धर्मशाला, 30 अक्तूबर: अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध छापामारी अभियान में तेजी लाने तथा ऐसे असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। वह आज धर्मशाला स्थित एनआईसी सभागार में जिला स्तरीय नार्काे कोऑर्डिनेशन सेंटर समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला कांगड़ा में नशे के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष अब तक जिले में नशा तस्करी से संबंधित 313 मामले दर्ज किए गए हैं तथा 517 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें 483 पुरुष और 34 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई कुल 37.84 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। इनमें नूरपुर उपमंडल में 31.72 करोड़ रुपये, कांगड़ा में 5.46 करोड़ रुपये तथा देहरा उपमंडल में 65.52 लाख रुपये की संपत्तियां शामिल हैं।
विनय कुमार ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की तर्ज पर उपमंडल स्तर पर भी शीघ्र समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन समितियों को नशा तस्करी से संबंधित गतिविधियों की सूचना सक्रियता से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर नशे के अवैध कारोबार की जानकारी जुटाने में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
*नशे की मांग कम करने और जागरूकता गतिविधियों पर जोर
अतिरिक्त उपायुक्त ने नशे की मांग में कमी लाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर बल दिया। उन्होंने जिले के सभी सरकारी एवं निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में गठित नशा निवारण क्लबों को सक्रिय करने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी वाली पट्टिकाएं लगाने को भी कहा।
उन्होंने संबंधित विभागों को विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए एंटी चिट्टा अभियान के संदेश नियमित रूप से प्रसारित करने तथा आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एसीपी आरपी जसवाल, जिला पंचायत अधिकारी सचिन, एसडीएम धर्मशाला मोहित, डीएसपी जेल संजीव कुमार, उपनिदेशक अजय समयाल एवं बलविन्दर गुलेरिया, एचआरटीसी से सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (चिकित्सा) डॉ. अनुराधा, टांडा मेडिकल कॉलेज के डॉ. सुखजीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।