सीएम सुक्खू की पहल बनी सहारा, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना से अवनी के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली उड़ान
डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना से मेधावी विद्यार्थियों को बड़ा सहारा
मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण


ऊना, 17 जुलाई. प्रतिभा को यदि अवसर मिले तो सपनों को साकार होने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्ष 2023 में शुरू की गई डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना ऐसे ही हजारों मेधावी विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है, जिनके उच्च शिक्षा के सपने आर्थिक अभाव के कारण अक्सर अधूरे रह जाते थे। मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की सुविधा के साथ यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी योग्य विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

जिला ऊना के चौकीमनियार गांव की अवनी शर्मा इस योजना के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रेरक मिसाल हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाली अवनी के लिए उच्च शिक्षा का सपना लगभग धूमिल होने लगा था, लेकिन डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी। आज वह नकोदर में बी.एससी. मेडिकल (एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी) की पढ़ाई कर रही हैं।

अवनी बताती हैं कि वे चार बहनें हैं। उनके पिता मनरेगा में कार्य करने के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण चारों बेटियों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करना परिवार के लिए बेहद कठिन था। ऐसे में आगे की पढ़ाई जारी रखना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें चार लाख रुपये का शिक्षा ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता ने उनकी पढ़ाई की राह आसान कर दी और अब वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।

अवनी कहती हैं कि आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए कई लोगों ने उन्हें पार्लर या सिलाई का कार्य सीखकर रोजगार अपनाने की सलाह दी थी, लेकिन उनका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना करियर बनाने का था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की इस पहल ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। अब उन्हें विश्वास है कि आर्थिक अभाव उनके भविष्य की राह में बाधा नहीं बनेगा। भविष्य में वह स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज की सेवा करना चाहती हैं।
अवनी की माता सुमन शर्मा कहती हैं कि पहले आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की उच्च शिक्षा परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता होती थी, लेकिन इस योजना ने वह चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का भरोसेमंद सहारा बनकर उभरी है।

इसी प्रकार हरोली विधानसभा क्षेत्र के भदसाली गांव के तनिष्क जसवाल भी इस योजना का लाभ लेकर कम्प्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रदेश सरकार से छह लाख रुपये का शिक्षा ऋण मिलने के बाद उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और अब वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने करियर की तैयारी कर रहे हैं।

मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण

उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उप निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, भोजन, अध्ययन सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पहले योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा चार लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 12 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ-साथ मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिक विद्यार्थी भी बिना आर्थिक चिंता के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया
उप निदेशक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा पिछली कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के अलावा स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) तथा पीएचडी स्तर तक के पात्र पाठ्यक्रमों के लिए भी शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, सरल एवं पारदर्शी है। इसके अलावा इच्छुक विद्यार्थी उप निदेशक उच्च शिक्षा ऊना अथवा निदेशक उच्च शिक्षा, हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट से प्रपत्र-2 डाउनलोड कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर किसी भी कार्यदिवस में उप निदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय, ऊना में जमा कर सकते हैं।

हर पात्र विद्यार्थी तक पहुंचे योजना का लाभ

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, ताकि कोई भी योग्य विद्यार्थी आर्थिक अभाव के कारण अपने भविष्य से समझौता न करे। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा उसकी आर्थिक परिस्थितियों की मोहताज नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन का प्रयास है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचे, ताकि कोई भी सपना केवल संसाधनों के अभाव में अधूरा न रह जाए।

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12 सितम्बर को आयोजित होगी वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत
चम्बा, 17 जुलाई -सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चम्बा एकांश कपिल ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के तत्वावधान में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर (शनिवार) को जिला न्यायालय परिसर, चम्बा तथा उप-मण्डल न्यायालय तीसा में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक प्रभावी, सरल, त्वरित एवं कम खर्चीला माध्यम है, जिसके माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर अपने विवादों का स्थायी समाधान प्राप्त कर सकते हैं। लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय सिविल न्यायालय की डिक्री के समान प्रभावी होता है, अंतिम एवं पक्षकारों पर बाध्यकारी होता है तथा इसके विरुद्ध सामान्यतः कोई अपील नहीं होती। इसके अतिरिक्त, जिन मामलों में न्यायालय शुल्क जमा किया गया है, उनमें समझौता होने पर न्यायालय शुल्क नियमानुसार वापस कर दिया जाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष रूप से धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (चैक अनादरण), मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (MACT), वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, धन वसूली संबंधी मामले, बैंक ऋण विवाद, श्रम विवाद, विद्युत एवं जल बिल संबंधी विवाद, दीवानी वाद, राजस्व प्रकृति के समझौतायोग्य मामले तथा अन्य समझौता योग्य प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पूर्व-वाद (प्री-लिटीगेशन ) मामलों का भी लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा द्वारा सभी न्यायालयों से अधिक से अधिक समझौतायोग्य मामलों की पहचान करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, अधिवक्ताओं से भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने मुवक्किलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान करने हेतु प्रेरित करें।
सचिव ने आम जनता से भी अपील की है कि जिनके मामले न्यायालयों में लंबित हैं अथवा जिनके विवाद आपसी सहमति से निस्तारित हो सकते हैं, वे राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त करें।
राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा अन्य हितधारकों के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति इस वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली का लाभ प्राप्त कर सकें।
राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा अपने मामले को लोक अदालत में सूचीबद्ध करवाने के इच्छुक व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा से दूरभाष नंबर 01899-226309 या ई-मेल आईडी secy-dlsa-cha-hp@gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।
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नशा मुक्त युवा – विकसित भारत’ युवा रचनात्मक प्रतियोगिताओं के लिए आवेदन आमंत्रित
27 जुलाई को राजकीय महाविद्यालय, चंबा में होगा आयोजन
चंबा, 17 जुलाई -जिला युवा सेवाएं अधिकारी राहुल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माई भारत चंबा द्वारा “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” युवा रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन 27 जुलाई को राजकीय महाविद्यालय, चंबा में किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से नशा मुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करना है। प्रतियोगिताओं में मौलिक संगीत, नुक्कड़ नाटक, स्लैम पोएट्री, रील व लघु फिल्म, नृत्य तथा गायन जैसी विभिन्न विधाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
जिला युवा अधिकारी, माई भारत चंबा ने जिले के सभी युवाओं, विद्यार्थियों, एनएसएस, एनसीसी स्वयंसेवकों, नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवाओं तथा युवा क्लबों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक सभी प्रतिभागियों के लिए सबसे पहले माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। इसके बाद पोर्टल पर संबंधित प्रतियोगिता के लिए आवेदन करना होगा। केवल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले प्रतिभागियों को ही प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
यह प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, समाज में सकारात्मक संदेश देने तथा ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत’ के राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि प्रतिभागी पंजीकरण प्रक्रिया पहले माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण करें, तत्पश्चात संबंधित प्रतियोगिता के लिए पोर्टल पर आवेदन करें।
उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 01899-222329 तथा ई-मेल: mybharatchambahp@gmail.com सम्पर्क किया जा सकता है।
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एचपीयू के क्षेत्रीय केन्द्र खनियारा की काउंसलिंग 21 जुलाई से आरम्भ


धर्मशाला, 17 जुलाई: हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय क्षेत्रीय केंद्र, खनियारा द्वारा शिक्षा सत्र 2026-27 के प्रवेश हेतु काउंसलिंग 21 से 28 जुलाई तक की जाएगी। यह जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय क्षेत्रीय केंद्र, खनियारा के निदेशक ने बताया कि भू-गर्भ विज्ञान विषय के छात्रों की काउंसलिंग 21 जुलाई को, एमकाॅम व अंग्रेजी की 22 जुलाई, अर्थशास्त्र, गणित व संस्कृत के लिए 23 जुलाई को, एमसीए, पीजीडीसीए, इतिहास व हिन्दी विषय के छात्रों की 24 जुलाई को, एलएलबी व राजनिति शास्त्र की 25 जुलाई तथा एमबीए के छात्रों की काउंसलिंग 27 व 28 जुलाई को निर्धारित की है।

उन्होंने सम्बन्धित विषय के विद्यार्थियों से आह्वान किया है कि वे निर्धारित तिथि को प्रातः 10 बजे अपने सभी मूल दस्तावेजों सहित एचपीयू के क्षेत्रीय केंद्र, मोहली, खनियारा में पहुंचना सुनिश्चित करें।
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बैरी अनुभाग के अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति
बिलासपुर 17 जुलाई: सहायक अधिशाषी अभियंता विद्युत उप मण्डल-। ई. सन्नी जगोता ने जानकारी देते हुए बताया कि 20 जुलाई को बैरी अनुभाग के अंतर्गत बिजली की लाइनों की आवश्यक मरम्मत व पेड़ों की कांट-छांट करने के चलते कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को बैरी अनुभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र बैरी, गांधीरोपा, दयोली, कंज्योता, चमलोग, मानर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि शटडाउन मौसम पर निर्भर रहेगा तथा लोगों से सहयोग की अपील की है।
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विशेष प्रचार अभियान के तहत जन कल्याणकारी योजनाओं और नशा निवारण पर जागरूक किए ग्रामीण
ऊना, 17 जुलाई। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित विशेष प्रचार अभियान के दूसरे चरण के चैथे दिन आज(शुक्रवार) को पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा के कलाकारों ने उपमंडल ऊना के तहत जखेड़ा और बहडाला लोअर में जन-जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान कलाकारों ने गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के कल्याणार्थ चलाई जा रही योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों तथा नशामुक्त अभियान के बारे में जानकारी दी।

जगरूकता कार्यक्रम में कलाकारों ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा कम्पयूटर प्रशिक्षण योजना के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, विधवा, एकल, परित्यक्ता व अल्पसंख्यकों को एक वर्ष के पीजीडीसीए और डीसीए कम्पयूटर कोर्स करवाने का प्रावधान है। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विधवा व एकल नारियों को प्रशिक्षण के दौरान 1,000 रूपये मासिक भत्ता और 1500 रूपये प्लेसमेंट संबंधी स्टाइपेंढ़ प्रदान किया जाता है। इसके अलावा योजना के तहत दिव्यांग श्रेणी में बारह सौ रूपये मासिक भत्ता और 1,800 प्लेसमेंट संबंधी स्टाइपेंढ़ देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी की आयु 18 से 35 वर्ष और परिवार की वार्षिक आमदनी 2 लाख से कम होनी चाहिए।

नाटय दलों ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
इसके अलावा कलाकारों ने विशेष रूप से नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

आगामी जन जागरूकता कार्यक्रमों का शेडयूल
पूर्वी कलां मंच जलग्रां टब्बा द्वारा विशेष प्रचार प्रसार अभियान के अंतिम दिन 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी।

इस मौके पर जखेड़ा की प्रधान जस्वीर कौर, बहडाला लोअर की प्रधान कुसम लता, उप प्रधान नरेश बग्गा, वार्ड सदस्य संजय सिंह, काजल, लक्ष्मी देवी, ज्योति लाल बग्गा सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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भरेड़ी में 22 को होगा सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम, 9 पंचायतों की जनसमस्याओं का होगा निपटारा

भोरंज 17 जुलाई। उपमंडल के गांव भरेड़ी में 22 जुलाई को ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र की 9 ग्राम पंचायतों की जनसमस्याओं का निपटारा किया जाएगा। स्थानीय विधायक सुरेश कुमार की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे आरंभ होने वाले इस कार्यक्रम के लिए उपमंडल प्रशासन ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं।
एसडीएम शशिपाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां मिनी सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम प्रदेश सरकार का एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसमें आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा किया जाता है। इसलिए, सभी विभाग भरेड़ी में आयोजित होने वाले सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के लिए आवश्यक प्रबंध करें।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आम लोगों की ओर से उठाई जाने वाली समस्याओं का निवारण तुरंत होना चाहिए। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के आवेदकों एवं पात्र लाभार्थियों को भी मौके पर ही लाभान्वित किया जाना चाहिए। अगर किसी योजना से संबंधित कोई औपचारिकता पूर्ण की जानी है तो उसे भी मौके पर ही पूर्ण किया जा सकता है। विभिन्न योजनाओं से संबंधित सर्टिफिकेट या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मौके पर ही बनाए जा सकते हैं। एसडीएम ने कहा कि इस दौरान विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए संबंधित विभाग प्रदर्शनियां भी लगाएं, ताकि आम लोगों को इन योजनाओं का पता चल सके और वे इनका लाभ उठा सकें।
बैठक में तहसीलदार डॉ. आशीष शर्मा, बीडीओ कुलवंत सिंह, सीडीपीओ सुनील कुमार, तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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टांडा मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक सहायता पैरामेडिक्स प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
धर्मशाला, 17 जुलाई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में 14 से 16 जुलाई तक राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक सहायता (नेशनल इमरजेंसी लाइफ सेविंग सपोर्ट) पैरामेडिक्स प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण उत्तर भारत की अत्याधुनिक हाई-फिडेलिटी सिमुलेशन लैब में आयोजित किया गया।
हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह के इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कोर्स डायरेक्टर डॉ. मोनिका पठानिया के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं नर्सिंग अधिकारियों की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा, सड़क दुर्घटनाओं तथा अन्य गंभीर आपातकालीन परिस्थितियों में अग्रिम पंक्ति में कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों एवं स्वयंसेवकों को जीवन रक्षक कौशलों से दक्ष बनाना था।
प्रशिक्षण में 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मियों, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीशियनों, रेडियोग्राफरों, ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों तथा मानव सेवा के लिए समर्पित स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को विभिन्न गंभीर परिस्थितियों में प्रभावी एवं त्वरित जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक हाई-फिडेलिटी सिमुलेशन तकनीक एवं मॉक ड्रिल्स के माध्यम से वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों का सृजन कर प्रतिभागियों का अभ्यास कराया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता एवं समन्वय क्षमता का भी आकलन किया गया, जिससे प्रतिभागी किसी भी संकट की स्थिति में आत्मविश्वास, दक्षता एवं त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य कर सकें।
डॉ. मोनिका पठानिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन तैयार कर प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक पैरामेडिक को जीवन रक्षक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके और प्रदेश की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
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सोलन दिनांक 17.07.2026

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन की मासिक समीक्षा बैठक आज यहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
डॉ. अजय पाठक ने राष्ट्रीय गैर संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तचाप, मधुमेह एवं कैंसर की स्क्रीनिंग, चिन्हित रोगियों के नियमित फॉलो अप तथा उपचार की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति की स्क्रीनिंग कर समय पर उपचार व निगरानी सुनिश्चित बनाएं।
उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्रोत नष्ट करने, लार्वा सर्वे, फॉगिंग तथा जन जागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डॉ. पाठक ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पूर्ण टीकाकरण, ड्रॉप आउट दर में कमी लाने, टीकाकरण सत्रों की नियमित निगरानी तथा रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। उन्होंने एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान के तहत पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एच.आई.वी. स्क्रीनिंग एवं टेस्टिंग, आवश्यक टेस्ट किट की उपलब्धता तथा अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. अजय पाठक ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम तथा दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों एवं मानव संसाधन की उपलब्ध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आवश्यकता आधारित रोग निगरानी एवं रैपिड टेस्टिंग किट की उपलब्धता तथा उनके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर ज़िला के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
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