माता चंद्रघंटा की पूजा करने से भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की प्ररेणा मिलती है - बजरंग गर्ग
नवरात्रेे का पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक है - बजरंग गर्ग

हिसार, 13.10.26 - श्री प्रयागगिरि शिवालय मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग ने शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना व पुष्पामाला अर्पण की। इस अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और स्वास्थ्य की कामना की। मंदिर परिसर में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

श्री प्रयागगिरि शिवालय मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग ने माता रानी की पूजा-अर्चना कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि नवरात्र का पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें शक्ति, साहस, धैर्य और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देते हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।

बजरंग गर्ग ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री प्रयागगिरि शिवालय मंदिर ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर विभिन्न धार्मिक पर्वों पर पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता रहे।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए माता रानी से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे तथा समाज में प्रेम, एकता और भाईचारा कायम रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश असीजा, रमेश पटवारी, जगदीश असीजा, सुरेन्द्र सिंगला, मुकेश गेरा, गंगा प्रसाद मौर्य, दीपक डालहोर, डॉक्टर सुनील शर्मा, जसराम वर्मा, मांगेराम शास्त्री, कृष्ण बंसल, गोपाल डाबड़ा वाले, अंगूरी देवी, अनीता गर्ग, सुनीता पूनिया आदि समाज सेवी भारी संख्या में मौजूद थे।
फोटो बाबात - श्री प्रयागगिरी शिवालय मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग भक्तों को संबोधित करते हुए।

श्री प्रयागगिरी शिवालय मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग माता को पुष्पामाला अर्पण करते हुए।
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