चंडीगढ़ | 15 अप्रैल, 2026-स्त्री सामर्थ्य फाउंडेशन द्वारा आज चंडीगढ़ के सेक्टर 38-C स्थित रानी लक्ष्मी बाई महिला भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में एक भव्य एवं प्रभावशाली टाउन हॉल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को देश की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक एवं युगांतकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समान अधिकार और सशक्तिकरण की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं, जिनका प्रभाव आज समाज के हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला बताते हुए कहा कि इस योजना ने बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है। इसके साथ ही ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज महिलाएं सेना, प्रशासन, शिक्षा, खेल और राजनीति सहित हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को समान अवसर देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें मातृत्व लाभ, वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिससे अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिली।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ आने वाले समय में महिलाओं को राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा तथा देश के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करेगा। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के सभी वर्ग मिलकर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं।
यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ और इसके माध्यम से समाज में जागरूकता को और अधिक व्यापक बनाने का सार्थक प्रयास किया गया।