ऊना, 22 अप्रैल. हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप धीमान से आज (बुधवार) उनके कार्यालय में जिला हमीरपुर की तहसील भोरंज के गांव बल्ह बलेत से अनुसूचित जाति समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल ने गांव में सड़क निर्माण से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ कथित जातिगत भेदभाव और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप भी आयोग के समक्ष रखे। इस दौरान आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता शालिनी जमवाल तथा सदस्य सचिव विनय मोदी भी मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए कुलदीप धीमान ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर मामले में उचित कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव या मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की तथ्यात्मक स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से राष्ट्रीय दलित मानव अधिकार अभियान के राज्य महासचिव राज महे ने बताया कि गांव में पहले से पक्का रास्ता उपलब्ध था, लेकिन नई सड़क निर्माण के नाम पर पुराने रास्ते को हटाए जाने से अनुसूचित जाति समाज के लगभग 12 परिवारों तक सड़क सुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि सड़क न होने से ग्रामीणों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर बीमार, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

इस अवसर पर कुलदीप धीमान ने कहा कि राज्य अनुसूचित जाति आयोग समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयोग को प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार गंभीरता से विचार किया जाता है और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

इस मौके पर प्रधान जिला अध्यक्ष कांग्रेस अनुसूचित जाति बलराम महे, बल्ह बलेत गांव से राजिंदर, महिंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।