बिलासपुर 24 अक्तूबर: मत्स्य विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा गोविंदसागर जलाशय में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से गत दिवस जिला ऊना के रायपुर मैदान स्थित गोविंदसागर जलाशय में 3,38,505 सिल्वर कार्प मछली बीज का सफलतापूर्वक संग्रहण किया गया। संग्रहित मछली बीज का आकार 100 मिलीमीटर एवं इससे अधिक था। यह गुणवत्तायुक्त मछली बीज पश्चिम बंगाल से विभाग द्वारा अनुमोदित दरों पर खरीदा गया है।
मछली बीज का संग्रहण संयुक्त निदेशक मत्स्य, पवन कुमार की अध्यक्षता में गठित विभागीय समिति के समक्ष किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेशक मत्स्य, मत्स्य मंडल बिलासपुर पंकज ठाकुर सदस्य सचिव तथा सहायक निदेशक मत्स्य, मत्स्य मंडल मंडी नीतू सिंह पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी, अलसू फार्म रिचा गुप्ता, मत्स्य अधिकारी (संरक्षण), बिलासपुर अजय कुमार, मत्स्य अधिकारी, मंदली विवेक कुमार, मत्स्य सहकारी सभाओं के प्रतिनिधि तथा स्थानीय मछुआरों ने भी भाग लिया।
सहायक निदेशक मत्स्य, मत्स्य मंडल बिलासपुर पंकज ठाकुर ने बताया कि गोविंदसागर जलाशय में गुणवत्तायुक्त मछली बीज का संग्रहण मत्स्य संपदा के संरक्षण एवं संवर्धन तथा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 100 मिलीमीटर एवं इससे अधिक आकार के मछली बीज के संग्रहण से उनके जीवित रहने की संभावना बेहतर रहती है, जिससे जलाशय में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा जलाशय में मत्स्य संसाधनों के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रतिवर्ष प्रदेश के बाहर से तथा विभागीय फार्मों से मछली बीज लाकर संग्रहित किया जाता है। विभाग का प्रयास है कि वैज्ञानिक पद्धतियों के अनुरूप मत्स्य संसाधनों का संवर्धन कर जलाशय में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए तथा मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मछुआरों की आजीविका को सुदृढ़ किया जा सके।
पंकज ठाकुर ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत मछली बीज संग्रहण का पहला बैच गत 17 अक्तूबर को जिला बिलासपुर के लुहणू स्थित गोविंद सागर जलाशय में संग्रहित किया गया था। इसके बाद गत दिवस रायपुर मैदान में 3,38,505 सिल्वर कार्प मछली बीज का संग्रहण किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग की निर्धारित मांग के अनुरूप मछली बीज संग्रहण की प्रक्रिया अक्तूबर माह के अंत तक जारी रहेगी। इस क्रम में अगला बैच आगामी 27 एवं 28 अक्तूबर को पहुंचने की संभावना है। इससे गोविंदसागर जलाशय में मत्स्य संसाधनों के संवर्धन और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।