बिलासपुर, 20 अगस्त: संयुक्त सचिव, भारत सरकार एवं केन्द्र नोडल अधिकारी, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, मीरा मोहंती ने आज बिलासपुर में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में किए जा रहे कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ सहजता से पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके और उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं योजना की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त 11 मंत्रालयों के अंतर्गत संचालित 36 विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिन्हें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में क्रियान्वित किया जा रहा है।
मीरा मोहंती ने संबंधित विभागों को जिले के प्रमुख विकास संकेतकों एवं उपलब्धियों को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए लक्षित एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभागीय योजनाओं का बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) फंड के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय व्यावसायिक संस्थानों एवं बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर किसानों के हित में उपयोगी एवं परिणामोन्मुखी योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त बिलासपुर ने अवगत करवाया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में लगभग 2,276 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों के लिए 54,863 लाख रुपये की जिला कार्य योजना तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजी गई है।
बैठक के उपरांत मीरा मोहंती ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत निहाल बिलासपुर में स्थापित कोल्ड स्टोरेज एवं बायोफ्लॉक युनिट का निरीक्षण किया।
इसके उपरांत उन्होंने आत्मा परियोजना के अंतर्गत प्राकृतिक खेती क्लस्टर चनालग-बंदला का भी दौरा किया तथा किसानों के साथ संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही प्राकृतिक खेती की विधियों, उत्पादन एवं विपणन से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित किसानों के उत्पादों को विशेष ब्रांड के रूप में विकसित कर व्यापक बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके और वे सीधे तौर पर लाभान्वित हो सकें।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर, कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान, जिला नोडल अधिकारी प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना डॉ. देवेंद्र सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।