आपके पुराने गर्म कपड़े आ सकते हैं किसी के काम, 31 अक्तूबर तक करें डोनेट
हमीरपुर 30 सितंबर। अगर आपके घर में पुराने गर्म कपड़े जैसे- स्वैटर, जैकेट, कोट, शॉल, मफलर, टोपी और गर्म जुराबें, कंबल, रजाई तथा जूते इत्यादि काफी समय से ऐसे ही पड़े हुए हैं और ये अच्छी हालत में हैं तो ये किसी अन्य जरुरतमंद एवं गरीब के काम आ सकते हैं। आम तौर पर सभी साधन संपन्न घरों में ऐसा सामना अक्सर यूं ही पड़ा रहता है और खराब होता रहता है। ऐसे सामान को किसी जरुरतमंद गरीब परिवार तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और जिला रैडक्रॉस सोसाइटी एक बार फिर एक विशेष पहल करने जा रही है।
उपायुक्त एवं जिला रैडक्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति या परिवार अपने पुराने गर्म कपड़े जैसे- स्वैटर, जैकेट, कोट, शॉल, मफलर, टोपी और गर्म जुराबें, कंबल, रजाई तथा जूते इत्यादि डोनेट करना चाहता है तो वह इसे 31 अक्तूबर तक हमीरपुर के बचत भवन के परिसर में स्थित जिला रैडक्रॉस सोसाइटी के कार्यालय में पहुंचा सकता है। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 86298-19222 पर संपर्क किया जा सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला रैडक्रॉस सोसाइटी ने जून महीने में भी इसी तरह का अभियान चलाया था, जिसमें लोगों ने बड़ी संख्या में कपड़े और खिलौने डोनेट किए थे। अब सर्दी के मौसम को देखते हुए जिला रैडक्रॉस सोसाइटी ने गर्म कपड़े, कंबल और रजाई इत्यादि एकत्रित करके इन्हें गरीब एवं जरुरतमंद लोगों को वितरित करने का निर्णय लिया है।
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हमीरपुर खंड में सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों को दी 36.32 लाख रुपये की मदद
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के लाभार्थी बच्चों और युवाओं को भी दिए 17.77 लाख
एसडीएम ने खंड स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक में की योजनाओं की समीक्षा
हमीरपुर 30 सितंबर। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गठित खंड स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक बुधवार को यहां एसडीएम संजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें उक्त योजनाओं की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर एसडीएम ने बताया कि हमीरपुर खंड में अभी छह माह से 3 वर्ष तक की आयु के 1828 शिशुओं, 646 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष तक के 428 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषाहार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर खंड में 3 से 6 वर्ष तक की आयु के 1748 बच्चे हैं। इनमें से 289 बच्चे सरकारी स्कूलों और 1031 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जबकि 428 बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं।
उन्होंने कहा कि इस वित वर्ष में अभी तक प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना की 1896 लाभार्थियों को लगभग 71.25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 3.06 लाख रुपये, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 3.10 लाख और विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत 2 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं। निराश्रित महिलाओं के 207 बच्चों की शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 27.24 लाख रुपये, इसी योजना के तहत 32 बच्चों की उच्च शिक्षा एवं हॉस्टल फीस के लिए 9.08 लाख रुपये दिए गए। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के 14 लाभार्थी बच्चों को 7.28 लाख रुपये की राशि के अलावा दो युवाओं की उच्च शिक्षा हेतु 1.99 लाख, 2 युवाओं की शादी के लिए चार लाख और तीन युवाओं के मकान निर्माण के लिए 4.50 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
पोषण 2.0 की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने कुपोषित बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की विशेष रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना और अन्य योजनाओं के अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, वन स्टॉप सेंटर, क्रैच और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने विभिन्न योजनाओं की रिपोर्ट तथा अन्य सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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बाल विकास परियोजना मैहला के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के पदों पर आवेदन आमंत्रित
20 अक्टूबर तक करें आवेदन, 28 अक्टूबर को होंगे साक्षात्कार
चंबा, 30 सितंबर-बाल विकास परियोजना अधिकारी अक्षय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल विकास परियोजना मैहला के अंतर्गत विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में 5 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा 16 आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों को भरने के लिए पात्र महिला उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
रिक्त पदों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद कुण्डी-I, बैली, घरमाणी, चड़ी-I तथा किलोड़ आंगनबाड़ी केंद्रों में हैं। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिका के पद कुण्डी-II, काकड़ोलू, भडोर, डुड़ेईं, संगेड़ , दाढूंईं, बसोधन, उच्चका, बाहरेई, बाड़का, शिटल, हथेड़ी, निचला मंगला, मियाड़ी, रठियार तथा माण्डला आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त हैं।
बाल विकास परियोजना अधिकारी ने बताया कि इन पदों के लिए केवल वही महिला उम्मीदवार पात्र होंगी जो संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के फीडिंग एरिया (उप गांव) की सामान्य निवासी हों। महिला उम्मीदवार की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बाहरवीं कक्षा उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए तहसीलदार/नायब तहसीलदार/कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा जारी अथवा प्रति हस्ताक्षरित आय प्रमाण-पत्र मान्य होगा।
इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार हिमाचली, आयु, शैक्षणिक योग्यता, वार्षिक पारिवारिक आय, परिवार नकल सहित अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों की सत्यापित छायाप्रतियों के साथ 20 अक्तूबर तक बाल विकास परियोजना अधिकारी, मैहला जिला चंबा के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकती हैं। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
रिक्त पदों के लिए साक्षात्कार 28 अक्तूबर को प्रातः 10:30 बजे से सायं 5 बजे तक कार्यालय उपमंडलाधिकारी (ना.), चंबा में आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार बाल विकास परियोजना अधिकारी, मैहला, जिला चंबा के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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Solan, दिनांक 30.09.2026
पात्र वरिष्ठ नागरिक अपना आयुष्मान कार्ड बनवाना करें सुनिश्चित
योजना के तहत पात्रता आयु 70 वर्ष
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने आयुष्मान वय वंदना योजना के विषय में अवगत करवाया है कि योजना के तहत 70 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पति अथवा पत्नी को योजना में तभी सम्मिलित किया जा सकता है जब उनकी आयु भी 70 वर्ष या उससे अधिक हो। उन्होंने कहा कि योजना के नियमों के अनुसार 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति ही योजना के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से कम आयु होने पर इस योजना में किसी भी व्यक्ति को सम्मिलित नहीं किया जा सकता।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पति अथवा पत्नी होने पर जीवनसाथी का आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत कार्ड तभी बनेगा जब उनकी आयु भी 70 वर्ष या उससे अधिक हो।
उन्होंने कहा कि कुछ लोक मित्र केन्द्रों द्वारा लाभार्थियों को यह बताया जा रहा है कि 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक का इस योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनने पर वरिष्ठ नागरिक के जीवनसाथी को अतिरिक्त सदस्य के रूप में योजना में सम्मिलित किया जा सकता है, यह गलत जानकारी है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत आयु 70 वर्ष ही निर्धारित की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पात्र वरिष्ठ नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें व योजना के निर्धारित पात्रता नियमों के अनुसार अपना आयुष्मान कार्ड बनवाएं।
डॉ. अजय पाठक ने लाभार्थियों से आग्रह किया है कि इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
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गांव स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान की पहल
पांच ग्राम पंचायतों में सामुदायिक मध्यस्थता के लिए प्रशिक्षित किए गए मध्यस्थ
धर्मशाला, 30 सितम्बर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित ‘सामुदायिक मध्यस्थता—विवाद मुक्त ग्रामीण भारत की ओर’ परियोजना के द्वितीय चरण के तहत जिला कांगड़ा विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्थानीय स्तर पर विवादों के शीघ्र, सरल एवं आपसी सहमति से समाधान की दिशा में पहल की है।
परियोजना के अंतर्गत जिला कांगड़ा की पांच ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया गया है। इनमें धर्मशाला की सुक्कड़, नूरपुर की सुलियाली, देहरा की सुनेहत, जयसिंहपुर तथा इंदौरा की सुदेरवां ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायतों में सामुदायिक मध्यस्थों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है और अब ग्रामीण अपने आपसी विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान के लिए रेफर कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने पुलिस, राजस्व एवं विकास विभाग के अधिकारियों तथा क्षेत्रीय कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित ऐसे मामलों की पहचान करें, जिनका समाधान आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से संभव है। उन्होंने संबंधित पक्षों को मध्यस्थता के माध्यम से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर विवादों को बढ़ने से रोकते हुए पक्षकारों के बीच आपसी समझ एवं सहमति के आधार पर समाधान उपलब्ध करवाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सद्भाव, शांति एवं सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी तथा लोगों को अनावश्यक रूप से लंबी कानूनी प्रक्रिया से भी बचाया जा सकेगा।
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बैंकों की ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर अपना उद्यम लगाएं महिलाएं
मशरूम की खेती के प्रशिक्षण शिविर के समापन पर नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार ने की अपील
हमीरपुर 30 सितंबर। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा मशरूम की खेती पर आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर बुधवार को संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण शिविर में 27 महिलाओं ने भाग लेकर मशरूम की खेती के गुर सीखे। शिविर के समापन अवसर पर नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए नरेश कुमार ने कहा कि महिलाओं को विभिन्न विभागों और बैंकों की ऋण एवं सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने उद्यम या कारोबार आरंभ करने चाहिए। आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं घर में सीमित जगह पर भी बड़े पैमाने पर मशरूम की खेती आरंभ कर सकती हैं। इसके लिए विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने में आरसेटी भी उनकी मदद कर सकता है।
इस अवसर पर आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, पीपीएफ अकाउंट, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह भी किया।
शिविर के समापन अवसर पर मूल्यांकनकर्ता सोम दत्त शर्मा, अमन कुमार, फैकल्टी मैंबर संजय हरनोट और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 दिसंबर को
बिलासपुर, 30 सितंबर: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, बिलासपुर के सचिव प्रतीक गुप्ता ने बताया कि जिला बिलासपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बिलासपुर, घुमारवीं तथा झंडूता न्यायालय परिसरों में 12 दिसंबर, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित तथा पूर्व मुकदमेबाजी से संबंधित समझौता योग्य मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निपटारा किया जाएगा। इनमें बैंक संबंधी मामले, श्रम विवाद, बिजली एवं पानी के बिल, वैवाहिक विवाद सहित अन्य समझौता योग्य मामले शामिल हैं। जिन व्यक्तियों के मामले न्यायालय में लंबित हैं, वे उन्हें लोक अदालत में निपटारे के लिए प्रस्तुत करवा सकते हैं। इसके अलावा, न्यायालय में लंबित न होने वाले विवादों के पक्षकार भी आपसी समझौते के लिए लोक अदालत में आवेदन कर सकते हैं।
ई-कोर्ट डिजिटल मोटर वाहन चालान के मामलों का निपटारा ऑनलाइन ई-पेमेंट के माध्यम से लोक अदालत से पूर्व भी किया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति न्यायालय में उपस्थित होकर भी चालान का निपटारा करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सलाह के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, बिलासपुर के दूरभाष नंबर 01978-221452 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण को Secy-dlsa-bil-hp@gov.in पर ई-मेल के माध्यम से भी अपनी समस्या भेजी जा सकती है।
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स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत बिलासपुर में स्वच्छता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम
बिलासपुर, 30 सितंबर : स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के अंतर्गत नगर परिषद बिलासपुर एवं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर-रेंजर्स के विद्यार्थियों के सहयोग से स्वच्छता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने जल निकायों, चिन्हित हॉटस्पॉट तथा वार्ड नंबर 5 एवं 6 के मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके साथ ही आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से स्वच्छता रैली भी निकाली गई।
इस अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के प्रधानाचार्य पी.एस. कटवाल ने कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि नगर परिषद बिलासपुर द्वारा शहर की स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर शहर का निर्माण केवल नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है। उन्होंने आमजन से नगर परिषद के स्वच्छता प्रयासों में सक्रिय सहयोग करने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत बनाने, सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ एवं सुंदर बिलासपुर के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
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एमएसएमई को आधुनिक बाजार एवं डिजिटल माध्यमों के अनुरूप तैयार करने पर कार्यशाला आयोजित
बिलासपुर, 30 सितंबर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाने तथा उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ एवं आधुनिक व्यावसायिक वातावरण के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से आरएएमपी (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के अंतर्गत बिलासपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग द्वारा नैबकॉन्स के सहयोग से किया गया।
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र, बिलासपुर के महाप्रबंधक तिलक, बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को बदलते व्यावसायिक परिवेश के अनुरूप अपने उद्यमों को विकसित करने तथा आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान ‘बाजार में सफलता एवं स्थायित्व’ तथा ‘ई-कॉमर्स रणनीतियां’ जैसे महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने उद्यमियों को बदलते बाजार की आवश्यकताओं को समझने, अपने उत्पादों एवं सेवाओं की प्रभावी ढंग से विपणन करने तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपने व्यवसाय को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
‘ई-कॉमर्स रणनीतियां’ सत्र के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते महत्व, डिजिटल मंचों के माध्यम से उत्पादों की बिक्री, ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंच बनाने, डिजिटल विपणन, ऑनलाइन ब्रांडिंग तथा ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यवसाय के विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
उद्यमियों को बताया गया कि डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर वे अपने स्थानीय उत्पादों एवं सेवाओं को स्थानीय बाजार के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों तक भी पहुंचा सकते हैं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना तथा डिजिटल एवं ई-कॉमर्स माध्यमों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से उनके व्यवसाय को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
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2 अक्टूबर को विकास खंड गगरेट, बंगाणा और ऊना में आयोजित होंगी विशेष ग्राम सभाएँ - रमनवीर चौहान *
ऊना, 30 सितंबर। वाटर शेड योजना के तहत 2 अक्टूबर को जिले के गगरेट विकास खंड की अमलेहड़, बंगाणा की थानाकलां व प्लाहटा तथा ऊना विकास खंड की समूर कलां, डंगोली, बसोली, टब्बा, मदनपुर, लमलेहड़ी एवं झम्बर ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। यह जानकारी जिला विकास अधिकारी ऊना रमनवीर चौहान ने दी। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाटरशेड विकास कार्यक्रम के तहत किए गए विभिन्न कार्यों को 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं में तालाब, चेक डैम, नालों के उपचार, अमृत सरोवर सहित जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को फोटो और विस्तृत जानकारी के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इन कार्यों से प्रत्येक पंचायत में लगभग 200 से 300 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिला है। वहीं, अगरबत्ती एवं पेपर प्लेट निर्माण मशीनों, कृषि उपकरणों तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा की जा रही आजीविका गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिनसे प्रत्येक पंचायत में करीब 400 से 600 लोग लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर वाटरशेड योजना के तहत किए जा रहे कार्यों एवं उनसे मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त करें तथा अपने सुझाव भी दें। इन ग्राम सभाओं का उद्देश्य ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने के साथ जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में जनसहयोग सुनिश्चित करना है।