डीसी गंधर्वा राठौड़ ने पेयजल की गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
हमीरपुर 29 अप्रैल। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जिला में पेयजल की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने, पानी की नियमित रूप से सैंपलिंग एवं टेस्टिंग करने तथा सभी जलस्रोतों की सफाई के साथ-साथ आम लोगों को भी इसके प्रति जागरुक करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम और मॉनसून सीजन के दौरान जल जनित रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर विशेष ऐहतियात बरतने की आवश्यकता है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में जल शक्ति विभाग ने पेयजल के 1335 सैंपल लिए हैं। इनके अलावा फील्ड टेस्टिंग किटों के माध्यम से भी 865 सैंपल लिए गए हैं तथा 63 सेनिटरी सर्वे किए गए हैं। उन्होंने जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पानी की सही सैंपलिंग एवं टेस्टिंग के लिए आपसी समन्वय के साथ सैंपल उठाएं और इनकी रिपोर्ट साझा करें। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों और ग्राम पंचायतों को दी गईं फील्ड टेस्टिंग किटों का उपयोग भी किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि जल शक्ति विभाग के सभी टैंकों और सभी स्कूलों की टंकियों की नियमित रूप से सफाई करने के साथ-साथ इनकी लॉगबुक भी अपडेट होनी चाहिए। इनमें सफाई की तिथि और अन्य जानकारी दर्ज होनी चाहिए।
बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश गर्ग ने मिशन की गतिवधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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सड़क दुर्घटनाओं की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट्स को करें दुरुस्त
डीसी गंधर्वा राठौड़ ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में दिए निर्देश
हमीरपुर 29 अप्रैल। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला में सड़क की दुर्घटनाओं की आशंका वाले सभी ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार करने के लिए त्वरित कदम उठाएं तथा इसके लिए पुलिस के साथ भी समन्वय स्थापित करें, ताकि जिला में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाए जा सके। बुधवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स में कुछ आवश्यक सुधार करके सड़क दुर्घटनाओं को काफी कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर्स लगाने, जैबरा क्रॉसिंग्स, बस स्टॉप्स की मार्किंग, पार्किंग एवं नो-पार्किंग जोन चिह्नित करके जहां यातायात को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को डेढ़ लाख रुपये तक कैशलैस इलाज की सुविधा प्रदान करने हेतु आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने तथा प्रत्येक घायल के डाटा की तुरंत ऑनलाइन अपलोडिंग सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए। जिला सड़क सुरक्षा योजना और इससे संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर भी बैठक में व्यापक चर्चा की गई।
इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, एसडीएम संजीत सिंह, आरटीओ राजीव ठाकुर, समिति के सचिव एवं पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन दीपक कपिल और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
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शिक्षण संस्थानों के आस-पास संदिग्ध गतिविधियों पर रखें कड़ी नजर
नशे को रोकने के लिए नियमित रूप से करें छापेमारी: गंधर्वा राठौड़
हमीरपुर 29 अप्रैल। नशे की समस्या से निपटने के लिए गठित जिला स्तरीय नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक बुधवार को उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला में नशे की समस्या और इसे रोकने के उपायों पर व्यापक चर्चा की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन एवं तस्करी एक बहुत ही गंभीर समस्या है और विशेषकर, युवा पीढ़ी को इससे बचाने के लिए सभी के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे जिला में सभी संदिग्ध स्थानों और शिक्षण संस्थानों के आस-पास के क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखें। शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षण संस्थानों के प्रमुख भी अपने-अपने परिसरों के आस-पास कड़ी नजर रखें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। शिक्षण संस्थानों के हॉस्टलों, नशे के संभावित हॉट स्पॉट्स सुनसान स्थानों और केमिस्ट की दुकानों का भी नियमित रूप से निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि नशीले पदार्थों के सेवन एवं तस्करी में संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसा जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में संचालित किए जा रहे नशा उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों का भी प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि किन्हीं कारणों से नशे के जाल में फंस चुके युवाओं का समय पर उपचार किया जा सके।
इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह ने कहा कि नशे के कारोबार और सेवन में संलिप्त लोगों की सूचना टॉल फ्री नंबर 112 पर या ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ ऐप पर दी जा सकती है। इन पर सूचना देने वाले लोगों के नाम पूरी तरह गुप्त रखे जाते हैं। उन्होंने जिला में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। बैठक में एनकॉर्ड से संबंधित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
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नीट के परीक्षा केंद्रों पर किए जाएंगे आवश्यक प्रबंध
उम्मीदवारों की सुविधा के लिए चलाई जाएंगी विशेष बसें
हमीरपुर 29 अप्रैल। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा 3 मई को आयोजित की जा रही राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-नीट (यूजी)-2026 के लिए हमीरपुर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर भी एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए जिला प्रशासन की ओर से भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
इस संबंध में बुधवार को यहां डीआरडीए के हॉल में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसपी बलवीर सिंह, जिला हमीरपुर के परीक्षा केंद्रों के समन्वयक एवं उपायुक्त हमीरपुर के सहायक आयुक्त चिराग शर्मा और अन्य अधिकारियों ने विभिन्न प्रबंधों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर चिराग शर्मा ने बताया कि नीट-यूजी परीक्षा के लिए हमीरपुर शहर एवं इसके आस-पास के शिक्षण संस्थानों में कुल 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। उम्मीदवारों की सुविधा हेतु इन परीक्षा केंद्रों के लिए एचआरटीसी की विशेष बसें चलाई जाएंगी। पांचों परीक्षा केंद्रों के लिए अलग-अलग मैजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे और उम्मीदवारों की संख्या के अनुसार पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
सहायक आयुक्त ने पांचों परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों एवं संस्थान प्रमुखों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को एनटीए के दिशा-निर्देशों की अक्षरशः अनुपालना के निर्देश दिए, ताकि इस परीक्षा के दौरान किसी भी तरह का अनावश्यक विवाद उत्पन्न न हो।
बैठक में पांचों परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों, शिक्षा विभाग, डाक विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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जेबीटी की छंटनी परीक्षा का परिणाम घोषितहमीरपुर 29 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने जेबीटी (जॉब ट्रेनी) पोस्ट कोड-25004 के 600 पदों को भरने के लिए 25 से 27 फरवरी तक आयोजित कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर उपलब्ध करवा दिया गया है। आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण 948 उम्मीदवारों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 22 मई से आयोग के परिसर में आरंभ होगी, जिसका शेड्यूल अलग से अपलोड किया जाएगा और उम्मीदवारों को उनकी ईमेल आईडी पर सूचित किया जाएगा। उन्हें अलग से बुलावा पत्र नहीं भेजे जाएंगे। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय इन उम्मीदवारों को अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, इनकी फोटो प्रतियों के दो-दो सैट और आईडी प्रूफ इत्यादि साथ लाने होंगे।सचिव ने बताया कि अगर कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा।
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सुजानपुर में पहले दिन कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ
सुजानपुर 29 अप्रैल। नगर परिषद सुजानपुर के 9 वार्डों के लिए होने वाले चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन बुधवार को कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। एसडीएम एवं नगर परिषद सुजानपुर के निर्वाचन अधिकारी विकास शुक्ला ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार 30 अप्रैल तथा 2 मई को भी सुबह 11 से 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं।