चंडीगढ़-30.11.25। ट्राई सिटी शायद ही कभी भूल पाए 30 नवंबर की तारीख और ऐसी सुरमई शाम, जिसने संगीत प्रेमियों के दिलों की गहराई में जगह बना दी। इस शाम को इतना यादगार बनाया दुनियाभर में मशहूर और अपने गायकी के फन के उस्ताद बॉलीवुड सिंगर सुदेश भाेंसले ने। उन्होंने जहां जुम्मा चुम्मा दे दे..., शावा शावा , सोहना-सोहना , मेरी मखना मेरी सोनिये…..जैसे मस्तीभरे गानों से संगीत प्रेमियों को हर बीट पर झूमने को विवश कर दिया, वहीं, दर्दे दिल, दर्दे जिगर..., मेरे मेहबूब कयामत होगी... और सलामे इश्क मेरी जां जरा कबूल कर लो... जैसे गानों से सुधी श्रोताओं को सुरों की सरिता की गहराइयों में गाेते भी लगवाए। इन गानों के साथ-साथ उन्होंने श्रोताओं की फरमाइश और पसंद के मद्देनजर कई गाने गाकर चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित कलाग्राम का माहौल संगीतमय बना दिया। वहीं, नायकों और महानायक अमिताभ बच्चन के संवादों से इसमें चार चांद लगा दिए।
सुदेश ने उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और चंडीगढ़ कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे 15वंे चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में रविवार की शाम अपनी गायकी और मिमिक्री के फन से इतनी खूबसूरत बना दी कि यह बरसों तक संगीत प्रेमियों के जेहन में बसी रहेगी।
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आवाज में जी विविधता का मुझे खुद नहीं इल्म... यह कुदरत की देन-

बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक सुदेश भाेंसले ने कहा कि हिंदुस्तान के एस.डी. बर्मन, के.एल. सहगल, मुकेश, रफी, किशोर कुमार, येसुदास और एसबी बाला सुब्रह्मण्यम जैसे महान सिंगर्स और महानायक अमिताभ बच्चन से उनकी आवाज मैच कैसे हो गई? इसका इल्म मुझे भी नहीं, यह तो ईश्वर की नियामत है।
उन्होंने अमिताभ बच्चन की हूबहू आवाज के बारे में बताया कि दरअसल, दोस्तों के साथ मजाक-मजाक में अमिताभ के डायलॉग बोले तो आवाज सुनकर दोस्तों बहुत सराहा। इस पर मैंने उनके डायलॉग रिकॉर्ड करके खुद सुने, तो मुझमें आत्मविश्वास जगा, फिर रियाज करके स्टेज पर महानायक के डायलॉग बोलने लगा, तो लोगों ने खूब पसंद किया। महानायक के सान्निध्य के संबंध में भोंसले ने बताया कि उन्होंने मेरे डायलॉग सुने थे और सराहना की थी। बाद में जब मैंने उन पर फिल्माया गया गाना ‘जुम्मा-चुम्मा दे दे’ गाया तो उन्होंने मुझे अपार स्नेह दिया। फिर तो उनके साथ वर्ल्ड टूर का और उनके साथ स्टेज पर उनके पास खड़े होकर उनके ही संवाद पेश करने का मौका भी मिला।

पंजाब जैसे परांठे और लस्सी लाजवाब-

पंजाबी टच के बारे में उन्होंने बताया कि दिल्ली में वर्ल्ड पंजाबी डे में तमाम विश्व प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर्स के साथ परफोरमेंस का मौका मिला था। वहां मैं अकेला गैर पंजाबी सिंगर था। उन्होंने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच ढाबों पर पंजाबी परांठों और लस्सी का स्वाद दिया है, ये लाजवाब हैं।

मुझे नींद न आए... पंजाबी बेस्ड सॉन्ग-

सुदेश भोंसले ने कहा कि पंजाबी गीत-संगीत दिलों में बसता है। उन्होंने बताया कि हिंदी सॉन्ग मुझे नींद न आए, मुझे चैन न आए... सॉन्ग का पंजाबी संस्करण इससे बहुत पहले आ गया था। यानी यह पंजाबी बेस्ड सॉन्ग है।
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चरी, चकरी, लावणी जैसे फोक डांस ने रिझाया

चंडीगढ़। मनीमाजरा स्थित कलाग्राम में चल रहे चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में रविवार को दिन के सत्र में पंजाब के आदिवासी समुदायों के सम्मी (शाहमुखी), हिमाचल प्रदेश के सिरमौर नाटी, जम्मू कश्मीर का धमाली, राजस्थान के चरी व चकरी, छत्तीसगढ़ के पंथी, महाराष्ट्र के लावणी लोक नृत्यों ने धूम मचा दी। वहीं, राजस्थान के देश-विदेश में प्रसिद्ध भपंग वादन ने मेलार्थियों का दिल जीत लिया।
ये प्रस्तुतियां उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और चंडीगढ़ कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे 15वंे दिन के सत्र में दी गईं। इन प्रस्तुतियों में फोक डांसर्स की वेशभूषा, सामंजस्य और भाव भंगिमाओं ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

सुरों में सजा आध्यात्मिक और ऐतिहासिक गायन-

मेले में अपराह्न के सत्र में पंजाबी ढाड़ी, छत्तीसगढ़ी पंडवानी गायन और सूफी व पंजाबी लोक गायन की प्रस्तुतियों ने गाथा, अध्यात्म और एेतिहासिकता का संदेश दिया। इनमें लोक वाद्य यंत्रों के खूबसूरत उपयोग के साथ गायक की तान और सुरों ने संगीत प्रेमियों का मन जीत लिया।

बरसाना की होली ने दर्शकों को किया उल्लासित-

कलाग्राम में शाम के सत्र में यूपी के प्रसिद्ध बरसाना की होली, महाराष्ट्र के सोंगी मुखौटा, त्रिपुरा के हाेजगिरी और पश्चिम बंगाल के नटुआ लोक नृत्यों में दर्शकों को विभिन्न संस्कृतियों की झलक दिखी। इनके अलावा कलाग्राम प्रांगण में चल रहे राजस्थान का कच्छी घोड़ी, पंजाब का बाजीगर-नचार, हरियाणा के बीन और नगाड़ा की प्रस्तुतियां देख हर मेलार्थी खूब सराह रहा है।

स्टाल्स पर उमड़ रहे खरीदार-

कलाग्राम में चल रहे क्राफ्ट मेले के स्टाल्स देश के अनेक राज्यों के शिल्पकारों के उत्पाद मेलार्थियों को खूब भा रहे हैं। मेलार्थी इन स्टालों पर खरीदारी करने को उमड़ रहे हैं। इस बारे में चंडीगढ़ के सुखबिंदर सिंह कहते हैं कि स्टाल्स पर मिलने वाले शानदार क्वालिटी के हस्त निर्मित उत्पाद खरीदने का साल में एक बार इस मेले में मौका मिलता है, यही वजह है कि ट्राईसिटी के लोग इस अवसर को खोना नहीं चाहते। मोहाली से अपनी परिवार के साथ आईं अमनप्रीत कौर बताती हैं कि वाकई इस मेले में विभिन्न राज्यों की संस्कृति को देखने व समझने का अवसर प्रदान करता है। यहां न सिर्फ कई राज्यों के दस्तकारों के उत्पाद लुभाते हैं, बल्कि कई राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजनों काे चखने का मौका भी मिलता है।

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(सोमवार)प्रसिद्ध सिंगर मामे खान होंगे मुख्य आकर्षण-

उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि चंडीगढ़ क्राफ्ट मेले में सोमवार को प्रसिद्ध लोक एवं बॉलीवुड गायक मामे खान शाम को सुरमई बनाएंगे। उन्होंने बॉलीवुड 2009 में शंकर महादेवन के साथ डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने एमटीवी के 'कोक स्टूडियो' में गाए 'चौधरी' गाने से प्रसिद्धि पाई। खान का शुमार राजस्थान में लोक गायकों में होता है।
इससे पूर्व, सुबह से लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
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