धर्मशाला, 26 जनवरी: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को कांगड़ा जिले के मुख्यालय धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित जिला स्तरीय 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने इस अवसर पर राष्टीय ध्वज फहराया तथा सेना, पुलिस, होम गार्ड्स, एनएसएस और स्काउट एवं गाइड्स की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत शानदार परेड की सलामी ली।

अपने सम्बोधन में मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस हमारे लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। इसी दिन हमारे देश में संवैधानिक व्यवस्था लागू हुई और भारत समूचे विश्व में सबसे बड़े लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने देश और प्रदेश के उन स्वतंत्रता सेनानियों, शहदी जवानों और देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश को स्वाधीनता दिलवाने के लिए सर्वाच्च बलिदान दिए।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नए संसाधनों के सृजन पर बल दिया गया है जिसके कारण पिछले तीन वर्षों में 26 हजार 683 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। पिछले तीन वर्षों में सरकारी और निजी क्षेत्र में 56,855 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। 680 करोड़ रूपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ई-टैक्सी खरीदने की सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला में ही पर्यटन निगम का राज्य मुख्यालय स्थानांतरित किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नड्डी क्षेत्र में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन बनाई जाएगी। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है जिससे यहां एयरबस एवं रात्रि लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। पालमपुर में हेलिपोर्ट और धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। पौंग क्षेत्र में पर्यटन, वाॅटर स्पोर्ट्स व साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार एनआईटी हमीरपुर विशेषज्ञों के सहयोग से ज्वालामुखी मंदिर के सौंदर्यीकरण पर कार्य कर रही है जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि देहरा उप-मंडल के बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 72 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। पिछले तीन वर्षों में 15 हजार 247 हेक्टेयर कृषि और बागबानी क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है। जन सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर नए वृत, मंडल, उपमंडल और अनुभाग खोले गए हैं जिनमें कांगड़ा जिला के देहरा में नया जल शक्ति वृत, ज्वालामुखी और जयसिंहपुर में नया जल शक्ति मंडल, मझीण में उप-मंडल और सिल्ह, टिहरी, देहरा-दो में नए अनुभाग शामिल हैं।

अग्निहोत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला में बेहतर पेयजल और सिंचाई के लिए सरकार ने 354 योजनाएं स्वीकृत की हैं जिनमें से 192 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन योजनाओं के लिए 3360 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के लिए 213.40 करोड़ रुपये की सुकाहार मध्यम सिंचाई परियोजना तथा ज्वालामुखी क्षेत्र की पंचायतों के लिए 333.49 करोड़ रुपये की पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत कांगड़ा जिला में 222 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके लिए 1005.04 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है तथा 814.02 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 162 योजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है और बाकी 60 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर हैं। शहरी पेयजल की 6 योजनाओें के लिए 169.06 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है जिसमें से अब तक 82.61 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला में 9 सीवरेज योजनाओं के लिए 433.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और 93.52 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना के लिए कुल स्वीकृत 643.68 करोड़ रुपये में से 301.48 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। देहरा क्षेत्र में केन्द्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए ब्यास नदी से 1987.87 लाख रुपये की पेयजल योजना वन्य प्राणी परिसर योजना पर कार्य चल रहा है।

उन्होंने कहा कि परिवहन बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पुरानी डीजल बसों के स्थान पर 297 नई विद्युत बसें परिवहन निगम के बेड़े में शामिल की जा रही हैं जिस पर 424 करोड़ खर्च किए जाएंगे। राज्य के विश्राम गृहों तथा सरकारी कार्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर 310 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक निजी भागीदारी के आधार 41 अन्य स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) भी विकसित किए जा रहे हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के कंदरोडी में 268 करोड़ रूपये की लागत से नया पेप्सी प्लांट स्थापित किया जा रहा है जिसमें 2 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पशु पालकों की आय में बढ़ोतरी के लिए कांगड़ा में ढगवार में 201 रुपये करोड़ रूपये की लागत से विश्वस्तरीय दूध प्रसंस्करण प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

अग्निहोत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बागबानी के क्षेत्र में स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के लिए शिवा परियोजना के तहत 1292 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। पहले चरण में कांगड़ा जिला के बैजनाथ, लंबागांव, सुलह, पंचरूखी, देहरा तथा प्रागपुर में 50 क्लस्टर्स का चयन किया गया है जिनमें 1000 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, नींबू वर्गीय फल तथा लीची इत्यादि के बागीचे लगाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कालेज और शिमला के चमयाणा अस्पताल में आरम्भ की गई रोबोटिक सर्जरी स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल है। इस सुविधा को अन्य अस्पतालों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रदान किया जाएगा ताकि लोगों को प्रदेश में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य उपचार सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को सहारा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में इन बच्चों को चिल्ड्रन आॅफ द स्टेट का दर्जा प्रदान किया है। इस योजना के तहत ज्वालामुखी के लुथान में 92.38 करोड़ रुपये लागत से सुख-आश्रय आदर्श ग्राम परिसर का निर्माण कार्य जारी है।
उप-मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि युवाओं में नशे के बढ़ते चलन के खिलाफ समाज एकजुट होकर लड़ाई लड़ने के लिए आगे आए ताकि युवाओं का भविष्य अंधकारमय न हो। सरकार ने चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियायन चलाया है और नशे के तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले दलों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रत्न, आशीष बुटेल और विधायक मलेंद्र राजन, प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी के चेयरमैन नीशू मोंगरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा, नगर निगम महापौर नीनू शर्मा, पूर्व महापौर देवेन्द्र जग्गी, पार्षद अनुराग, ओंकार नेहरिया, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।