यूको आरसेटी में एलएमवी ड्राइविंग का निःशुल्क प्रशिक्षण संपन्न
प्रशिक्षुओं को दिए प्रमाण पत्र, स्वरोजगार अपनाकर आजीविका अर्जित करने का किया आह्वान
बिलासपुर, 23 अक्तूबर: यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), बिलासपुर में एलएमवी (हल्के मोटर वाहन) ड्राइविंग का 30 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों तथा बीपीएल परिवारों से संबंधित प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्रशेखर यादव ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से ड्राइविंग को स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आजीविका अर्जित करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित है। संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए विभिन्न गतिविधियों में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है। 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए संस्थान में ड्रेस डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, रेशम कीट पालन, मशरूम उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, बैग निर्माण, खिलौना निर्माण, कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी तथा मोटर ड्राइविंग सहित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने बैंक की विभिन्न योजनाओं, जिनमें अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना तथा बीमा योजनाएं शामिल हैं, की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मुद्रा ऋण, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), पीएमएफएमई तथा स्टैंड-अप इंडिया सहित विभिन्न ऋण सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि यूको आरसेटी में जल्द ही ब्यूटी पार्लर एवं सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी संस्थान के फेसबुक पेज पर संदेश भेजकर, कार्यालय में आकर अथवा 8988818600 पर संपर्क करके पंजीकरण करवा सकते हैं।
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सोलन-दिनांक 23.10.2026
एनपीएस संचय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कृषकों, किसान उत्पादक संगठनों तथा लघु उद्यमियों सहित असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को पैंशन तथा सामाजिक सुरक्षा के विषय में जागरूक करने और एनपीएस संचय की जानकारी प्रदान करने के लिए आज यहां एनपीएस संचय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पैंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण एवं ज़िला सोलन के अग्रणी बैंक यूको बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आायेजित किया गया।
कार्यक्रम में एनपीएस संचय की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
यूको बैंक के सहायक महाप्रबन्धक एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रभारी दीपक कुमार ने एनपीएस संचय की सारगर्भित जानकारी प्रदान की। उन्होंने अवगत करवाया कि एनपीएस संचय असंगठित एवं अनौपचारिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई योजना है। उन्होंने कहा कि यह योजना नियमित बचत को बढ़ावा देकर वृद्धावस्था में आय सुरक्षा प्रदान करने में सहायक है। यह छोटी बचत से बड़ा पैंशन कोष तैयार करने, भविष्य में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमित पैंशन की दिशा में कारगर है।
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के ज़िला विकास प्रबन्धक अशोक चौहान ने इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों और अन्य को एनपीएस संचय के लाभ, भविष्य सुरक्षा की जानकारी दी।
पैंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के रघुवीर सिंह चरण और सुविज्ञ कुमार ने एनपीएस संचय के विषय में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंन अवगत करवाया कि 18 से 85 वर्ष आयुवर्ग के पात्र भारतीय नागरिक केवल 250 रुपए के न्यूनतम अंशदान के साथ एनपीएस संचय खाता खोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह खाता ऑनलाईन, बैंक की शाखा में, लोकमित्र केन्द्र अथवा अधिकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से खोला जा सकता है। इस विषय में अधिक जानकारी टोल फ्री नम्बर 1800110708 पर भी प्राप्त की जा सकती है।
मशरूम अनुसंधान निदेशालय के निदेशक ब्रिज लाल अत्री ने उपस्थित किसानांे, किसान उत्पादक संगठनों के सदस्यों तथा लघु उद्यमियों सहित अन्य को मशरूम कृषि की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
अग्रणी बैंक यूको बैंक की प्रबन्धक निवेदिता ने सभी का स्वागत किया तथा बैंक के उप क्षेत्रीय प्रबन्धक राजीव र्श्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
ज़िला कृषि अधिकारी सोलन अरूण कुमार, यूको बैंक की मुख्य प्रबन्धक मीनाक्षी, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के सहायक महाप्रबन्धक राम पाल सहित विभिन्न बैंको के प्रतिनिधि, किसान, किसान उत्पादक संगठनों के सदस्य तथा लघु उद्यमियों सहित अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
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प्राकृतिक खेती व कृषि विविधीकरण के प्रति जागरूक हो रहे ऊना के विद्यार्थी
फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के तहत त्यूडी और बदोली स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
ऊना, 23 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश सरकार और जायका (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) के सहयोग से संचालित हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के तहत ऊना ज़िला के पाँच चयनित विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती व कृषि विविधीकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय त्यूडी और बदोली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें कुल 79 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
खंड परियोजना प्रबंधक ऊना अश्वनी कुमार ने जानकारी दी कि कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, जलवायु अनुकूल कृषि, वर्मी कंपोस्ट, पोषण वाटिका तथा कृषि में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के साथ साथ वर्मी कम्पोस्ट और पोषण वाटिका की स्थापना विषयों बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट कार्यालय ऊना के तत्वावधान में आयोजित इस परियोजना का संचालन सेंटर फॉर टेक्नॉलजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप जगदीशपुर अमेठी(उत्तर प्रदेश) संस्था द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जागरूकता शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों का चयन अगले चरण के प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सात दिवसीय जागरूकता अभियान के माध्यम से प्राकृतिक खेती के महत्व और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही त्यूडी विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंदर कुमार और बदोली विद्यालय के उपप्रधानाचार्य श्री लक्ष्मण ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर त्यूडी विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंदर कुमार और बदोली विद्यालय के उपप्रधानाचार्य श्री लक्ष्मण, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सीटीईटी अधिकारी सलोनी राणा और कृषि विशेषज्ञ मनीषा सहित एनी मजूर रहे।
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नगर निगम ऊना में 31 अक्तूबर तक चलेगा ई-वेस्ट संग्रहण अभियान
*नगर निगमवासी ई-वेस्ट सफाई कर्मचारियों को सौंपकर अभियान में निभाएं सक्रिय भागीदारी - आयुक्त नगर निगम *
ऊना, 23 अक्तूबर। शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में नगर निगम ऊना 31 अक्तूबर तक विशेष ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) संग्रहण अभियान चला रहा है। अभियान के तहत शहरवासियों के घरों से अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उपकरण एकत्रित किए जाएंगे, ताकि उनका उचित निस्तारण सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
नगर निगम ऊना के आयुक्त पृथीपाल सिंह ने बताया कि नगर निगम ऊना द्वारा नियमित रूप से प्रत्येक माह की 10, 20 और 30 तारीख को सफाई कर्मचारियों के माध्यम से घरों से ई-वेस्ट एकत्रित किया जाता है। इसी पहल को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक कचरा एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन एवं निस्तारण सुनिश्चित करना है।
इन उपकरणों को सौंप सकते हैं शहरवासी
अभियान के दौरान शहरवासी अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में अनुपयोगी पड़े एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट, खराब लाइटें, पुराने मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, ईयरफोन, कंप्यूटर, की-बोर्ड, माउस, मॉनिटर, सीपीयू, लैपटॉप, टैबलेट, प्रिंटर, खराब तार, केबल, प्लग, एक्सटेंशन बोर्ड, पुराने टेलीविजन, रेडियो, स्पीकर, रिमोट कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक खिलौने, सर्किट बोर्ड, कंप्यूटर के पुर्जे, मिक्सर, टोस्टर, इलेक्ट्रिक केतली, पुराने राउटर, मॉडेम तथा अन्य अनुपयोगी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को सौंप सकते हैं।
सामान्य कचरे से अलग रखें ई-वेस्ट
नगर निगम आयुक्त ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य घरेलू कचरे के साथ न मिलाएं और न ही इसे खुले स्थानों पर फेंकें। ई-वेस्ट में मौजूद कुछ पदार्थों का अनुचित निस्तारण पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में इसे अलग एकत्रित कर उचित निस्तारण के लिए सौंपना आवश्यक है।
आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। शहरवासियों की सक्रिय भागीदारी से ई-वेस्ट का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण बनाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने सभी शहरवासियों से 22 से 31 अक्तूबर तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा घरों में जमा अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उपकरण नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को सौंपने की अपील की।
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