चण्डीगढ़:09.06.26-हरियाणा विधान सभा द्वारा आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ सम्मेलन भारत क्षेत्र जोन -॥ के पूर्ण सत्र को सम्बोधित करते हुए हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि विकसित भारत 2047: एक राष्ट्रीय तथा सामूहिक मिशन है जिसके लक्ष्य को पाना 140 करोड़ लोगों की जिम्मेवारी है। उन्होने कहा कि देश को अगर विकसित होना है तो संघ के साथ राज्यों को भी विकसित होना पड़ेगा तभी हम विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। पठानियां ने कहा कि इस मिशन की नींव स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा रखी गई थी जिसकी आज कल्पना की जा रही है। पठानियां ने कहा कि उन्हें इस मंच पर बोलते हुए हर्ष हो रहा है कि स्वतंत्रता संग्राम का पहला बिगुल हि0प्र0 में फूंका गया था। इतिहास गवाह है कि वर्ष 1848 में बजीर राम सिंह पठानियां ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहले संगठित विद्रोह का नेतृत्व किया था। उन्होने मुट्ठी भर साथियों के साथ अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी थी। षडयन्त्र के माध्यम से उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाकर कालापानी भेज दिया तथा उन पर अत्याचार किए गए। वह 24 वर्ष की उम्र में 11 नवम्बर, 1849 को वीरगति को प्राप्त हुए।
बजीर राम सिंह जिला काँगड़ा नूरपुर उपमण्डल के महान स्वतंत्रता सैनानी तथा सशक्त क्रांति के जननायक थे। उनके नेतृत्व में किया गया विद्रोह देश की स्वतंत्रता के लिए किया गया पहला तथा महत्वपूर्ण विद्रोह था। उसके पश्चात सन 1857 में मंगल पांडे तथा 1858 में रानी लक्ष्मीबाई ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंग्रेजी हुकुमत की नींदे हराम कर दी थी। तत्पश्चात लाला लाजपतराय, चन्द्रशेखर आजाद, जोतिबा फूले, बाल गंगाधर तिलक, दादाभाई नौरोजी, विपिन चन्द्र पाल, सरदार पटेल, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सुखदेव, भगत सिंह, वी डी सवारकर तथा अंतत: महात्मा मोहन दास कर्मचन्द गांधी की कुर्बानियों तथा समस्त स्वतंत्रता संग्राम नेतृत्व ने अंग्रेजों को भारत छोडने पर मजबूर किया । अन्तत: 15 अगस्त, 1947 को भारत एक स्वतंत्र देश बना तथा 26 जनवरी, 1950 को प्रभुसता सम्पन्न राष्ट्र की स्थापना हुई।
पठानियां ने कहा कि आज जो हम विकसित भारत 2047 का सपना देख रहे हैं उसकी नींव इन महान सपूतों ने रखी थी और आज समय आ गया है कि हम सभी को संगठित होना होगा जिसमें कार्यपालिका, विधानपालिका, न्यायपालिका तथा मिडिया की भी अहम भूमिका रहने वाली है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूक नागरिक, समाज तथा विशेषकर युवा विधायकों की भूमिका भी निर्णायक तथा अहम रहने वाली है।
उन्होने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें सभी धर्मों का सम्मान करना होगा तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख मजबूत करनी होगी। इसके अतिरिक्त बेकारी, बेरोजगारी को खत्म करने के प्रयास करने होंगे तभी हम युवाओं के माध्यम से इस देश को समृद्व बनाने में कामयाव हो सकते हैं। उन्होने कहा कि केन्द्र और राज्यों के रिश्ते भी मधुर होने चाहिए ताकि राज्यों को मिलने वाली सहायता तथा हिस्सा भी बिना राजनैतिक द्वेष के अबिलम्व मिलता रहे।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि विकसित भारत विजन केवल एक आर्थिक एजेंडा नहीं है बल्कि यह एक व्यापक राष्ट्रीय मिशन है जिसका उद्देश्य केवल एक समृद्व, समावेशी, आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से उन्नत पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर सम्मानित भारत का निर्माण करना है। इस विजन को साकार करने के लिए सरकारों, संस्थानों, नागरिक समाज, नागरिकों और सबसे बढ़कर, हमारे देश के युवाओं के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि विकसित भारत 2047 की यात्रा चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक दोनों है। इसके लिए दूरदर्शिता, प्रतिबद्वता, अुशासन और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। सरकारें अकेले इस बदलाव को हासिल नहीं कर सकती है। लोकतांत्रिक संस्थानों के संरक्षक के तौर पर हमारी यह अहम जिम्मेवारी है कि हम जागरूक नागरिकता को बढ़ावा दें संवैधानिक मुल्यों को बनाए रखें और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करें। उन्होने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल विकास का लक्ष्य नहीं है, यह एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रतिबद्वता है। समान उद्देश्य, संवैधानिक शासन, नागरिक जागरूकता और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से यह सपना हकीकत बन सकता है।
अपने सम्बोधन के अंत में पठानियां ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैणी, हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण का आतिथ्य सत्कार तथा अपने साथ आए हिमाचल प्रदेश विधान सभा सदस्यों के विशेष आतिथ्य सत्कार के लिए धन्यवाद दिया। पठानियां ने हरियाणा के राज्यपाल अशीम कुमार घोष का भी सभी पीठासीन अधिकारियों को विशेष समारोह के माध्यम से सम्मानित करने के लिए आभार प्रकट किया। पूर्ण सत्र के दौरान हि0प्र0 विधान सभा सदस्य संजय रत्न, उप-मुख्य सचेतक हि0प्र0 सरकार एंव विधायक केवल सिंह पठानियां, विधायक राकेश जम्वाल, विधायक नीरज नैय्यर, विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, विधायक रीना कश्यप तथा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नि एवं देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर भी सभागार में मौजूद थीं। विधायक संजय रत्न तथा उप- मुख्य सचेतक हि0प्र0 सरकार एवं विधायक केवल सिंह पठानियां ने भी सत्र को सम्बोधित किया। सचिव विधान सभा यशपाल शर्मा भी सत्र के दौरान सभागार में मौजूद थे। विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने इस अवसर पर सत्र का संचालन भी किया तथा बेहतरीन सत्र संचालन के लिए हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने उन्हें शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।
आई0 टी0 पार्क चण्डीगढ़ स्थित दी होटल ललित में प्रात: 9:00 बजे से लगातार तीन पूर्ण सत्रों का आयोजन किया गया तथा तदोपरान्त समापन समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता हरियाणा के राज्यपाल अशीम कुमार घोष द्वारा की गई। समापन अवसर पर हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण ने अपना स्वागत सम्बोधन दिया तथा राज्य सभा उप-सभापति डॉ0 हरिवंश, लोक सभा के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला तथा हरियाणा के राज्यपाल अशीम कुमार घोष ने अपना अध्यक्षीय सम्बोधन दिया। जबकि हरियाणा के विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ0 कृष्ण लाल मिढा ने अपना धन्यवाद भाषण दिया। हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष 10 जून, 2026 को पूर्वाह्न 10:00 बजे चण्डीगढ़ से सीधे अपने निर्वाचन क्षेत्र भटियात की ओर प्रस्थान करेंगे।