।
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