मंडी, 26 जनवरी। जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह सेरी मंच, मंडी में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया, जिसमें आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने मुख्य अतिथि के रूप में भीग लिया। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, मार्च पास्ट का निरीक्षण किया और भव्य परेड की सलामी ली। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एवं अन्य सम्मानित अतिथियों ने इंदिरा मार्केट परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समारोह में पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा विभिन्न विद्यालयों के एनएसएस छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य परेड निकाली गई। परेड के उपरांत देशभक्ति तथा हिमाचली संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर यादविंदर गोमा ने प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाकर बीते तीन वर्षों में विकास और जनकल्याण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं तथा विधानसभा चुनाव में जनता से की गई दस में से सात गारंटियों को पूरा किया है।

आयुष मंत्री ने कहा कि 26 जनवरी, 1950 को देश में संविधान लागू हुआ और भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस पावन अवसर पर उन्होंने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए सीमा पर तैनात वीर जवानों के प्रति भी अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की दूसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है तथा 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये व्यय करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की सुविधा प्रदेश में शुरू की जा चुकी है। शिमला के चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा उपलब्ध है और शीघ्र ही आईजीएमसी शिमला, हमीरपुर तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आरंभ की जाएगी।

प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पैट स्कैन, स्पैक्ट स्कैन, हाई रेजोल्यूशन एमआरआई, सीटी स्कैन मशीन, डिजिटल रेडियोग्राफी, अल्ट्रासाउंड तथा हाई-टेक लैब्स की खरीद की गई है। एम्स दिल्ली के समान टांडा मेडिकल कॉलेज, आईजीएमसी तथा चमियाणा अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिनमें कई प्रकार के परीक्षण एक ही सैंपल से हो सकेंगे। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमआरआई स्थापित करने के लिए 28 करोड़ रुपये तथा कैथ लैब के लिए 12 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस प्रदान कर उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की, हालांकि इसके चलते केंद्र सरकार ने प्रदेश की उधार सीमा में कटौती की। इसके बावजूद राज्य सरकार ने संसाधनों के बेहतर उपयोग से पिछले तीन वर्षों में 26 हजार 683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पूर्व सरकार की तुलना में 3 हजार 800 करोड़ रुपये अधिक है। शराब ठेकों की नीलामी से 5 हजार 408 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना, मनरेगा, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और होम-स्टे योजना जैसी पहलें की गई हैं। इंदिरा गांधी प्यारी बहिना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र ग्रामीण महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है।

आयुष मंत्री ने कहा कि पशुपालकों के हित में गाय के दूध का समर्थन मूल्य 51 रुपये और भैंस के दूध का 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है, जिससे हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य बना है जहां दूध खरीद पर सबसे अधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। कांगड़ा के ढगवार में विश्व स्तरीय मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है तथा मंडी और रामपुर में दूध प्रसंस्करण क्षमता दोगुनी की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाएं, ग्रीन कॉरिडोर और ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। बागवानी नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, मक्की और हल्दी पर समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।

शिक्षा क्षेत्र में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम शुरू करने, 130 से अधिक सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने तथा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में हिमाचल को देश में 5वां स्थान मिलने का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जन सहयोग से प्रदेश को अगले वर्ष तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है तथा नशा छोड़ने वालों के उपचार और पुनर्वास के लिए सिरमौर के कोटला बड़ोग में विश्व स्तरीय केंद्र स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्प है। खेलों के माध्यम से उनकी प्रतिभा निखारने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान व स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। योजना के तहत मंडी जिला में 26 खेल मैदानों के निर्माण के लिए लगभग 3 करोड़ 90 लाख रूपये की राशि जारी की गई है। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता जिला के खिलाड़ियों को लगभग 6 लाख 31 हजार रूपये की ईनाम राशि वितरित की गई। मंडी जिला के सुंदरनगर में 10 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से एक भव्य इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा मंडी जिला में टेली मेडिसिन कार्यक्रम शुरू किया गया है जिससे घर बैठे ही दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श एवं स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा रहा है। जिला में 6 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीन करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय की जा रही है। तीन स्वास्थ्य केंद्रों कुराड़ा, मैहंडी तथा रोपा ठाठर के भवन का कार्य पूरा कर लिया गया है।

इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशी शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, हिमफैड के निदेशक जोगिंदर गुलेरिया, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस धर्मचंद चौधरी, नगर निगम मंडी के महापौर विरेन्द्र भट्ट, पूर्व प्रत्याशी नरेश चौहान, मंडलायुक्त आर.के.प्रूथी, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा सहित अन्य अधिकारीगण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।