बिलासपुर, 18 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग ने आज बचत भवन, बिलासपुर में अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। बैठक में आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा तथा शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि एससी आयोग जिला स्तर पर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहा है तथा अब तक प्रदेश भर में लगभग आधा दर्जन जिलों में इन बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रावधानों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित बनाने तथा पात्रों को लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि एससी समुदाय से जुडा कोई भी पात्र वंचित न रहे। इसके साथ-साथ एससी समुदाय की विभिन्न जन शिकायतों को सुनना तथा प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से समयबद्ध निवारण सुनिश्चित बनाना भी आयोग का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान कई कमियां सामने आई है जिस बारे उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध दुरूस्त करने तथा आगामी बैठक में पूरी तैयारी के साथ शामिल होने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है तथा जिला बिलासपुर में लगभग 26 प्रतिशत अनुसूचित जाति समुदाय की आबादी है। ऐसे में सभी अधिकारी एससी समुदाय से जुड़ी सभी योजनाओं को पूरी गम्भीरता के साथ क्रियान्वित करने का कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की कोताही पर आयोग पूरी गम्भीरता से संज्ञान लेगा।
कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि बिलासपुर में स्थापित इको पार्क को नशे के लिए दुरूप्योग होने का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस दिशा में ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल को नशा मुक्त एवं चिट्टा मुक्त बनाने का है, ऐसे में जिला पुलिस प्रशासन विशेष टीम गठित कर नशे में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आयोग के माध्यम से जो भी शिकायत संबंधित विभागों को प्रेषित की गई है, उन पर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्यवाही की रिपोर्ट आयोग को देना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिला में एससीडीपी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 73.13 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 71.24 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में 43.77 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इसी तरह जिला में 48 हजार 157 पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है, जिनमें 13 हजार 771 अनुसूचित जाति समुदाय से सम्बन्धित है। जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर लगभग 157 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के माध्यम से गृह निर्माण के लिए जिला में 2.58 करोड़ रूपये जबकि अंतर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना के माध्यम से गत तीन वर्षों में 3.45 करोड़ रुपये व्यय किए है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को प्रदेश सरकार ने 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये तथा अदरक का 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को इस बारे व्यापक प्रचार-प्रसार ने के भी निर्देश दिए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित किया जा सके।
इससे पहले उन्होंने बचत भवन में स्थापित डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र का अनावरण भी किया।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने अनुसूचित जाति आयोग का जिला बिलासपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों पर समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर जिला के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।