चंडीगढ़, 24 अप्रैल – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि नारी शक्ति की अपार क्षमता को पहचानते हुए भारत अब धीरे-धीरे महिला सशक्तिकरण से आगे बढ़कर महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे राज्यों में महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, जो महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और उद्यमशीलता की बढ़ती भावना का प्रमाण है।

राज्यपाल आज चंडीगढ़ स्थित मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर विमेन (एमसीएम डीएवी कॉलेज) के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला, श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।

छात्रों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी । उन्होंने कहा कि नवाचार को प्रोत्साहित करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और उद्यमशीलता को सशक्त करने में युवा स्नातकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमसीएम डीएवी कॉलेज की छात्राएं महिला-नेतृत्व वाले विकास पर आधारित एक समृद्ध और प्रगतिशील भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी तथा अपने परिवार, संस्थान और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

स्नातक होने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए उनके निर्णय, परिश्रम और दृढ़ संकल्प ही उनके भविष्य को दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा असीम अवसरों के द्वार खोलती है—चाहे वह उच्च शिक्षा हो या पेशेवर जीवन—और सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता केवल उपलब्धियों में नहीं, बल्कि निरंतर आत्म-विकास में निहित है।

राज्यपाल ने कॉलेज प्रबंधन को भी बधाई देते हुए कहा कि पिछले छह दशकों में इस संस्थान ने अनेक प्रतिभाशाली छात्राओं को तैयार किया है, जिन्होंने देश-विदेश में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कॉलेज की उस प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसके तहत संस्थान समग्र, मूल्यपरक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है—ऐसी शिक्षा जो छात्राओं को बौद्धिक रूप से सक्षम, नैतिक रूप से सुदृढ़, सामाजिक रूप से उत्तरदायी और आध्यात्मिक रूप से जागरूक नागरिक बनाती है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने संकाय सदस्यों को पीएच.डी. की उपाधियां प्रदान कीं। साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया तथा कॉलेज की शोध पत्रिका ‘न्यू होराइजन्स’ का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम में डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति, नई दिल्ली के उपाध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रीतम पाल; राज्यपाल के एडीसी स्क्वाड्रन लीडर पी. भरत; पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण डीन प्रो. योगेश कुमार रावल; एमसीएम डीएवी कॉलेज की प्राचार्या सुश्री नीना शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।