तकनीक से बदल रही खेती की तस्वीर, ऊना के 39 हजार से अधिक किसान डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े
एग्रीस्टैक पोर्टल से बन रहा किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड
ऊना, 10 मार्च. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी व सरल तरीके से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य जिला ऊना में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पहल के तहत किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी भूमि, फसल और सरकारी योजनाओ से जुड़ी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके और योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
*जिले में तेजी से बढ़ रहा पंजीकरण
ऊना जिले के कृषि विभाग के उपनिदेशक प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से जिले में अब तक 39,373 किसानों को किसान रजिस्ट्री के तहत जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनीक फार्मर आईडी) प्रदान की जाएगी, जिससे किसान का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना और भी आसान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनने से किसानों से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होगी और विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनेगी।
*योजनाओं के लाभ में आएगी अधिक पारदर्शिता
प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि यह पंजीकरण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं के लाभार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे योजनाओं का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन सकेगी।
उन्होंने बताया कि इससे किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी, क्योंकि उनका पूरा विवरण डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।
*डिजिटल क्रॉप सर्वे से मिल रही सटीक जानकारी
उन्होंने बताया कि जिले में डिजिटल क्रॉप्स सर्वेक्षण प्रक्रिया भी जारी है। इसके तहत अब तक 71,444 सर्वेक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें से 27,498 सर्वे स्वीकृत हो चुके हैं। इस सर्वेक्षण में मोबाइल ऐप और जीपीएस तकनीक के माध्यम से फसलों की मैपिंग की जा रही है, ताकि किसानों की भूमि के रिकॉर्ड को फसल संबंधी जानकारी से जोड़ा जा सके।
इस प्रक्रिया से कृषि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना संभव होगा।
*लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से भी करवा सकते हैं पंजीकरण
उपनिदेशक ने बताया कि जिन किसानों का अभी तक इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द अपना ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्रेशन करवा लें। किसान अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या संबंधित पोर्टल
https://hpfr.agristack.gov.in/farmer-registry-hp/# के माध्यम से यह प्रक्रिया नि:शुल्क पूरी कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, भूमि का कोई भी खसरा नंबर तथा आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर आवश्यक रहेगा।
*किसानों को जागरूक करने के लिए चल रहा अभियान
कृषि विभाग द्वारा किसानों को इस पहल के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़ सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
*उपायुक्त बोले...अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से मिलेगा योजनाओं का लाभ *
उपायुक्त जतिन लाल ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को किसानों को इस पहल के प्रति व्यापक रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।
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*जिला में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक*
*समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकास कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश*
ऊना, 10 मार्च। उपायुक्त जतिन लाल ने आज (मंगलवार)को अपने चैम्बर में लोक निर्माण, जल शक्ति, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर जिला ऊना में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों बनाए रखी जा सके।
उपायुक्त ने बल्क ड्रग पार्क से संबंधित जल शक्ति विभाग द्वारा लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पंडोगा-त्युडी पुल तथा करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये की लागत से गवर्नमेंट कॉलेज हरोली के निर्माण कार्यों सहित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों के विस्तार से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की।
जतिन लाल ने कहा कि विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी समीक्षा बैठक में सभी विभाग अपने-अपने विकास कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित हों, ताकि परियोजनाओं की स्थिति का सही आकलन कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
इस मौके पर सहायक आयुक्त वरिन्दर शर्मा, लोकनिर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता देवानंद, सीएमओ ऊना डॉ संजीव वर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
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आरटीओ कार्यालय ऊना में मोटर साइकिल की नीलामी 16 मार्च को
ऊना, 10 मार्च। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय ऊना में 16 मार्च को सुबह 11.30 बजे मोटर साइकिल की नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।आरटीओ ऊना अशोक कुमार ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले बोलीदाता वाहन का निरीक्षण नीलामी वाले दिन सुबह 10 से 11 बजे के बीच कर सकते हैं। नीलामी समिति की ओर से वाहन का आरक्षित मूल्य केवल 18,500 रुपये निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि बोलीदाता को नीलामी में भाग लेने के लिए एक हज़ार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाने होंगे, जोकि नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने पर असफल बोलीदाता को वापस कर दिए जाएँगे। साथ ही, सफल बोलीदाता की सिक्योरिटी को भुगतान राशि में समायोजित किया जाएगा।इसके अतिरिक्त इस कार्यालय द्वारा बिना कोई कारण बताए बोली को स्वीकार और अस्वीकार करने का अधिकार है। अधिक जानकारी के लिए आरटीओ कार्यालय ऊना या कार्यालय के दूरभाष नंबर 01975-203020 पर संपर्क किया जा सकता है।