नीलोखेड़ी, 07.04.26- : “पंचायत विकास योजना के निर्माण की प्रक्रिया में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (पाई) को प्रभावी संकेतक और मापक के रूप में व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में भारत सरकार खासी गंभीर है। इसका उद्देश्य सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों को गांव-गांव तक पहुंचाकर उन्हें धरातल पर साकार करना है।”

यह जानकारी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी)विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला से लौटकर दी।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि इस कार्यशाला में ई ग्राम स्वराज समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजना निर्माण तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग को भी सुदृढ़ किया जाएगा।कार्यशाला में भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय में सचिव विवेक भारद्वाज, अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी, जलशक्ति मंत्रालय में सचिव अशोक के मीणा, पंचायती राज निदेशक विपुल उज्जवल और विजय कुमार आदि आला अधिकारियों ने देश भर से आए ग्राम विकास संस्थानो के निदेशकों, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया।