चंबा 25 मई 2026,
बरसात के मौसम के लिए तैयारी बारे जिला मुख्यालय चंबा में बैठक आयोजित
उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मुकेश रेपसवाल ने की बैठक की अध्यक्षता
बरसात के मौसम के दौरान संभावित आपदा के खतरे से संबंधित तैयारियों बारे जिला मुख्यालय चंबा में बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आगामी वर्षा ऋतु के दौरान संभावित खतरे व आपदाओं से बचाव बारे विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विधुत विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग तथा जिला के जल विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों द्वारा आगामी वर्षा ऋतु के दौरान संभावित खतरे तथा आपदाओं से बचाव रोकथाम के लिए किए गए सुरक्षात्मक उपायों की विस्तृत समीक्षा गई।
बैठक में उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा नगर परिषद चंबा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरों कस्बों तथा अन्य स्थानों पर जल निकासी प्रणाली की साफ सफाई आगामी मानसून आरंभ होने से पूर्व सुनिश्चित करें ताकि वर्षा ऋतु के दौरान ब्लॉकेज इत्यादि के कारण कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल पाइपों को सीवरेज प्रणाली से पर्याप्त दूरी पर रखें ताकि बरसात में पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के दौरान जिला में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के अतिरिक्त मरीजों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों का मुरमत व रखरखाव का कार्य भी सुनिश्चित की करें।
उपायुक्त में कहा कि गत वर्ष के मानसून सीजन के दौरान आई आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्यों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए गए प्रयासों में और अधिक सुधार करने की आवश्यकता है तथा इसके लिए संबंधित विभागों को यदि किसी प्रकार की आवश्यकता है तो वे जिला प्रशासन को यथाशीघ्र अवगत करवाएं। उन्होंने कृषि, पशुपालन तथा उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपदा के दौरान किसानों व बागवानों को होने वाले नुकसान की जानकारी पूर्ण विवरण सहित यथाशीघ्र प्रेषित करना सुनिश्चित करें ताकि प्रभावित लोगों को न्यूनतम समय अवधि में राहत प्रदान की जा सके। उपायुक्त सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-दो सुविधा युक्त राहत शिविर स्थल चिन्हित करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने आपदा की स्थिति के लिए दूरसंचार कंपनियों को दूरसंचार की वैकल्पिक व्यवस्था करने, लोक निर्माण विभाग को प्रमुख सड़क मार्गों पर निरंतर यातायात जारी रखने के लिए पर्याप्त मशीनरी तैयार रखने तथा जल शक्ति विभाग को आपदा की स्थिति में टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाने बारे भी निर्देशित किया।
उपायुक्त चंबा ने बैठक में उपस्थित विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं में चेतावनी प्रणाली के बेहतर कामकाज को सुनिश्चित करें ताकि जल विद्युत परियोजना से संबंधित किसी भी चेतावनी को आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं में सायरन ध्वनि की चेतावनी के अलावा जन संबोधन प्रणाली का इस्तेमाल भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए संबंधित क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी आमजन तक संदेश पहुंचा जाए।
बैठक में वर्षा ऋतु के दौरान कई अन्य विभागों से संबंधित संभावित चुनौतियों व खतरों तथा उनकी रोकथाम के लिए गए उठाए गए आवश्यक कदमों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा आपदा से बचाव व रोकथाम से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं बारे भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा, एसडीम प्रियांशु खाती, जोगिंदर सिंह अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जितेंद्र शर्मा अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग, भूपेंद्र सिंह उपनिदेशक कृषि विभाग, उद्यान विभाग के उपनिदेशक प्रमोद शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कमल किशोर शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी मंजुल ठाकुर, सहायक निदेशक (पशुपालन) डॉ मुकुल कैस्था, जिला कार्यक्रम अधिकारी (हेल्थ)डॉक्टर करण हितैषी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (प्लानिंग) डॉक्टर देवेंद्र सिंह, सहायक अभियंता(एन एच) वरिंदर ठाकुर सहित जिला चंबा में स्थापित विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधि गण भी उपस्थित थे जबकि विभिन्न उपमंडलों के उपमंडलाधिकारी (नागरिक) तथा खंड विकास अधिकारी बैठक में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे ।
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प्रथम चरण के मतदान के लिए सभी पोलिंग पार्टियां मतदान केन्द्रों पर पहुंचीं
चंबा, मई 25-उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) मुकेश रेपसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचायती राज सामान्य निर्वाचन-2026 के अंतर्गत प्रथम चरण के तहत मतदान के लिए सभी पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंच चुकी हैं तथा मतदान केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मतदान कार्य प्रातः 7 बजे आरंभ होगा तथा दोपहर 3 बजे समाप्त होगा।
उपायुक्त ने बताया कि सेक्टर अधिकारियों के माध्यम से सभी रिटर्निंग अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मतदान प्रक्रिया से संबंधित सभी औपचारिकताएं समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण हों।
साथ में उन्होंने यह भी बताया कि उपमंडल भरमौर तथा पांगी में मतदान प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी, जबकि जिले के अन्य उपमंडलों एवं विकास खंडों में मतदान का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण के तहत 118 ग्राम पंचायतों के 676 वार्ड, दूसरे चरण के तहत 115 ग्राम पंचायतों के 650 वार्ड तथा तीसरे चरण के अंतर्गत 86 ग्राम पंचायतों के 650 वार्ड में मतदान प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।
उन्होंने समस्त मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा 26 मई, 28 मई एवं 30 मई को मतदान कर अपने लोकतांत्रिक दायित्व का निर्वहन करने का आह्वान किया।
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जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक आयोजित
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की अध्यक्षता
युवाओं को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी : उपायुक्त
समाज में नशे के कारोबार और इससे जुड़े तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं :- मुकेश रेपसवाल
चंबा, 25 मई -उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय सूचना एवं विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में नार्को समन्वय समिति की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में जिले में नशीली दवाओं, मादक द्रव्यों की रोकथाम तथा उनकी धरपकड़ हेतु कार्यतंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में, विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों में चिट्टा एवं अन्य मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने युवाओं में तम्बाकू जैसे खैनी आदि के बढ़ते सेवन पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को कडी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश में तम्बाकू उत्पादों जैसे गुटखा, खैनी आदि के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा ऐसे उत्पादों के साथ पकड़े जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के प्रति जागरूक करने, उचित स्थानों पर नशा शिकायत पेटियां स्थापित करने तथा समय-समय पर परामर्श (काउंसलिंग) सत्र आयोजित करने के लिए विशेष नोडल अध्यापकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने साथ ही पुलिस विभाग को निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने हिमाचल पथ परिवहन के अधिकारियों को बस अड्डों पर डिजिटल स्क्रीन स्थापित कर नशा मुक्ति और नशे के दुश प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए साथ ही नशे की तस्करी रोकने हेतु विशेष रूट्स पर परिवहन की बसों में कैमरे स्थापित करवाने को भी कहा।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में संचालित स्नूकर क्लबों आदि का नियमानुसार नजदीकी पुलिस स्टेशन में पंजीकरण करवाना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि संबंधित संस्थानों की गतिविधियों की निगरानी एवं नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं जांच की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज में नशे के कारोबार और इससे जुड़े तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। नशे की तस्करी, बिक्री अथवा इसके प्रसार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी तथा ऐसे अवैध गतिविधियों पर पूरी कठोरता के साथ अंकुश लगाया जाएगा।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक विजय सिंह सकलानी ने बैठक की कार्रवाई का संचालन करते हुए बताया कि जिले में नशा विरोधी अभियान के तहत एनडी एंड पीएस एक्ट के तहत वर्ष 2026 में अब तक 43 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा कुल 15.578 किलोग्राम चरस, 371.64 ग्राम चिट्टा/ हीरोइन तथा 2.169 किलोग्राम पॉपी प्लांट बरामद की गई है। इन मामलों में कुल 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 44 आरोपित हिमाचल से व 20 बाहरी राज्यों से हैं।
उन्होंने बताया कि एनडीपीएस मामलों में संलिप्त 5 सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जिनमें से 2 को निलंबित, 1 सेवानिवृत्त तथा 2 को सेवा से बर्खास्त किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक दर्ज मामलों में से 33 मामलों की जांच जारी है, जबकि 10 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा चौकसी बढ़ा दी गई है व नशे एवं नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।