मंडी, 12 मार्च। जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारियों के तहत मंडी के डीआरडीए सभागार में तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का प्रशिक्षण आरंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ मंडलायुक्त आर.के. प्रुथी ने किया। इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला जनगणना अधिकारी अपूर्व देवगन, एडीएम डॉ मदन कुमार तथा जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा भी उपस्थित रहे।

मंडलायुक्त आर.के. प्रुथी ने प्रशिक्षण प्राप्त करने जा रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और इसकी बारीकियों को अच्छी तरह समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हाउस लिस्टिंग का डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और डेटा की गुणवत्ता जितनी बेहतर होगी, भविष्य की योजना निर्माण प्रक्रिया भी उतनी ही प्रभावी होगी। उन्होंने अधिकारियों से अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसमें किसी प्रकार की शंका या त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

मंडलायुक्त ने बताया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संचालित की जाएगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी। उन्होंने कहा कि मकान सूचीकरण के माध्यम से मकानों की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है, जो जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करती है तथा आवास नीतियों के निर्माण में भी सहायक होती है।

उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का फील्ड कार्य देश के अधिकांश क्षेत्रों में फरवरी और मार्च 2027 के दौरान किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की गणना कर उसके व्यक्तिगत विवरण एकत्र किए जाएंगे। बर्फीले क्षेत्रों में यह कार्य इसी वर्ष सितम्बर और अक्तूबर माह में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश और जनता के कल्याण के लिए विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि अधिकांश अधिकारी पहली बार जनगणना कार्य में भाग ले रहे हैं, इसलिए प्रशिक्षण के दौरान सभी पहलुओं को ध्यानपूर्वक समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनगणना से संबंधित सभी रिकॉर्ड और आंकड़े पूर्णतः गोपनीय होते हैं। उन्होंने लोगों से जनगणना कार्य में सहयोग देने तथा प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध करवाने की अपील की।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला के चार्ज अधिकारी, जिनमें उपमंडल अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार सहित चार्ज लेवल क्लर्क भाग ले रहे हैं।